जीवन साथी बनीं मां

दोस्तों मैं अनिल कुमार जो कहानी आप लोगों को बीच प्रस्तुत करने जा रहा हूं कहानी ही नहीं मेरे जीवन में परिवर्तन लाने वाली एक सच्ची घटना है मैं इस घटना को किसी के साथ शेयर नहीं कर सकता इसलिए कहानी के माध्यम से आप लोगों के बीच में प्रस्तुत कर रहा हूं

या कहानी मेरी ओर मेरी मां के साथ घटित एक सच्ची घटना है मेरी मां का नाम उषा देवी है और उनकी उम्र 35 वर्ष की हैं और उनकी लंबाई 5 फिट 3 इंच  है और उनकी चुचियों के साइज 36 होगी वह गोरी दूध की तरह है और मेरी उम्र 22 वर्ष है मेरा रंग सांवला है क्योंकि मैंं अपने बाप पर गया हूं, मैं बिहार दरभंगा जिले का रहनेे वाला हूं , मेरी यह घटना 2 साल पहले की है.
7 साल पहले मेरे पिताजी  छोड़ के जाने के बाद मैं और मेरी मां अकेले रह गए और पैसे की बहुत तंगी होने लगी, मुझे अपनी पढ़ाई बीच में ही में छोड़नी पड़ी और पैसेेेे कमाने के लिए पहले दिल्ली में कुछ दिन इंदौर रहा लेकिन कुछ मामला सेट नहीं हो रहा था उसके बाद इंदौर में एक लड़के से मेरी दोस्ती हो गई वह लड़का मुझे अहमदाबाद में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में जॉब दिलवा दिया, 8 महीने जॉब करने के बाद मैं घर चला गया,  मां घर पर अकेली रहती है मेरे घर पर बहुत कोई आता जाता नहीं था क्योंकि मेरा घर गांव से कुछ दूरी पर खेत में बना था मैं  मां को अपने साथ अहमदाबाद लेकर आ गया सब ठीक चल रहा था.
पहले मुझे दिमाग में ही नहीं था कि मैं कुछ मां केे साथ चोदने का सोच ही नहीं थी मैं हमेशा सोचता था कि मैं पैसा कमाने लगूंगा तो एक घर बनाऊंगा और एक अच्छी लड़की देख कर शादी करूंगा लेकिन कहते हैं भगवान को मंजूर होता है उसके आगे आदमी की सारी इच्छाएं रखी रह जाती हैं आदमी सिर्फ जीवन केे रंगमंच का एक पात्र है उसे अपने जीवन में उसी नाटके दिए हुए पात्र में डलना पड़ता है सब विधि का विधान पहले से रचित है अब मैं अपनी कहानी पर आता हूंं जो मेरे जीवन को आनंद से भर दी है.
मुझे आज भी याद है रविवार का दिन था ऑफिस नहीं जाना था  मैं लगभग 9 बजे तक सोता रहा मेरी आंख खुली तो मैं  बाथरूम की तरफ अंडरवियर और बनियान में भागा क्योंकि मुझेेे बहुत तेजी से पेशाब लगी थी बाथरूम और टॉयलेट कंबाइंड थे बाथरूम का दरवाजा झटके से खोला  तो देखा कि मां नंगी होकर अंडरवियर में  नहा रही है , और अपनी चुचियों में साबुन लगा रही थी. मैं बहुत जल्दी मेंं था मां से बोला मुझे पेशाब करना है तुम 2 मिनट के लिए बाहर चली जाओ मां बोली मैं इधर सिर कर ले रही तुम कर लो, मैं पेशाब करने लगा और कनखियों से शीशे में मां के तरफ देख रहा था आगे शीशा ऐसा लगा था जिसमें सब दिख रहा था मैं देखा कि की मां तिरछी नजर से मेरेेेे लंड को  देख रही थी.
मैं मन ही मन पता नही क्यों आज खुश हो रहा था, आज से मेरी नियत बदल गई थी पता नहीं मुझे क्या हो गया था मां कीी चुचियों घूरना मौका मिलने पर मां को टच करना बहुत आनंद दे रहा था पता नहीं मुझेे क्या मजा मिल रहा था. मैंं ऑफ़िस से जल्दी आने की इतनी तेजी होती थी आज मुझेेेे मौका मिल  गया था मां बाथरूम में फिसल गई थी और कॉल आया मैं भागते हुए घर पहुंचा देखा मां किसी तरह बिस्तर पर लेटी हुई थी. मैं तुरंत मां को बाहों में उठाया, ओला बुक कर दिया और हॉस्पिटल पहुंच गया एक्सरे होने के बाद पता चला की मां को मोच आ गई है इन को कम से कम 2 महीने रेस्ट करना पड़ेगा यह 2 महीने चार पैर वाले बैसाखी के सहारे चलना पड़ेगा.
मैं मां को घर लेकर आया और फिर बाहों में उठा कर बिस्तर पर सुला दिया, मां को टॉयलेट ले जाना खाना खिलाना दवा खिलाना सब मुझेे करना पड़ रहा था रात में मां के जांघ पर नमक पानी से धुलाई करके दवा लगानी होती थी और गर्म पट्टी बांधनी पड़ती. मैं पानी गर्म करके ले आया मां को उल्टा करके उनके सलवार को खोल दिया मां शर्म कर रही थी लेकिन करती भी तो क्या हम दोनों के सिवा कोई नहीं था मैं मां के चूतड़ को देखने लगा मानव की  संगमरमर हों, मेरी नियत बदल रही थी. मैं कपड़े को भिगोकर मां के पिछवाड़े पर पानी से सिकाई करने लगा और अपने लंड को हाथ में पकड़ लिया लंड तन गया था मानो किसी पहाड़ को भी चीर देगा.
मैंं अपने हाथ को कभी कभी मां के चूतड़ तक ले जाताा था मां को एहसास हो रहा था किसकी नियत सेक्स करने की है. फिर मैं थी मां की चूतड मालिश करके गर्म पट्टी से बांध दिया. इसके बाद मां को अपनेेे बगल मेंं सोने को बोला कि रात में तुम्ह बाथरूम जाना होगा तो बता देना दूसरे दिन फिर उसी तरह मालिश किया. तीसरेेे दिन जाकर मैं मां को नहाने के लिए कहा मां बोली कैसेे नहाऊगी , मैं बोला मैं तो हूं ना मैं मां को अपनी बाहों में उठाकर बाथरूम मेंं ले एक कुर्सी पर बैठा दिया, और उनके सारे कपड़े उतार दिए, फिर मां के ऊपर पानी गिराने लगा और फिर उनकी चुचियों पर  साबुन से मालिश करने लगा चूचियां बहुत मुलायम थी मेरा लौड़ा एकदम तना हुआ था. फिर मां केे चूत में साबुन लगाया और फिर धीरे-धीरे उनके उनके चूत और चूचियों को हाथों से रगड़ रगड़ कर साफ किया मां समझ चुकी थी की मुझे चोदनाा चाहत है, लेकिन कहेेे तो कैसे कहें.
फिर मैं मां को अपनी बाहों में मैं उठाया लाकर बिस्तर पर बैठा दिया और उनके सारे बदन को कपड़े से पोछा और फिर बिकिनी ब्रा और सूट सलवार पहनाया उसके बाद उनकेेे लिए खाना बनाया, उनके बदन को पोछने और नहलाने के दौरान मेरा लंड अपना पानी छोड़ चुका था. मां को मेरे लोअर पर पूरी साफ तरीके से मेरे लंड का पानी दिख रहा था. मां देख कर अपना सिर घुमा ली और कुछ नहीं बोली लेकिन समझ गई थेीं कि मेरा बेटा मुझेे चोदना चाहता है, इसी तरह लगभग एक महीना बीत चुका, और आज रविवार की छुुट्टी होने के कारण  मुझे काम पर नहीं जाना था मैं मां को रोज की तरह बाथरूम ले गया टॉयलेट कराया.
उसके बाद उनके सारेे कपड़े उतार और नहलाया इसके बाद नमक पानी से सिकाई किया और कपड़े पहनाने में आज पता नहीं क्यों मैं मां को अपने दिल की बात बताना चाहता था. आज मैंं मूड बना लिया था की मां चाहे जो समझें आज तो मां को अपने दिल की बात बता कर ही रहूंगा. अब तो मैं मूड बना लिया था कि मैं शादी भी अपनी मां के साथ ही करूंगा अगर मान जाती है तो मैं मां को ब्रा पहनाने समय मां के होठों को चूमने लगा मां अपने पास से मुझे दूर हटा दी और कहने लगी बेटा गलत है मैं तुम्हारी मां हूं मैं  मां मैं तुमसेेे बहुत प्यार करता हूं और उनके पैर को पकड़ लिया मैं बोला मैं जितने दिन तुम्हारी सेवा किया हूं. अपनी पत्नी मान कर किया हूं, मैंं तुम्हारे बिना जिंदा नहीं रह पाऊंगा.
मैंं उनके पैर को पकड़ कर रोने लगा मां बोली बेटा सुनील यह गलत है मैंं तुम्हारी मां हूं, समाज मुझे क्या कहेगा लोग जानेंगे तो हमारा जीना हराम कर देंगे मैं तुम्हारे फिलिंग्स को समझताी हूं, लेकिन बेटा मैं मजबूर हूं, मै कहा समाज तुम्हें खिलाता नहीं है तुम्हारे बारे में तुम्हारा बेटा सोचता, और हमें यहां कौन जानता है हम लोग घर की जमीन बेचकर यहीं पर अपना मकान बनवा लेंगे और पति पत्नी की तरह रहेंगे मां.
मैं मां के चुचियों को अपने हाथ से पकड़ लिया और दबाने लगा मां बिना कपड़े की थी .चादर से अपने बदन को ढक लिया, मैं मां से बोला मां मैं तुम्हारे चूचियों को चूत को कितनी बार मालिश किया कितनी बार टच किया हूं तुम्हें अब छुपाने की जरूरत नहीं है.  मुझे अपनाा बेटा मानो या कुछ मानो लेकिन मैंं अब तुम्हें अपनी जिंदगी दे चुका हूं मैंं किसी और के  साथ नहीं रहूंगा, मां मेरी बात मानते क्यों नहीं हो तुम अभी बच्चे हो तुम्हेंंं कुछ नहींं पता, मैं गुस्से से उठा और बाहर चला गया और रात में लगभग 8:00 बजे आया खाना बनाया मां को खाना खिलाया और सो गया 2 दिन तक खाना नहीं खाया मां जिद करती रहेी, लेकिन मैं एक ना सुना मां अपनेेेे फैसले पर अडिग थीं कि उनको डर लग रहा था कोई जान जाएगा तो क्या कहेंगा..
मैं तीसरे दिन शराब पीकर आकर नशे में फर्श पर ही सो गया दूसरे दिन काम पर नहीं गया  फिर शराब लाया फिर शराब पिया , और सो गया शाम को जब मेरी आंख खुली तो मां मेरे बगल में बैठी थी  बोली मैं तुम्हारे प्यार के आगे हार गई प्यार की जीत हुई प्यार में  बहुत ताकत होती है , तुमने आज मुझे अपना बना लिया, तुम भी मुझे जब मालिश करते थे  नहलाते थे तो मेरा भी मन धीरे धीरे तुम्हारे प्यार में डूबता चला गया तुम्हारा प्रेम मेरे प्रतिज्ञा पर भारी पड़ गया समाज केेेे बनाए हुए नियम तोड़ डाला मुझे दुनिया का डर नहीं है क्योंकि तुमसे ज्यादा प्यार करने वाला यह दुनिया में शायद ही कोई होगा मैं तुम्हारेे प्यार को ऐसे ही जाने नहीं देना चाहती मैंंं सच्चाई जान गई.
तुम मेरे शरीर के हर कोने को टच किए हो अब तुमसे कैसा शर्माना एक ही काम तो नहीं की हो सिर्फ मेरे चूत में अपना लौड़ा**नहीं डाले हो लेकिन मेरे नाम के कितने मुठ मारे हो कितनी बार अपनी चड्डी गीली कर डाले हो मैं सब जानती हूं और सब देखती थी मैं भी बहुत कंफ्यूज थी कि  क्या मैं फैसला लूं या नहीं ले पा रही थी,, मैं तुमसे एक वादा चाहती हूं, अगर तुम मेरे साथ रहना चाहते हो मुझसे एक वादा करो  तुम मुझसे शादी करोगे और मेरे सिवा किसी औरत को हाथ नहीं लगाओगे और मैं मां के सिर पर हाथ रख कर  कसम खाया मरते दम तक तुम्हारा साथ दूंगा तुम्हारा पतिदेव बना रहूंगा,
मैंं मां के गोरी गोरी चूचियों को पकड़ लिया और अपने  होठों को मां के होठों पर रख दिया और किस करने लगा, मां की चुचियों को रगड़ने लगा और मसाले लगा मां पहली बार अपनेेे मुंह सेे आवाज निकाल रही थी मां के सााथ लगभग 2 महीने हो गए थे उनके चुचियों और चूतड़ों पर ना जानेे कितनी मालिश किया हूं लेकिन कभी भी वह मुझे यह एहसास दिलाने नहीं दिया इनको कोई फर्क पड़ रहा है लेकिन आज मां अपने होठों से नशेड़ी आवाज निकाल रही थी  जिससे मैं मदहोश हो रहा था  सबसे अच्छी बात है मां मेरा खुद साथ दे रही थी थे वह मेरेे होंठ को चूसने लगी और बोलने लगी  हूं  दिल से शुक्रिया अदा कर रही हूं तुम मुझे अपनेे काबिल समझेे, मुझे अपनी दुल्हन बनाने के सपने देखे तुम्हें बहुत सी लड़कियां मिल जाती जो तुम्हारी उम्रर की होती.
मैं बोला कि मां प्यार सबसे जरूरी होता है जितना प्यार तुमसे करता हूं उतना किसी से नहीं कर पाता क्योंकि जो मजा मां के साथ चूदाई में है इतना मजा दुनिया में किसी के साथ चूदाई करने में नहीं है सबको अपनी मांं को चोदने का सौभाग्य प्राप्त नहींं होता, दुनिया में मेरे जैसे बहुत कम भाग्यशाली हैं जो अपनीी मां शारीरिक सुख देने का भाग्य मिला है उन्हीं में से मैं एक हूं जिसको तुमने अपना बना कर इस जीवन को धन्य कर दिया मुझे जीने का उद्देश्य मिल गया जीने का मकसद क्या होता है यह तुमने बताया, मां बोली क्या और लोग होंगे दुनिया में जो अपनीी मां जिंदगी काे सफर में साथ देेेत  होंगे, मैं बोला मां मैं भी जब पहली बार तुम्हारे साथ यह करने को सोच रहा था तो मैं भी यही सोच रहा था तब जाकर में मैं नेट पर मां बेटे  की sex स्टोरी पढ़ी देखा बहुत लोग ऐसा करते हैं जो समाज में अपनेेे रिश्ते को छिपाकर जीवन में मां के साथ आनंद ले रहे हैं यही सब कहानियां जिंदगी में जीने का मकसद दी है इनका मैं हमेशा शुक्रिया अदा करता हूं.
मां की चूची को मचलने लगा और उनके दूध को पीने लगा 10 मिनट उनके चूची को पीने केे बाद मैं उस पानी के भाव सागर में डुबकी लगाने जा रहा था जिसको हर इंसान सपने देखता है मैं मां के चूत पर अपने होंठ रख  दिया और जीभ से उसको चूसने लगा और उनके खारे पानी को अपने अंदर आनंद की अनुभूति लेते हुए रसपान करने लगा मां मेरे सिर को अपनी च** में  घुसाने  लगी और बोल रही थेी अपनी मां के चूत के सारे पानी को तुम पी जाओ तुमने आज मुझे जवानी के दिन याद दिला दिए और चूतड में मेरा सिर घुसाने लगेी, चोद बेटा अपनी मां के च** को दुनिया में एक इतिहास रचदे मां को मांं बना.
15:20 मिनट चूूत का रसपान करनेेे के बाद मैं अपना लंड़ मां के मुंह मेंं डाल दिया और बोला रानी अपने बेटे के लंड के रस का स्वाद लो जो तुम्हेंंं जन्नत की सैर मां जोर जोर से मेरे लंड को चूसने लगी और कहने लगेी मैं उसी दिन जिस दिन , तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई थी जिस दिन तुमने पहली बार बाथरूम में अपना लंड मेरे सामने खोला था मेरा तो मन उसी समय कह रहा था कि तुम्हारे लौड़े को अपने चूतड में डाल लू लेकिन मेरा बेटा मेरे सोच को हकीकत मेंें बदल दिया, फिर मैं अपने लंड को मांं की चूत में डालने लगा मां की चूूत चुदाई नहीं होनेे के कारण बहुत टाइट थी.
मेरा लंड मांं की  चूत मेंंं नहीं घुस रहा था मां ने मेरे लंड पर क्रीम लगा दी और बोली डाल बेटा  अपनी  लंड मां की चूत मेंरा जानेेे के लिए बेताब था लंड को झटके से मां की चूत में दे डाला मांं चिल्लाने लगी दर्द हो रहा है बेटा धीरे धीरे कर मैंं कहां मानने वाला लंड की स्पीड बढ़ा रहा था मदद के दर्द से बचने के लिए मेरे कमर पर अपना हाथ लगाई हुई हां हा चोद बेटा चोद बेटा आज अपने मां की चूत को अपने दुनिया की सैर करा दे जोर जोर सेे झटके जोर जोर से आवाज निकाल रही थी बेटा बेटा चोद बेटा अपनी मां को जितना मां को चोदने में आनंद आता है उतना अनंत दुनिया में किसी काम में नहीं आ सकता. या एक सपने के बराबर होता है जैसे चांद पर जानाा है, माां को चोदता रहा और 20 मिनट में झड़ गया और सारा पानी मां की चूत में* डाल दी, मैं और मां चिपक कर सो गए उस रात में मां को चार बार अलग अलग तरीके से चोदा मां बड़ी खुश दिख रही है, दोस्तों यह कहानी जो मेरी सच्ची है आप लोगोंं को कैसी लगी अपनी राय हमको जरूर दें.