Mastaram.Net

100% Free Hindi Sex Stories - Sex Kahaniyan

माँ के साथ 69 पोजीशन में वार

हैल्लो दोस्तों, मेरी मस्तराम डॉट नेट पर यह पहली कहानी है और में जौनपुर में रहता हूँ, में अपने माँ बाप का इकलोता लड़का हूँ। मेरे पापा का अमेरिका में बहुत बड़ा बिजनेस है, वो वहीं रहते है और 2-3 महीने में ही घर आते है। मेरी उम्र 20 साल है, में स्टूडेंट हूँ और मेरा लंड 10 इंच का है। हमारे खानदान में सभी लंड 7 इंच से कम नहीं है, मेरे पापा का लंड 8 इंच का है। मेरी माँ का जिस्म बदन तो 47 की उम्र में भी कयामत ढाता है। माँ का बदन साईज 46-29-46 का है और मेरी माँ हमेशा से कसरत करती थी। ये बात उन दिनों की है जब पापा को गये हुए 3 महीने ही हुए थे कि माँ को बुखार हो गया और बुखार अचानक से 105 डिग्री हो गया, तो में माँ को लेडी डॉक्टर के पास ले गया। तो डॉक्टर ने कहा कि इन्हें बहुत गर्म रखना होगा और फिर वो माँ को पर्दे के पीछे ले गई और मुझे वहाँ बैठने को कहा, तो मैंने छुपके से देखा, तो वो अपने आपको और माँ को टॉपलेस कर रही थी। अब मुझे माँ का एक बूब्स और डॉक्टर की पीठ साफ-साफ़ नज़र आ रही थी और फिर वो माँ के ऊपर लेटी रही।

फिर 10 मिनट के बाद वो मुझसे बोली कि इन्हें ले जाओं और यह दवाई खिला देना और गर्म रखने की कोशिश करना। में तो अपनी माँ को बहुत चाहता था, में हमेशा से सोचता था कि माँ तो माँ है जिसकी चूत में से हम निकलते है तो थोड़े बड़े होकर अपनी माँ की ही चूत में अपना लंड भी तो डाल सकते है, आख़िर यह लंड भी तो इस माँ की चूत से निकला है। फिर हम घर आए और माँ को बेड पर लेटा दिया और उनको खाना दिया, कंबल दिया, लेकिन अब मेरे दिमाग़ में तो डॉक्टर वाला सीन ही घूम रहा था। फिर माँ ने कहा कि बेटा मेरे सीने में बहुत दर्द हो रहा है, तो मैंने माँ को कहा कि डॉक्टर के पास चलते है। फिर वो बोली कि नहीं तू थोड़ी देर मेरे सीने से लग जा, सही हो जाएगा। फिर में माँ के ऊपर लेट गया, तो माँ ने कहा कि बेटा तेरे बदन की गर्मी से अच्छा लग रहा है।

फिर मैंने अपना एक हाथ माँ के बूब्स पर रखा, तो माँ बोली कि बेटा ज़रा दबा दे, तो मैंने दबाना शुरू किया, मेरी माँ के बहुत ही सॉफ्ट बूब्स है। अब माँ हल्के से आआहह कर रही थी कि अचानक से मेरा लंड पूरे जोश में आ गया और अब में माँ की चूत को ज़ोर से दबा रहा था। फिर माँ बोली कि बेटा मुझे तेरा लंड चुभ रहा है, तो में यह सुनकर हैरान हुआ। फिर माँ बोली कि में जानती हूँ कि तू रोज़ मेरे नाम की मुठ मारता है और मुझे चोदना चाहता है, तेरा बाप तो सिर्फ़ एक बार ही चोदता है, चल आज तू जो चाहे अपनी इस माँ के साथ कर ले, चाहे तो मुझे रंडी बना, चाहे छिनाल, चाहे अपनी रखेल। फिर में बहुत खुश हुआ और माँ के बूब्स को ज़ोर-जोर से दबाने लगा, अब माँ आहहहहह ऊहहहहह करने लगी थी।

फिर मैंने माँ से कहा कि माँ अपने कपड़े उतारो ना। तो माँ बोली कि बेटा यह समझ कि आज से में तेरी बीवी हूँ और आज हमारी सुहागरात है, तो खुद उतार दे। फिर मैंने माँ को ज़मीन पर खड़ा किया और उनके पीछे आ गया और माँ के बाल खोलकर उनके बूब्स पर रखे और उनके बूब्स दबा दिए और फिर माँ की कमीज़ उतारी, उनकी ब्रा खोली और फिर उनकी सलवार उतारी और फिर उनकी पेंटी भी उतार दी और फिर खुद को भी नंगा किया।

अब हम माँ बेटे नंगे होकर अपनी सुहागरात मना रहे थे। फिर मैंने माँ को एक ज़ोर के झटके के साथ अपनी तरफ घुमाया और उनके होंठो से अपने होंठ मिला दिए। फिर मैंने 10 मिनट तक तो ज़ोरदार किस किया और फिर नीचे बैठकर उनकी चूत चाटने लगा और ऊपर अपने एक हाथ से उनके बूब्स दबा रहा था। अब में और माँ सातवें आसमान पर थे, फिर हम ज़मीन पर 69 की पोज़िशन में आ गये और फिर 10 मिनट के बाद हमने एक साथ अपना पानी छोड़ा और पी गये।

फिर में सीधा हुआ और माँ के बूब्स को दबाने लगा और उनके निपल को ज़ोर से चूसा, तो उनके बूब्स में से अचानक दूध निकल पड़ा। अब माँ अपने मुँह से आआह, हाईईईईई कर रही थी। फिर 20 मिनट तक दूध पीने के बाद मेरा लंड फिर से तैयार हो गया तो में अपना 10 इंच का लंड अपनी सेक्सी खूबसूरत माँ की चूत में डालने लगा और माँ के दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया और धीरे-धीरे अपना लंड उनकी चूत में डालने लगा और उनके बूब्स को जोर से पकड़कर मसल रहा था।

फिर माँ जोर से चिल्ला पड़ी आहहहहह छोड़, तेरी माँ मर जाएगी, ऊओ निकाल ले बाहर, आह में मर गयी बेटा। अब में तो मजे में था और माँ को गलियाँ भी दे रहा था आआह मेरी जान, मेरी रंडी, तुझे तो अपने बच्चे की माँ बना दूंगा, कुत्तिया रंडी की औलाद, छीनाल, मेरी बीवी, मेरी डार्लिंग रंडी। फिर माँ बोली कि हाँ भोसड़ी के मेरे राजा मादरचोद, कुत्ते की औलाद, किसी रंडी के कुत्ते, आज तो बना दे अपनी माँ को अपनी बीवी और अपने बच्चे की माँ।

फिर 15 मिनट के बाद मेरा प्यार भरा रस माँ की चूत में ही छूट गया और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने माँ की चूत में से मेरा लंड बाहर निकाला और फिर 30 मिनट तक माँ के ऊपर वैसे ही पड़ा रहा और उनके बूब्स का दूध पीता रहा। अब माँ तो मेरे लंड की दीवानी होकर मेरे लंड से खेल रही थी। फिर जब मेरा लंड फिर से तैयार हुआ, तो में माँ से बोला कि चल मेरी माँ रंडी अब तू कुत्तिया बन और में तेरा कुत्ता तेरी गांड फाड़ दूँगा। फिर वो बोली कि नहीं मेरे बेटा इमरान आज नहीं फिर कभी, आज में बीमार हूँ और तेरा लंड मेरी गांड में जाएगा तो में मर ही जाऊँगी। फिर में बोला कि अच्छा रंडी जैसा तुम चाहो मेरी रखेल। फिर में माँ की निप्पल को अपनी उंगलियों के बीच में रखकर मसलने और उनकी चूत को चाटने लगा और फिर हम इसी पोज़िशन में नंगे ही सो गये ।।

आप इन सेक्स कहानियों को भी पसन्द करेंगे:

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control

error: Content is protected !!