शराफत की देवी मेरी बहन- 9

शराफत की देवी मेरी बहन- 8

दोस्तों मैं सूरज कुमार अपनी कहानी को आगे बढ़ाते हुए आप लोगों का शुक्रिया अदा कर रहा हूं मेेरी कहानी का शीर्षक शराफ़त की देवी मेरी बहन  खूब बैठता है वह मेरे लिए किसी देवी से कम नहीं है, जो उसने मेरे लिए किया, दुनिया में कोई भी इंसान किसी के प्यार में नहीं कर सकता। बहन गुस्से वाली है अगर कोई प्रेम से उसे कोई भी बात मनवा लेंगे लेकिन अगर गुस्से में आकर आप जबरदस्ती करेंगे तो वह कुछ भी ग़लत कर जागेयी, अगर मां प्रेम से अगर बहन को समझाने की कोशिश की होती तो। बहन। शायद मान जाती मां ने बहन को मार कर अब गलत कर बैठी अब बहन को रोक पाना नामुमकिन है, मैं बहन को बहुत समझाया और बहुत प्यार किया था जो बहन आज मेरे साथ कुछ भी करने को तैयार हैं ये वही बहन है जो कभी अपनी इज्जत के लिए मुझसे अपने चूत के अंदर मेरा लन्ड लिया था लेकिन अब मेरेे साथ शराब तक कर ली है

उम्मीद भी मैं ने किया था कि मैं अपनी बहन को चोद पाऊंगा, लेकिन कभी इज्जत के लिए तो कभी प्याार के लिए वही बहन मेरी पत्नी बन गई ,बहन को पागल पन से मुझे डर लगने लगा है, जो बहन कभी इज्जत केखातीर अपने सगे भाई से चुदाई करवा ली थी और वह आज शादी कर के घर से भागकर कहीं भी मेरे साथ रहना चहती है अब उसको इज्जत की परवाह नहीं है, लेकिन मैं सोच रहा था कि बहन के साथ भाग कर मैं मां और पापा को समाज में कैसे मुंह दिखाएंगे , लेकिन बहन को अब इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता था वह बस मेेे साथ रहना चहती है और मैं यह मान लिया था कि अगर बहन नहीं मानी तो ही मैं बहन को लेकर।

भागूूंगा जब मेेेर पास कोई रास्ता नहीं बचेगा, मैं बहन को समझाने की कोशिश कर रहा था मां मार के बहुत गलत कर लिया था. उस रात मां को चोदने के बाद मैं अपने कमरे में सोने चला आया। कुछ देर बाद बहन आ गई और बोली मुझे नींद नहीं आ रही है मैं बोला जाओ नहीं तो मां जग जायेगी लेकिन बहन नहीं मानी, आकर मेरे लंड पर हाथ रख दिया मेेा लन्ड छोटा हो गया था बहन न बोलामां की चूदाई करके लंड को ढीला कर लिया हो, तुमको मां को चोदने का मौका मिल गया तुम मां को भी चोद लिया, तुम मां बहन दोनों को चोदने का जो सौभाग्य मिला है वह किसी भी इंसान को नहीं मिल सकता हैबहन बोली।

पतिदेव अब मेरी गर्मी कौन निकालेगा, मेरे लंड पर हाथ रखकर दबाने लगी और कहने लगी , मां के चूत में लंड डालकर चोदने में मज़ा आता है कि अपनी पत्नी को चोदने में, मैं माहौल को देखते हुए बोला रानी तुमसे ज्यादा मजा मुझे किसी के चूत में नहीं आता,लेकिन मुझे मां के चूतड़ और विशालकाय चूचियों के आगे आज बहन के चूत और चूचियों में आज उतना मजा नहीं आ रहा था आज बहन गुस्से में आकर अपनी चूत की अहमियत कम कर ली थी, आज से पहले मैं कभी भी बहन के चूत और पीछे की ओर निकला हुआ चूतड मुझे सबसे ज्यादा मजा देता था,लेकिन मां की चूतड बहन से कहीं ज्यादा निकला हुआ था और विशालकाय चूचियों का तो तुलना ही नहीं हो सकता जो मेरे लंड को दर्शन करने के बाद अब तो मुझे मां को उसी समय दूबारा चोदने का मन कर रहा था लेकिन बहन से कह नहीं सकता था।

अब अगर बहन  से मां को चोदने को कहा तो बहन ये समझेंगी की मैं खुद नहीं घर से बाहर जाना चाहता हूं,अगर जो मां को चोदने का मौका मिलेगा वह भी खत्म हो जाएगा मैं अब इस अवसर को हाथ से नहीं जानें देना चहता था,मैं बहन के होठों को चूमने लगा और धीरे धीरे बहन के चूत में अपनाे ओंठ को लगा दिया बहन के चूत से पानी निकल रहा था और बहन के चूत को चाटने लगा बहन अपने हाथों से मेेेरा सिर चूत में दबाने लगी और कहने लगी भाई तुम मुझे ले चलो मुझे तुम्हारे साथ खुल के जीवन साथी बाद के जीना है ,चूत में मुंह होने की वजह से मैैंबोला नहीं पा रहा था बहन  अह आह आह आह आह आह चाट भाई चाट चूत को बहन भाई को मां कब तक रोकेगी ,मेरा लन्ड पूरा खड़ा हो गया मैं बहन के मुंह में लंड डाल दिया और बहन के मुंह में अंदर तक घुस दिया बस सांसें रुक जाती थी मैं जोंस में सब भूल गया था।

फिर मैंने अपना लन्ड बहन के चूत में डाल दिया चोदने लगा, और भादो से बहन की चूचियों को दबाने लगा बहन अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी और बोल रही थी भाई अपनी बहन को मां बना दो जिससे हम दोनों लोग को कोई अलग नहीं कर पाए.

मां को अभी अभी चोद कर आ रहा हूं उसके बाद बहन को चोदने से मेरा लन्ड अपना पानी नहीं छोड़ रहा था मैं , और बहन पूरा गर्म हो गई थी अपनी चूतड़ को जोर जोर झटके दे रही थी और कह रही थी चोदो सैया अपनी बहन को अपने बच्चे की मां बना दो आज इस वंश में एक नया इतिहास रच दो मैं पूरे जोश में बहन की चूत** में झटके मार रहा था बहन भी मेरा चोदने में सहयोग दे रही  थी हम दोनों या भूल गए थे की मां  कहीं जग ना जाए लगभग आधा घंटा कई तरीके सेे चोदने क बाद मैं अपना फनी पानी बहन की चूत** में गिरा दिया।

फिर बहन मां के साथ सोने केे लिए अपने कमरे में चली गई. सुबह हम दोनों टाइम से जाग गए लेकिन मां के  नींद खुली मां को मैं जागा ने गया मां के पैर फैला था. मां की चूची दोनों को देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया था मां के चूत की कल्पना कर के मेरा मन मचल उठा आज से पहले कभी नहीं हुआ था आज न जाने क्या हुआ था मेरी नज़र आज मां के लिए गंदी हो गई थी. मैं मां को पुुुकारते हुए आवाज दी जब मां नहीं बोली तो मैं मां के हाथ को पकड़ कर हिलाया,मेरा तो मन कर रहा था कि चूची को हिलााउं लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई, मुझे कुछ बातें आज अब याद नहीं है लेकिन कुछ घटनाओं को मैं बहुत अच्छे से याद करके लिख रहा हूं।

मम्मी जाग तो गई लेकिन आज से मेेरी नज़र से मम्मी की नहाने य कपड़े चेंज करने के वक्त नजर गडी रहतीं थीं कहानी तो बहुत लोग लिखें लेकिन बहुत कम लोग कि कहानी में सच्चाई मिलती है, मुझे हमेशा लगता है कि लोग इतने आसानी से मां को माना लेते हैं मेेी तो मां को देख कर ही फट जाती है और बोलने की हिम्मत ही नहीं होती, मैं अपनी कहानी में सिर्फ घटना को ही लिखना चाहता था लेकिन कहानी की परम्परा और रोचकता के लिए चुदाई के बारे में लिखा, और मुझे अपने जीवन के अतीत के बारे में आप लोगों की राय जाननी हैआप सभी मुझे अपनी राय जरूर दे.