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पड़ोस की आंटी और उनकी बेटी

हेल्लो दोस्तों ! मै मनी आपका सेक्सी दोस्त और में फिर लौट आया हो एक नयी चुदाई कहानी के साथ जो एक महीने पहले मेरे साथ घटी है की कैसे मैंने अपनी पड़ोस की आंटी और उनकी बेटी को किस तरह चोदा और वो मुझ से रोज़ चुदवाने लगी.

एक महीने पहले की बात है मेरे पड़ोस की फ्रेंड सोनल मुझ से मिलने आई थी क्यूंकि में डेल्ही ट्रिप से लौटा था और में क्या गिफ्ट लाया था वो देखने के लिए वो मेरे घर आई थी और मेरे घर पर में अकेला था तब. क्यूंकि मेरे माँ और पापा सब बाहर गए थे और वो सामान अनपैक करने में मेरी हेल्प करने लगी.

और यह कोई आज की बात नहीं थी की वो अलमारी में मेरे कपडे लगाने हेल्प कर रही थी. वो मुझे हर काम में हेल्प करती थी. हम दोनों बचपन से ही बहुत अच्छे दोस्त थे. जब भी चोट लगती थी दर्द उसको होता था. और तभी कपडे अनपैक करते हुए मेरे सूटकेस में से मेरे कपडे निकालते हुए मेरा अंडरवियर उसके हाथ में आ गया और वो उसे सुंगने लगी.

उसे शायद ध्यान ही नहीं रहा की में भी वहा हु. और तभी मैंने गौर किया की वो मेरे अंडरवियर को स्मेल कर रही थी और साथ साथ ही अपनी पेंटी में उंगली डाल कर फिन्गेरिंग कर रही थी. मैंने उससे देखा और सीधे बोल दिया की क्या कर रही हो?

और वो एक दम हॉर्नी टाइप हो गयी थी. मैंने गले में टाई पहन रखी थी. तो वो अचानक से मेरे पास आई और मेरी टाई खोलने लगी और बोली की अपनी शर्ट उतारो. मैंने बोला क्या कर रही हो अभी कुछ नहीं प्लीज. तो उसने मेरा मुह बंद कर दिया और बोली की चुप एक दम. आज तक तुमने मुझे चुदाई करने नहीं दिया बस अब नहीं आज में अपनी चूत की प्यास बुझा कर रहूंगी.

और उसने धीरे धीरे मेरे सारे कपडे उतर दिए और मेरे लंड पकड़ कर हिलाने लगी. वो एक दम हॉर्नी सेक्स गॉडेस लग रही थी. उसकी उम्र सिर्फ १८ साल थी पर उसका फिगर देख कर कोई नहीं कह सकता पता नहीं कैसे बना था ३६- ३४- ३६ था. अब तो में भी गरम हो चूका था और मैंने भी उसका साथ देना शुरू कर दिया. क्यूंकि मुझे लग रहा था की मेरा रेप हो रहा है |

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अब मैंने भी उसके सारे कपडे उतार दिए. और उसे समुच करने लगा. वो बोली लेट्स डू फ्रेंच किस एंड वे हड डन किस अराउंड फॉर २५ मिनट्स और फिर शी इज सकिंग माय कॉक. पर इन् सब में हम भूल गए की मेरे घर का गेट खुला रह गया.

तभी उसकी माँ हमारे घर आ गयी. उन्होंने हमे इस हालत में पकड़ लिया. हम तो डर गए पर उसकी माँ बोली की अकेले अकेले तो हम शॉक हो गए. अब तो उसकी माँ भी हमारे साथ शामिल हो गयी और मैंने और भाविका ने उन्हें पूरा नंगा कर दिया. पर आपको एक बात बतायु निहारिका यानी भाविका की माँ, भाविका से जयादा यंग लगती है | आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | निहारिका का फिगर है ३८- ३६-३४ .

यानी निहारिका के बूब्स हमारी सोसाइटी में सब से बड़े है. हमने उन्हें बहुत चूसा. ऐसा लग रहा था की भाविका के पापा उसकी मम्मी को संतुष्ट नहीं कर पाते. उसकी माँ की चूत में मैंने जैसे ही ऊँगली डाली वो एक दम गीली थी. मैंने भाविका और उसकी माँ को बहुत ही बुरी तरह से चाटा तो वो मेरी दीवानी सी हो गयी थी..

मैंने उस दिन उन् दोनों की खूब चुदाई की मैंने पहले उसकी माँ की चूत को चाटना शुरू किया तो भाविका बोली पहले मेरी चूत में अपना लंड डालो और वो भी बिना कॉन्डम के तो मैंने उससे कहा अगर बच्चा रह गया तो. इस पर वो बोली कोई बात नहीं आज से में तुम्हारी रंडी हु. फिर मैंने उसकी माँ की तरफ देखा तो वो भी कुछ नहीं बोली. बल्कि उन्हें खाना बनाना था मेरे और भाविका के लिए क्यूंकि मेरे पेरेंट्स बहार गए हुए थे. तो वो चली गयी और मैंने अपना लंड भाविका की चूत में घुसा दिया. भाविका की सील तोड़ने में मुझे बहुत मज़ा आया

में भी बहुत खुश था कितने सारे लोग मिल गए चुदाई करने के लिए.

भाविका और में चुदाई करके बेड पर साथ में ही सो गए. और जब में सो कर उठा तो निहारिका आंटी मेरा लंड चूस रही थी और भाविका सो रही थी. मुझे थोडा अजीब लग रहा था की माँ बेटी एक साथ. पर जब उन्हें ही कोई प्रॉब्लम नहीं तो मेरे को क्या… फिर मैंने भाविका को चुदाई के लिए उठाया और भाविका को किस करने लगा और फिर निहारिका आंटी को किस करने लगा. भाविका मेरे लंड से खलने लगी.

और फिर मैंने भाविका की चूत मरी. तो निहारिका आंटी बोली अब मेरी गांड की बरी . तुम अब मेरी गांड मरो.

मैंने जैसे ही लंड सेट कर निहारिका आंटी की गांड में डाला उनकी जोर जोर से आवाज़ आने लगी आआः आआह्ह्ह्ह अआः… वो बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी.

मैंने जोर का झटका देकर पूरा ७ इंच का लंड आंटी की गांड में घुसा दिया. वो जोर जोर से चीखी और लग भाग १० मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी और भाविका बोली अब मेरी भी गांड मारो. मेरे को तो मज़ा ही आ गया और फिर उसकी भी गांड मारी. वो एक दम प्रोफेशनल रंडी लग रही थी.

मैंने रात ८ बजे तक उसके साथ सेक्स किया पर आंटी चली गयी थी क्यूंकि अंकल आ गए थे | आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | भाविका मेरे यहाँ यह बोल कर रुक गयी की मेरी तबियत ठीक नहीं है और आज मेरे घर पर कपि नहीं है, में अकेला हु. हमने लगातार ७ घंटे तक सेक्स किया और वो पागल सी हो गयी थी. हमने फिर फ्रेंच किस किया और मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगी वो अभी भी थकी नहीं थी पर मैंने कहा अब बस करो अब बाद में करेंगे.

पर वो तो मेरे लंड की दीवानी हो गयी थी तो रात को ३ बजे उठ कर बोली की किस मी किस मी. हमने आधे घंटे किस किया , उसके बूब्स चुसे और मैंने उसकी छुट को पूरा चाट डाला था और वो बहुत जल्दी वेट हो जाती थी. हमने ३ दिन लगातार सेक्स किया और फिर मेरे पेरेंट्स आ गए. अब हमे जब भी मौका मिलता है हम यानी मैं, निहारिका आंटी और भाविका जब भी मौका मिलाता हम सेक्स करते है |

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भाविका मुझ से रोज़ चुदने लगी है और वो अब अपनी कजिन को भी चुदाई करने के लिए मेरे पास लेकर आती है. . उन दिनों भाविका हमारी सोसाइटी की बहुत ही खूबसूरत लड़की थी. उसके बूब्स बहुत मस्त है. सोसाइटी में सब उसको चोदने के बारे में सोचते थे पर वो सिर्फ मुझ से प्यार करती है और मुझ से शादी करना चाहती है.

में तो बुरा फंस गया क्यूंकि आलरेडी मेरी एक गर्लफ्रेंड है प्राची और अब भाविका. पता नहीं क्या होगा. खैर जो होगा देखा जाएगा जब तक मजे ले सकते है तब तक तो लिया ही जाये |

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