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मामी को पटाकर चोदा

गतांग से आगे …..

कुछ समय बाद मैंने मामी को ऊपर उठाया और दूसरी तरफ मुँह करके बैठने को कहा। मामी मेरे लंड पर बैठे ही बैठे दूसरी तरफ घूम गईं। मैंने मामी के दूध पकड़े और दबा दबा कर मामी को चोदने लगा। इससे मामी को काफी मजा आया। अब मामी की सिसकारियाँ तेज हो गई थीं, लग रहा था कि वो झड़ने वाली थी।
मैंने मामी को अपने ऊपर से उतारा और नीचे बिस्‍तर पर लिटा दिया और अपना लंड डालकर जोर जोर से चोदने लगा। अब मैं मामी को जोर-जोर से चोद रहा था और मामी की सिसकियाँ निकल रही थीं। मामी ने एक जोर से हिचकी ली और झड़ने लगी।

मुझे लगा कि अब मेरा भी निकलने वाला है तो मैंने मामी को आगाह किया कि मेरा निकलने वाला है, और पूरी ताकत से मामी के दूधों को पकड़ा और जोर से धक्‍का मारा। मेरा वीर्य निकल रहा था और मैं उनके दूधों को पकड़े जोर-जोर से धक्‍के मारता ही जा रहा था। दस बारह धक्‍कों में जब मेरा वीर्य पूरा निकल गया तो मैं मामी के ऊपर ही लेट गया और मामी ने मुझको जोरों से जकड़ लिया।और सभी लोग जानते हैं कि चुदाई कैसे की जाती है।संक्षेप में इतना जान लीजिए कि हम दोनों ने ऐसी चुदाई की कि दोनों पूरी तरह से संतुष्ठि की कगार पर पहुँच गये।

मामी मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ फिरा रही थी और मैं आराम से लंबी दूरी के घोड़े जैसी दौड़ लगाकर उनके ऊपर लेटा हुआ था। फिर मामी ने मुझसे अपने ऊपर से उठने को कहा तो मुझे होश आयाऔर मैं उनके ऊपर से उठा।मामी ने मुझसे कहा- काश ! तुम मुझे पहले मिले होते तो मैं तुम्‍हीं से शादी करती।
मैंने मामी से कहा- चाहता तो मैं भी हूं कि तुम्‍हारे साथ रहूँ, किन्‍तु अब भला कैसे हो सकता है। अब ऐसे ही जैसे चल रहा है वैसे ही ठीक समझो।

मामी ने मुझे चूमा और अपने कपड़े पहनते हुए कहने लगी- अब काफी देर हो गई है अब नीचे चला जाए।
तेरे मामा आनेवाले ही होंगे । मैंने घड़ी देखी तो ढाई घंटे से भी ज्‍यादा हो गया था। मैंने मामी के पास जाकर उनकी जोर से पप्‍पी ली ओर वहां से जानें लगा । आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | तभी मामी ने कहा की आप घर पर आया करो मुझे अच्छा लगता हैं ।लेकिन तुम अभी घर पर  जाना और मुझे कोल करते रहना।मैं मान गया और कई दिनों तक मामी कोल की या  बातचीत की वह हमारे घर पर भि आईं ओर ईस बार मैंने मामी को बाथरूम मे चोदा ।उसके बाद हमारी चोदाई चलती ही जा रही है आज भी हमें मोका मिलताा है तो हम वहीं खेल खेलते है।

मै उम्मीद करता हूँ कि आप यह कहानी पसंद आएगी |
धन्यवाद

The Author

गुरु मस्तराम

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त मस्ताराम, मस्ताराम.नेट के सभी पाठकों को स्वागत करता हूँ . दोस्तो वैसे आप सब मेरे बारे में अच्छी तरह से जानते ही हैं मुझे सेक्सी कहानियाँ लिखना और पढ़ना बहुत पसंद है अगर आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है तो तो अपने बहुमूल्य विचार देना ना भूलें
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