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भाभी को एक ही शॉट में बच्चे का सुख दे दिया

भाभी को एक ही शॉट में बच्चे का सुख दे दिया
( Bhabhi Ko Ek HI Shot Me Bachche Ka Sukh De Diya )

मेरे प्यारे दोस्तों / मस्ताराम डॉट नेट के पाठको को तहेदिल से नमस्कार करता हूँ आज जो कहानी सुरु करने जा रहा हूँ यह कहानी ज्यादा कुछ पुरानी नहीं है बस यही कही १ महीने पहले की बात होगी | आशा है की ये सच्ची घटना आप सभी के रोगटे खड़े कर देगी मेरा मतलब भाई लोगो के लंड और बहनों की चूत गीली हो जायेगी | १ महीने पहले मेरे घर पे नौकरानी काम करती थी। वो बिलकुल पतली बॉडी की थी। बस रंग थोडा सावला था। बूब्स ढीले थे। छोटे थे। और जैसे गर्मिया चल रही थी। तो वो ब्रा नही पहनती थी ना ही पेंटी। उसका नाम दीपांजलि था। तो जब वो सफाई करती थी तो उसके छोटे छोटे बूब्स जब हिलते थे मस्त लगते थे वो देख कर किसी का भी लौड़ा हिचकोले मार दे यह सब मुझसे नहीं देखा जाता मैंने तो उसकी फोटोज भी ले लिया। अलग अलग पोज़ में चुप चुप के, और बाद में उसे देख के मुठ मारा करता था।

तो जब वो सफाई करती थी तो वो पसीने में लत पत हो जाया करती थी। सारा सूट गीला होता था। तो वो उसके शरीर से चिपक जाता था। पर तो बहुत बहुत ही ज्यादा सेक्सी लगती थी। उम्र भी ज्यादा नही थी। २७-२८ साल ही होगी। उनके पास दो लडकिया थी। उसका पति भी हमारा नौकर था। लेकिन मैंने उसको अपने बड़े भाई के तरह समझता था। और वो भी मुझसे बहुत प्यार करता था। मुझे छोटा भाई समझता था।

तो वो थोडा ड्रिंक भी कर लेता था। तो दीपांजलि जब अच्छा करती थी कभी कभी मोम मंदिर गयी होती थी। और पापा कही बहार तो में उसके सामने सिर्फ अंडरवियर में खडा हो जाया करता था। बट वो एक बार मुझे देख के अपना मुह नीचे कर लिया करती थी। तो मुझे मजा आता था। तो जब में बेड पे लेटा होता था तो वो जान बूज के अपनी गांड मेरे पैर से टच किया करती थी।

तो कभी में अपना अंगूठा पैर का उसकी गांड में जोर से डाल देता था। तो भी उसे कोई फर्क नही पड़ता था। तो ऐसे ऐसे करते हुए मुझे बहुत दिन हो गये थे। तो एक दिन वो ऊपर वाले रूम की सफाई कर रही थी तो उसने मेरे कंप्यूटर टेबल भी साफ किया होगा। तो उसमे मैंने कंडोम छुपाए हुए थे। जैसा की आप जानते हो की मैंने पडोसी भाभी. को चोदा था। इसलिए कंडोम की जरुर भी पड़ जाया करती थी। तो उसने वो देखा और उस दिन उसने ब्रा पहनी हुई थी। तो उसने वो उठा के ब्रा के अंदर दाल लिया। और में चुपके से ये सब देख रहा था। तो काफी दिन बाद मेरे मम्मी पापा को काम पड़ गया। और वो अगले दिन आने वाले थे। और मोम मुझे कह के गयी थी। मतलब (दीपांजलि नौकरानी मैं उसे भाभी ही कहता था।) वो खाना बना कर दे देगी मै कहा ओके तो वो चले गई। और भाभी. आ गई।

तो मैंने उनको पानी दिया। और वो काम में लग गयी। मैंने उनको फ्रूटी दी तो उन्होंने पूछा क्या बात है। आज तो बहुत अच्छी खातेदारी हो रही है। तो मैंने कहा आपको कुछ कहना चाहता हु। तो उन्होंने कहा बोलो तो मैंने कहा की नही आप गुस्सा हो जाओगे। तो उन्हों ने कहा नही, अगर नही बताओगे तो जरुर हो जाउंगी गुस्सा। तो मैंने कहा भाभी. में आपके साथ करना चाहता हु। तो उन्होंने स्माइल देते हुए पूछा की क्या करना चाहते हो?

मैंने कहा सेक्स। तो वो शॉक हो गयी। और कहा की तेरी मुझपे ऐसी नजर कब से है। तो मैंने कहा जबसे आप हमारी नौकरानी बने, मतलब १८ साल की उम्र से अब १९ का हु। एक साल से राह देख रहा हु आपकी, उसने कहा ओह्ह्ह सची बेटा इतने दिन से तू मेरी राह देख रहा है। ऐसा क्या है। मुझमे तू इतना अच्छा देखता है। और कितनी सुंदर लडकिया है। मैंने कहा हा है तो है। लेकिन आप जैसी बात किसी में नही है। आप ब्रा नही पहनती।

तो में आपके निप्पल देखा करता था। तो मेन उससे पूछा की अपने उन कंडोम का क्या किया, तो वो पूछने लगी। कोन से कंडोम, जो आप मेरे टेबल से ले गये थे। ओह्ह्ह्ह तूने देख लिया था। मैंने कहा हां जी, उन्होंने सॉरी कहा और कहा की वो।

तो मैंने और तेरे भईया ने यूज कर लिया। तो मैंने कहा कोई बात नही। तो उन्होंने पूछा की तू क्या करता है कंडोम का। तो मैंने कहा में पास वाली भाभी. को चोदता हु। आप प्लीज किसी को बताना मत, तो वो कहने लगी की तभी उसकी चूत इतनी खुली हुई है।

मैंने पूछा आपको केसे पता। तो उन्होंने बताया की मुझसे अपनी चूत चट्वाती है। बूब्स चुसवाती है। चूत चटवाती है ऊँगली करवाती है। और मुझे पैसे देती है। तो मैंने पूछा आपको बेटा नही करना। तो उन्होंने कहा की तेरे भैया को बेटा नहो होगा। तो मैंने कहा बहार से करा लो। तो कहती बदनामी होगी। तो मैंने कहा में कर दूंगा। तो उन्होंने कहा सची तू कर देगा। मैंने कहा अभी लो। आप लोग यह हिंदी सेक्स स्टोरी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | में उनके बूब्स पकड के प्रेस करने लगा। और किस करने लगा। वो मेरा लंड प्रेस करने लगी।

फिर मैंने उसको कहा रुको और मैंने कंप्यूटर चलाया। और ब्लू फिल्म लगाई। और फिर शुरु हो गया। उनकी चूत बालो से भरी पड़ी थी। तो मैंने उसको शेव किया। और अन्दर आर्म्स भी और उसको लेके बाथ टब में पड गया। और हम दोनो रोमान्स करने लगे। और बेड रूम में आ गये। और वो मेरा लंड चूसने लगी। और चूसते चूसते मेरा पानी उसके मुह में गिर गया। और वो सारा पी गयी। तो में १० मिनट तक लेटा रहा।

फिर लंड खड़ा हो गया। और मैंने उसको घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में थोडा सा थूक लगा कर अपना मोटा लौड़ा घुसा दिया बड़ी मुश्किल से गया। और में आगे पीछे करने लगा। और वो आवाजे करने लगी। आआआआ हहहहह्ह्ह हाहाहा ऊऊऊऊऊ आआआआअ हाहाहा उफौफफफफ़ आआ आयाया मआआआआ उफफा आअ। चोदो मुझे गिरा दो अपना बेटा मेरे अंदर, चोदो…। चोदो…। और तेज और तेज। में थक गया।

उसने मुझे नीचे गिराया। और मेरे उपर बेठ गयी। और ऊपर नीचे होने लगी। जैसे ब्लू फिल्म में चल रहा था। वैसे ही कर रही थी। फिर मैंने उसको मिशनरी पोजीशन में लिया। और जोर जोर के शोट मारे। और उसे बहुत अच्छा लगा। आप लोग यह हिंदी सेक्स स्टोरी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |और में उसके अंदर ही झड़ गया। और फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसको कहा की में गांड मरना चाहता हु। तो उसने कहा वो बाद में अभी बच्चा करना है। चूत में ही करो। तो मैंने उसको रात तक उसे ६-७ बार चोद दिया। तो मेरी ऐसी हालत हो गयी थी की में ऊपर से नीचे सीडिया भी उतर नही सका। और वो खुश हो रही थी। और टाँगे चोडी कर के चल रही थी।

तो उसने मुझे नीचे सुलाया। चूची चुसवाई। और बाय कहके चली गयी। ऐसे ही मैंने उसको २-३ बार और चोदा। फिर उसने एक दो बार पति से भी चुदवाया। और उसको बच्चा हो गया। लड़का वो थोडा सावला सा था। पर उसका ब्लड ग्रुप मेरे वाला था। अगर गोरा हो जाता तो वो फस सकती थी। तो ऐसे वो बहुत खुश है।

दोस्तों कहानी कैसी लगी अपनी प्रतिक्रिया मुझे कमेंट में लिख कर जरुर बताये अगली कहानी में बताऊंगा मैंने पडोसी भाभी को कैसे चोदा था |

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