बहन को उसके बॉयफ्रेंड के साथ चोदा

आज मैं आपको अपनी मौसी की बेटी की चुदाई की सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ.यह बात आज से 4 साल पहले की है.उस समय सुमन,मेरी बहन की उम्र19 साल थी और मेरी उम्र 18 साल थी. मैंने कभी उससे दीदी नहीं कहा क्योंकि उम्र का ज्यादा अंतर नहीं था. सुमन का रंग सा थोड़ा काला था वह बहुत सेक्सी थी उसकी चूचीयो का आकार ख़रबुजे को भी मात देता था. उसकी चूचीयो की वजह से ही आस पास केे लड़के उसका स्कूल तक पीछा किया करते थे. उसकी गाँड बिलकुल गोल मटोल थी.

अगर किसी बुड्ढे को भी वह मिल जाती तो वह भी गाँड की ही चुदाई पहले करता.एक दिन मैंने देखा कि वह छत पर खड़े होकर किसी को इशारे कर रही थी मुझे देखकर वह डर गई| मैंने देखा दूसरी छत्त पर एक 25-26 साल का आदमी था.मैंने अपनी बहन से कुछ नहीं कहा.वह चुपचाप नीचे आ गयी.फिर एक दिन मैंने उसके पास से एक लव लेटर पकड़ लिया.जो मेरी बहन ने अपने बॉयफ्रेंड को लिखा था.

मैंने जब उससे बात की तो उसने बताया कि वह चन्दन से प्यार करती है.बहन ने मुझसे कहा कि मैं उसकी यह बात किसी को नही बताऊं.मैंने सोचा अाज नहीं तो कल इसकी चुदाई होगी ही.मै क्यों इसका दुश्मन बनू.मैंने कहा कि मैं तुम्हारा साथ दूंगा.और मैंने उसका लैटर चन्दन को दे दिया. अब मैं दोनों के लव लेटर पास करने लगा.अब सुमन जब भी बाहर जाती तो मुझे अपने साथ ले जाती थी.और घर से बाहर आने पर चन्दन मिल जाता था.

फिर हम तीनो पार्क मे चले जाते थे.वहां यह दोनों झाड़ियो के पीछे चले जाते थे और इन दोनों की चुमा चाटी शुरू हो जाती थी.एक दिन मैंने सुमन से कहा कि मैं भी तुम्हारी चुमा चाटी देखना चाहता हूँ.पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन बाद में मान गयी.अगले ही दिन उसने मुझे अपनी फिल्म का सीन दिखाया.मैंने देखा चन्दन और सुमन एक दूसरे को किस कर रहे थे और चन्दन धीरे धीरे सुमन की चुचिया दबा रहा था फिर उसने सुमन की कमीज के तीन चार बटन खोल दिए. सुमन की चूचिया खुल गयी थी.

सुमन की चूचियो का सही सही नाप आज पता चल रहा था. चन्दन ने फ़ौरन एक चूची को मुँह में भर लिया और चूसने लगा.मुझे लगा कि दूसरी चूची को मैं मुंह में भरकर चूस लूँ.सुमन सिसिया रही थी.मैं समझ रहा था अाज इसकी चुदाई हो जाएगी. लेकिन तभी पार्क में तीन चार लोग उधर की तरफ आने लगे.मैंने उन दोनों को इशारा कर दिया.और वह बाहर आ गए.फिर हम दोनो घर आ गए.एक दिन मौसा और मौसी किसी की शादी में गए और मुझे सुमन केे साथ घर पर छोड़ गए.सुमन मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी.मौसा मौसी के घर से निकलने के 10 मिनट बाद ही चन्दन घर आ गया.

उसने आते ही मेरे सामने ही सुमन को चुमना शुरू कर दिया.फिर वह और सुमन कमरे में चले गए.मैं भी उनके पीछे चला गया.कमरे में जाते ही उसने सुमन के सारे कपडे निकाल दिए.अब सुमन के शरीर पर केवल पेंटी थी.चन्दन सुमन के पुरे शरीर को चाट रहा था.थोड़ी देर शरीर को चाटने केे बाद उसने सुमन की चूचीयो को चूसना शुरू कर दिया. मेरा लंड बिलकुल टाइट हो चुका था.फिर उसने सुमन की पेंटी उतार दी.सुमन की चूत फुली हुई थी.और चूत केे आस पास झांटे थी.

चन्दन ने झांटे इधर उधर करके अपना मुंह सुमन की चूत पर लगा दिया.उसने अपनी जीभ से सुमन की चूत को चाटना शुरू कर दिया.सुमन ज़ोर ज़ोर से सिसिया रही थी.बीच बीच में वह सुमन की चूत के दाने को जीभ से छेड रहा था.सुमन की हालत खराब थी.फिर उसने अपना लंड सुमन की चूत पर लगा कर एक झटके से आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत मे डाल दिया.सुमन चिखने लगी.मैं फ़ौरन उसके पास आ गया.लेकिन सुमन ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि वो तो खुद परेशानी में थी.चन्दन ने उसकी चूचीयो को चूसना शुरू कर दिया.

जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो चन्दन ने आगे पीछे कर कर केे पूरा लंड सुमन की चूत में उतार दिया.अब सुमन को भी मजा आ रहा था.और वह सिसिया रही थी.चन्दन सुमन की चूची का रस पीने की कोशिश कर रहा था.मैंने हिम्मत करके अपना एक हाथ सुमन की चूची पर रख दिया.उसने कुछ नहीं कहा तो मेरी हिम्मत बड गयी.फिर मैंने धीरे धीरे सुमन की चूची को दबाना शुरू कर दिया.सुमन को मजा आ रहा था.चन्दन जम कर सुमन की चुदाई कर रहा था.मुझ से जब नहीं रुका गया तो मैं भी सुमन की एक चूची को मुँह में दबा कर चूसने लगा.सुमन हम दोनों के मज़े ले रही थी.मेरा मन कर रहा था कि मैं भी अपना लंड सुमन की गाँड में डाल दूँ.

थोड़ी देर बाद दोनों की स्पीड बढ गयी थी.पूरा कमरा सुमन की सिसकारियो से गुंजने लगा.सुमन ने चन्दन को कस कर पकड़ लिया और अपना शरीर ढीला छोड़ दिया.उसने अपना वीर्य छोड दिया था.लेकिन चन्दन उसकी चूत पर धकको की बरसात कर रहा था.थोड़ी देर बाद चन्दन ने भी अपना वीर्य सुमन की चूत में ही निकाल दिया.अब सुमन की चूत से दोनों का वीर्य निकल रहा था.मैंने आगे बढ़कर अपना मुँह सुमन की चूत पर लगा दिया.और उसकी चूत से निकलती हुई मलाई चाटने लगा.सुमन बोली यह क्या कर रहे हो?चन्दन बोला,इसे चाट लेने दो.यह सेहत केे लिए अच्छा होता है.

मैंने सुमन की चूत चाट चाट केे साफ़ कर दी.इसके बाद चन्दन चला गया.अब मेरी बहन अक्सर चुदाई केे लिए मेरे साथ ही चन्दन के पास जाती है.और मुझे जब भी घर पर मौका मिलता है.मैं भी उसकी चुदाई करता हूँ.एक दिन मैंने उसकी गाँड़ भी मारी.अब वह हम दोनों की रंडी बन चुकी है.अब वह शादी शुदा है.लेकिन जब भी घर आती है तो हम दोनो को चूत की दावत मिलती है.आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी.प्लीज कमेंट कीजियेगा.