इंटरव्यू में गई तो मुझे तीन लंड दे दिया

हैल्लो दोस्तों.. में हर्षिता हूँ और जैसा कि मेरे बारे में बताया गया है कि में बेहद ही सुंदर लड़की हूँ.. मेरी हाईट 5.10 इंच, रंग गोरा, आँखे बड़ी बड़ी, छाती गोल गोल, बाल लम्बे काले है.. और मेरा फिगर 36-24-36 है। मुझे कोई भी देखे तो बार बार अपने ख्यालों में मुझे याद करके मुठ मारता रहे। बस यह सुन्दरता अब मेरी इज़्ज़त की दुश्मन बन गयी है.. अब इस मुसीबत से निकलने का कोई रास्ता भी मुझे नज़र नहीं आ रहा है। अब में सीधे आपको अपनी कहानी पर ले जाती हूँ। यह बात तब की है जब में अपना बीए का कोर्स खत्म करके काम ढूँडने के लिए निकली थी। मैंने अपना बीए फाईनेन्स और अकाउंटिंग में किया है और बड़े ही अच्छे नम्बर से पास हुई थी। तो मेरे सभी घर वाले मुझसे बड़े ही खुश थे.. क्योंकि में मेहनती और ऊँचे ख्यालों वाली लड़की हूँ। हमेशा ही हंसमुख रहती थी.. लेकिन शायद किस्मत को यह मंज़ूर नहीं था।

कॉलेज में भी कई लड़के मुझ पर लाईन मारते थे.. लेकिन में उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी। मेरा एक सीनियर लड़का हमेशा मुझसे अच्छी तरह से बात करता और वो मेरी मदद भी करता रहता था। जिसे में हमेशा भैया कहकर बुलाती थी। उनका नाम अमर भैया है और में हमेशा उन्ही से ज़्यादातर बात करती थी और वो पढ़ाई में मेरी मदद किया करते थे। तो अब में नौकरी की तलाश में इंटरव्यू के लिए पहले दिन गयी जो अमर भैया ने मुझे बताया कि वो कंपनी बहुत बड़ी फाईनेन्स और लोन देने वाली कंपनी है और इंटरव्यू बोर्ड में तीन लोग बैठे थे। फिर उन्होंने अपना परिचय दिया.. उनका नाम विवेक, दीपक और तीसरा अमर भैया था। फिर जब में इंटरव्यू के लिए गयी तो मैंने पाया कि सभी की नज़रें मुझ पर टिकी थी और सभी लोग मेरे बदन के अंग अंग को घूर रहे थे.. लेकिन मुझे इन सबकी आदत पड़ चुकी थी.. क्योंकि कॉलेज में भी सारे लड़के मुझे इसी तरह से देखा करते थे।

फिर जब में इंटरव्यू के लिए बैठी तो मुझसे सवाल पूछना शुरू हुआ.. अमर भैया भी वहीं पर उनके साथ मेरा इंटरव्यू ले रहे थे और उन्होंने ज्यादातर मुझसे सवाल किए बाकी सब इंटरव्यूवर शांत थे। तो मैंने सोचा कि चलो अच्छा है भैया ही पूछ ले तो वो ज़्यादा कड़े सवाल नहीं पूछेगें.. लेकिन धीरे धीरे वो मेरी पर्सनल लाईफ के बारे में पूछने लगे और सिर्फ़ दो सवाल ही मेरी पढ़ाई के ऊपर पूछे गए.. में नयी थी और मुझे किसी काम का अनुभव भी नहीं था और यह मेरा पहला इंटरव्यू था। तभी अचानक मुझसे यह सवाल पूछा कि क्या आपका कोई बॉयफ्रेंड है? क्या आपने कभी सेक्स किया है या नहीं? आप बाल रखती है.. या शेव करती है? आपकी छाती का साईज़ क्या है? आप क्या कपड़े पहन कर सोती है? अभी अपने किस कलर की पेंटी पहनी है?

तब मैंने कहा कि यह क्या बेहूदा सवाल है? में यहाँ पर इंटरव्यू देने आई हूँ अपनी इज़्ज़त लुटाने नहीं और मेरे होश उड़ गये.. यह कैसा इंटरव्यू है। फिर मैंने अमर से कहा कि देखो ना अमर भैया यह लोग मुझसे कैसे कैसे सवाल कर रहे है? प्लीज़ आप इन्हे रोको.. में कोई ऐसी लड़की नहीं हूँ। तभी अमर हंस पड़ा.. तो में समझ गयी कि इसमें अमर भी शामिल है। विवेक ने फिर पूछा कि आप नीचे के बाल साफ रखती है या नहीं? आपकी ब्रा का साईज़ क्या है? तो मेरा मुहं खुला का खुला रह गया और में समझ गयी कि यह सब एक नाटक है मुझे फँसाने का.. भाड़ में गई नौकरी और इंटरव्यू इज़्ज़त बची तो बहुत नौकरी करूँगी। फिर में उठने लगी तो अमर ने मुझे ज़बरदस्ती बैठा दिया और रवि ने फिर पूछा कि मिस हर्षिता क्या आपने कभी सेक्स किया है?

अब मेरे बर्दाश्त से बाहर था और इस सवाल पर मुझे बहुत गुस्सा आ गया और में वहाँ से गुस्से से उठकर जाने ही वाली थी कि अचानक दरवाज़ा बंद हो गया और में बहुत डर गयी। फिर उन सभी ने मुझसे कहा कि आज में उनकी प्यास बुझाए बगैर कहीं नहीं जा सकती। तो मुझे दाल में कुछ काला लगा और में समझ गयी कि यह सारा अमर का ही बनाया हुआ कोई जाल है और मेरी आँखो में आँसू आ गये.. में रोकर अमर भैया से विनती करने लगी.. अमर भैया मैंने आपको हमेशा बड़ा भाई माना है.. आप तो मुझे बचा लो इन दरिंदो से प्लीज मुझे जाने दो।

अमर ने कहा कि मेरी नज़र तुझ पर तब से पड़ी थी जब से मैंने तुझे कॉलेज में देखा था। आज तू मेरी और मेरे सभी दोस्तों की प्यास बुझाएगी.. हम सब आज तेरी जवानी का मज़ा लूटेंगे और तुझे अपनी रंडी बनाएँगे.. तू चली जाना.. लेकिन पहले हम तेरी जवानी का रस पी ले तब.. हम रूपनगर के चीते है और शिकार पर ही जीते है। फिर सब के सब मुझे वहाँ पर घैरकर खड़े थे और में अकेली उनके बीच थी और में रो रही थी और फिर में मदद के लिए चिल्लाने ही वाली थी कि पीछे से एक बंदे ने मेरे मुहं में रुमाल भरकर मेरा मुहं बंदकर दिया और दूसरे ने मेरे हाथ बांध दिए। फिर एक बंदे ने बाहर जाकर कहा कि इंटरव्यू बंद और सबको जाने के लिए कह दिया और फिर वो अंदर आया। तो में अब अकेली पूरे ऑफिस में उन भूखे कुत्तों के सामने थी और मुझे बहुत डर लग रहा था।

फिर उन सब ने मेरे कपड़े फाड़ दिए और सबसे पहले अमर मुझ पर झपटा। में अपने आपको छुड़ाने के लिए कोशिश करने लगी.. लेकिन उन सब ने मुझे नीचे लेटा दिया और एक ने मेरी पेंटी खींचकर निकाल दी और दूसरे ने मेरी ब्रा फाड़कर निकाली। में उन सब के सामने नंगी लेटी हुई थी और मेरे पूरे बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। फिर वो सब भी अपने कपड़े निकाल कर पूरे नंगे हो गये.. उन सबके लंड बहुत बड़े बड़े और मोटे मोटे थे। तो में देखकर डर गयी कि वो इतने मोटे लंड से मुझे चोदेगे और अगर अमर को चोदना ही था तो मुझे बताता.. इतना नाटक करने की क्या ज़रूरत थी और इतने सारे लंड को में कैसे अपनी छोटी सी चूत में लूँगी?

मेरी तो जान निकल जाएगी और यह सोच सोचकर मेरे आंसू निकल रहे थे। तभी उन्होंने मेरे मुहं से कपड़ा निकल दिया और फेंक दिया और जैसे ही मैंने चिल्लाने की कोशिश की अमर ने मेरे मुहं में अपना लंड घुसा दिया और एक मेरी दोनो टाँगे चौड़ी करके मेरी बालों से भरी चूत सहलाने लगा गया। फिर वो बोला कि कितने बाल है यहाँ.. पूरा जंगल बना रखा है। घर में हेयर रिमूवर या रेज़र नहीं है क्या? इसे साफ रखना चाहिए ना।

वो अपने हाथ से मेरी चूत के बाल खींच रहा था.. शायद वो हज्जाम का बेटा था। उसके खींचने से मेरे बाल टूट रहे थे और मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था और वो मेरी चूत को सूंघ रहा था मानो मैंने पर्फ्यूम लगा रखा हो। फिर उसने मेरी चूत को किस किया और उसके किस करने से इतनी मुश्किल में भी मेरा शरीर सिहर गया। वो बार बार मेरी चूत को किस कर रहा था। फिर उसने मेरी चूत के होंठ पर अपना मुहं रख दिया और फिर वो मेरी चूत को फैलाकर चाटने लगा। उधर अमर का लंड मेरे मुहं में था जिसे वो ज़ोर ज़ोर से झटके दे रहा था.. अमर मेरा मुहं बेरहमी से चोदे जा रहा था और उसका लंड मेरे गले तक घुसे जा रहा था.. जिससे मुझे सांसे लेने में दिक्कत हो रही थी। नीचे वो बंदा मेरी चूत चाटे जा रहा था और वो अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर तक घुसाकर पूरी मस्ती में मेरी चूत का स्वाद ले रहा था और में अब गीली होने लगी थी और इसका अहसास उसे भी हो रहा था। वो मज़े से मेरी गीली होती चूत के रस का मज़ा ले रहा था। उसने मेरी चूत के दाने को ढूँढ लिया और उसे चूसने लगा। तो मेरा हाथ खुद ही उसके सर पर चला गया और उसे दबाने लगी।

यह देखकर एक बंदा बोला कि साली को दीपक का चूत चाटना बहुत पसंद आ रहा है.. देखो कैसे वो उसके सर को पकड़ के अंदर धकेल रही है.. अमर तूने क्या मस्त माल दिलाया है हम दोस्त तेरे कायल हो गये। तो अमर बोला कि यार हम सब मिल बाँट कर खाते है। आज इसकी चूत की सील में तोड़ूँगा और तुम सब इसे बारी बारी से चोदना। फिर एक बंदा बोला कि मुझे तो इसके बूब्स ज़्यादा पसंद है। में इसे चूसता हूँ और वो मेरे बूब्स मसलने लग गया और मेरे निप्पल को चूसने लग गया।

फिर अमर बोला कि रवि जरा कैमरा तो बाहर निकाल हम इसकी चुदाई का वीडियो बनाएँगे। तो मैंने कहा कि अमर मेरी वीडियो मत बनाओ.. चाहो तो तुम मुझे चोद लो.. में कुछ नहीं कहूँगी.. लेकिन प्लीज़ रीकॉर्डिंग मत करो.. लेकिन वो कहाँ मानने वाला था। एक बंदा अलमारी से कैमरा निकाल कर मेरी चुदाई की वीडियो बना रहा था। अमर का लंड मेरे मुहं में हरकत करने लग गया था और एक बंदा मेरी चूची चूस रहा था और दूसरा मेरी चूत चाट रहा था।

में चाहकर भी अपनी आँखे खुली नहीं रख पा रही थी.. मुझ पर धीरे धीरे मदहोशी छा रही थी। अमर के चेहरे पर कई भाव आ रहे थे और उसका बदन अकड़ने लगा और मुझे लगा कि अब वो अपना वीर्य छोड़ेगा। फिर में उसका लंड बाहर निकालना चाहती थी.. लेकिन इससे पहले कि में कुछ कर पाती… अमर ने अपना पहला वीर्य सीधा मेरे गले में उतार दिया.. में खाँसती रह गयी और उसका लंड मेरे कंठ को छू गया और उसका ज्यादातर वीर्य मेरे गले के नीचे उतार गया। उसका कुछ वीर्य मेरी नाक के रास्ते से बहकर बाहर आ गया।

मैंने पहली बार उस दिन किसी का लंड चूसा था और उसका रस पिया था.. नीचे वाले बंदे ने अपनी हरकत तेज़ कर दी.. वो मेरी चूत के दाने को बहुत ज़ोर से चूस रहा था.. मेरे मन पर उसका जुनून छाने लगा था और मुझे उसका चूत चूसना अच्छा लग रहा था.. मेरी साँसे तेज़ हो रही थी और मेरी धड़कन की रफ्तार दोगुनी हो गयी थी और मुझे लगा कि अब में स्वर्ग में हूँ और लगा कि में भी झड़ने वाली हूँ। मेरी चूत में हरक़त हुई और बिना किसी चेतावनी के मेरा पानी निकल गया। तो मैंने उसके सर को ज़ोर से पकड़ लिया.. उसका मुहं मेरी चूत से एक पल को भी नहीं हटा और वो बदमाश मेरी चूत का पानी ऐसे पी गया जैसे वो गंगाजल हो।

फिर वो सब ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे। तो एक कहने लगा कि दीपक ने इसकी चूत का पानी निकाल दिया और अब यह चुदाई के लिए तैयार है। फिर में खांसती रही और दूसरा बंदा अभी भी मेरी चूची चूस रहा था। अमर का और मेरा पानी निकलते देख नीचे वाला बंदा भी जोश में आ गया.. वो मेरे ऊपर आ गया और उसने मेरी चूत में अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया। फिर उसने एक ज़ोर का झटका देकर अपना आधे से ज्यादा लंड एक ही बार में मेरी चूत में डाल दिया।

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