लंड उसकी चुत की जड़ मे जाकर चोदता

प्रेषक हितेश,

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हितेश है, में महाराष्ट्रा से हूँ। अब में हिन्दी में अपनी स्टोरी लिख रहा हूँ ताकि ज़्यादा लोग इसका मज़ा ले सके। में 28 साल का हूँ और इंजिनियर हूँ, में महाराष्ट्रा में रहता हूँ, अब में सीधा स्टोरी पर आता हूँ। ये बात साल 2016 की दीवाली के समय की है, अब में मेरी मम्मी के लिए न्यू सर्प्राइज़ साड़ी लेने के मूड में था इसलिए में अकेला सुबह दस बजे बोरीवली के एक मॉल में चला गया। अब थोड़ा इधर उधर घुमकर मुझे एक स्टोर में साड़ी अच्छी लगी तो में वहाँ ही बाकी साड़ी देखने लगा, तभी कुछ साड़ी देखकर में कन्फ्यूज़्ड हुआ कि कौन सी लूँ?

तभी एक 32-35 साल की लेडी उसी स्टोर में साड़ी देख रही थी, तो मैंने उसे देखा और दंग हो गया उसका रंग बिल्कुल गोरा था, उसकी हाईट भी लगभग 5 फुट 5 इंच थी और स्लिम बॉडी, वो बहुत ही सेक्सी दिख रही थी। अब में उसे ही देखने लगा था, वो परी जैसी दिख रही थी, अब जब भी वो नीचे झुकती, तो मुझे उसके रेड ब्लाउज से उसकी चूची दिख जाती थी। फिर में थोड़ी देर तक इन्जॉय करने लगा, अब वो साड़ी ढूंढ रही थी और में उसे निहार रहा था, वो गजब की लेडी थी। फिर में भी साड़ी देखने लगा और उसके करीब गया और उसे अनदेखा करके साड़ी ढूंढने लगा। तभी वहाँ एक स्टोर कीपर आया और मुझसे बोला कि सर में आई हेल्प यू। तो मैंने उससे कहा कि हाँ मुझे मेरी मम्मी के लिए दीवाली गिफ्ट लेना है, में अच्छी सी साड़ी ढूंढ रहा हूँ।

अब ये बात उस लेडी ने सुनी और मेरी और देखकर हंस पड़ी तो मैंने भी उन्हें थोड़ा स्माइल किया और साड़ी ढूंढने लगा। फिर कुछ समय ऐसे ही निकल गया, उसने काफ़ी सारी साड़ी ली थी और शायद अब उसकी शॉपिंग पूरी हो गई थी। तो मैंने सोचा कि उसकी मदद ले लूँ, तो में उसके पास गया और बोला कि हाय आंटी में हितेश बोरीवली में रहता हूँ और मुझे मेरी मम्मी के लिए दीवाली गिफ्ट साड़ी लेनी है, तो क्या आप मेरी मदद करोगी? अब वो पहले मुझे देखती रही फिर कुछ सोचने के बाद बोली कि हाँ ज़रूर।

फिर हम एक दूसरे के साथ बातें करते हुए साड़ी ढूंढने लगे और फिर मैंने एक अच्छी सी साड़ी खरीद ली। फिर मैंने उसे थैंक्स बोला, तो वो स्माइल करके बोली इट’स ओके चलो अब में जा रही हूँ। तो मैंने बोला कि हाँ आंटी आपने मेरी इतनी मदद की तो आप कम से कम चाय तो पी लो। फिर थोड़ा कहने पर वो मान गई, वो बहुत ही सुंदर दिखती थी परी जैसी। फिर हम नीचे होटल में जाकर चाय पीने लगे, तब बात करते हुए पता चला कि वो भी बोरीवली में ही मेरे पास रहती थी। फिर बातें करते- करते पता चला कि वो महाराष्ट्रा में अकेली है और उसके पति बिज़नेस के सिलसिले में पुणे गये हुए है।

फिर जाते समय वो बोली कि हम पास में ही रहते है तो मेरे घर तक चलो मेरे पास कार है। तो मैंने पहले ना बोला, लेकिन फिर सोचा कि चलो चलते है। फिर कार में बातें करते हुए पता चला कि वो बहुत फ्रेंक और स्ट्रेट है, अब मुझे वो अच्छी लगी थी। फिर मेरे उतरते ही उसने कहा कि चलो मुझे ऊपर तक सामान ले जाने में मेरी मदद करो, तो में भी मान गया और लिफ्ट से ऊपर गया, वो बहुत ही अच्छा बंगला था। फिर मैंने हॉल में उनका सामान रखा और जाने लगा, तो आंटी बोली कि रूको थके होगें तो चाय पी कर जाओं। अब में भी थका था तो में ठीक है बोलकर बैठ गया, फिर वो अंदर चली गई।

अब मुझे बाथरूम से कुछ पानी की आवाज़ आई, अब वो फ्रेश हो रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो बाहर आई, तो में उसे देखता रह गया। अब वो गाउन पहने थी, उसका ब्लू गाउन पूरा पारदर्शी था और उसके बाल खुले हुए थे, अब मेरा लंड पूरा खड़ा हुआ था। फिर उसने मुझसे कहा कि जाओ फ्रेश हो जाओ, तो में मना करने लगा ताकि मेरा खड़ा लंड वो ना देख सके। लेकिन वो फिर से बोली तो में खड़ा हो गया, तब उसने मेरा तना हुआ लंड देखा और हँसने लगी और बोली कि ये क्या है? अब में घबरा गया था।

फिर वो आगे आई और बोली कि ये कैसे हुआ? तो मैंने बोला कि आप जैसी सुंदर लेडी को पारदर्शी गाउन में देखकर हुआ। फिर वो बोली कि पूरा बदन देखकर क्या करोगे? अब में खड़ा था। फिर वो बोली कि मुझे पता है उस साड़ी शॉप में आप मुझे घूर-घूरकर देख रहे थे। अब में खड़ा था कुछ नहीं बोला, फिर उसने आगे आकर मेरे लंड के ऊपर अपना हाथ रखा, तो वो और भी तन गया। फिर मैंने सोचा कि रास्ता साफ है गुरु हो जा शुरू, अब एक सुंदर 35 साल की औरत सामने है और लंड पर हाथ रखे है तो डर किस बात का। फिर मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने उसके गाल को चूमा, अब मुझे उसका पति बहुत दिन से बाहर होने से भूखी लग रही थी, फिर उसने भी मुझे किस किया।

अब में मेरी जीभ उसके मुँह में घुसाकर किस करने लगा था, अब हम लगभग 10 मिनट किस करते रहे। अब वो बहुत गर्म हो गई थी और मुझे ज़ोर-ज़ोर से किस कर रही थी। अब में मेरा हाथ नीचे ले जा कर उसे सहलाने लगा, तो वो बोली कि यहाँ नहीं बेडरूम में चलो। फिर में उसके पीछे-पीछे बेडरूम में चला गया, फिर वो बेड पर लेट गई और में उसके ऊपर आकर उसे चूमने लगा। अब में उसके बूब्स दबा रहा था और उसके गाल चूम रहा था। अब वो भी मेरी पीठ सहला रही थी.

अब में उसके लिप्स पर हल्के से किस कर रहा था और बूब्स दबा रहा था। फिर में उसका ब्लाउज खोलकर उसके बूब्स अपने मुँह में लेकर चूसने लगा, अब में अपने दोनों हाथों को उसकी पूरी बॉडी फैर रहा था। अब वो सिसकियां लेकर इन्जॉय कर रही थी, फिर में उसे सहलाते हुए नीचे आया और उसकी कमर को सहलाने लगा, चूमने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और आस आ आ आस आ कर रही थी। अब में मेरी जीभ से उसका पूरा बदन चूमकर सहला रहा था, अब धीरे धीरे उसकी सिसकियां तेज हो रही थी।

फिर में उसकी गांड को अपने हाथ से सहलाने लगा, रगड़ने लगा। अब वो दंग हो गई थी, अब में उसके ऊपर 69 पोजिशन में आ गया था, अब मेरा खड़ा हुआ लंड ठीक उसके मुँह के सामने था। अब वो मेरे लंड को अंडरवेयर के ऊपर से ही सहला रही थी। अब मेरा लंड पूरा तना हुआ था और फंनफना रहा था, मेरे लंड की ख़ासियत है कि वो बनाना शेप लंड है, जो कि बहुत औरत की चाहत रहती है। अब वो उसे सहलाकर मेरी अंडरवेयर हटाकर अपने मुँह में लेकर मजे से चूस रही थी।

अब मेरा तो हाल पूछो मत, पहली बार कोई औरत मेरा लंड चूस रही थी, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और इधर में भी उसकी जांघ पर मेरी जीभ से चूम रहा था और अपने हाथ से उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी चूत को रगड़ रहा था। अब वो सस्स्स्सस्स कर रही थी, अब में अपनी उंगली उसकी चूत में डालकर घुमा रहा था। फिर मैंने उसकी पेंटी हटाई, क्या नज़ारा था? संगमरमर जैसी परी, बिना बाल वाली चूत, गुलाबी रंग की और उसकी चूत से एक मस्त खुशबू आ रही थी, अब उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी।

अब में बेहोश हो गया था, अब में मेरा एक हाथ उसकी चूत पर रखकर सहला रहा था और अपनी एक उंगली ऊपर नीचे कर रहा था। अब उसकी गीली चूत से मेरी उंगली भी गीली हो गई थी, फिर में अपनी जीभ निकालकर उसकी चूत के लिप्स को चूमने लगा। अब वो अपना शरीर ऊपर नीचे करने लगी थी, अब में अपनी जीभ ऊपर नीचे करके उसकी चूत को चूसने लगा था। फिर में ऐसे ही उसकी गांड तक अपनी जीभ ले जाकर चूसने लगा और फिर उसकी गांड के ऊपर अपनी जीभ रखकर चाटने लगा। अब वो सस्स्सस्स आह आह आह कर रही थी। अब में अपनी जीभ को गोल-गोल राउंड करके उसकी गांड में घुसाकर चाटने लगा था। अब में अपनी गोल-गोल जीभ को घुमाकर हल्के से उसकी गांड पर रखता, तो वो और आह आह आह आह आह आह सस्स्सस्स करती, अब ऐसा बहुत देर तक चला।

फिर वो बोली कि बस अब घुसा दो अब मुझसे और सहा नहीं जाता। तो फिर में उठ गया और उसके दोनों पैरो के बीच में बैठ गया। फिर उसने अपने दोनों पैर उठाये और फिर मैंने मेरी एक उंगली उसकी चूत में डाली और अंदर बाहर करने लगा, उसकी चूत पूरी गीली थी तो मेरी उंगली झट से अंदर बाहर हो रही थी। फिर मैंने अपनी उंगली बाहर निकालकर अपना लंड हाथ में लिया और उसकी चूत पर रगड़ने लगा। तो वो बोली कि बस मेरे राजा और मत तड़पाओ, अब घुसाओ अंदर।

फिर मैंने धीरे से अपना लंड अंदर डाला तो वो जोर चिल्लाई और कहा कि धीरे से में बहुत दिन से नहीं चुदी हूँ, क्या चोदते हो मेरे राजा? फिर में धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डालने लगा और एक ज़ोर से धक्का दिया, तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जड़ तक अंदर चला गया। फिर वो जोर से चिल्लाई आई आह्ह्ह्ह ओह्ह गॉड बहुत दर्द हो रहा है, अब में उसे जोर जोर से चोदने लगा था, अब पूरे रूम खप-खप की आवाज़ आ रही थी।

अब में मेरा लंड ज़ोर-जोर से अंदर बाहर कर रहा था। अब वो चिल्ला रही थी और आई ग आह आह आह आह सस्सस्स कर रही थी। अब में उसके बूब्स दबा- दबाकर उसे चोदने लगा था। अब वो भी बहुत खुश थी और बोली कि तुम बहुत अच्छा चोदते हो, मुझे पहली बार ऐसा मज़ा आया है। अब में लगातार उसे चोद रहा था, अब मेरा लंड लगातार अंदर बाहर हो रहा था ऐसी चुदाई मैंने पहली बार की थी, अब में भी बहुत खुश था। फिर 10 मिनट तक चोदने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये ।।