शराफत की देवी मेरी बहन- 10

शराफत की देवी मेरी बहन- 9

दोस्तों मैं सूरज कुमार अपनी कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहानी का 10 भाग ले आया हूं , कुछ दिन पहले ही मुझे मेरे एक दोस्त ने न मुझे जो बात बताई जो मुझे अपनी अतीत को ,याद आ गई मेरे दोस्त ने कहा कि मैं तुमको एक बात बताऊं जिस पर तुम को यकीन नहीं होगा , मुझे तो गलत लगता है, मैं बोला पहले तो बताओ बात क्या है उसने बोला तुमको विश्वास नहीं होगा मैं बोला पहले तो बता दे वह बोला बंटी की बहन बंटी के मोबाइल में ब्लू फिल्म देख रही थी मैं बोला तुमसे कौन बताया वाह बोला की कैलाश बदला हुआ नाम है. वह उसकी दुकान पर गया था. दो-तीन दिन इसी तरह उसको पकड़ लिया है, मैं बोला यह भी हो सकता है की बंटी अपना मोबाइल छोड़ कर कोई काम करने जाता होगा और उसकी बहन मोबाइल में ब्लू फिल्म देखती होगी बंटी को नहीं पता होगा तो मेरा मित्र बोला कैलाश बता रहा था.

एक दिन दोनों लोग घर में थे और जब मैं पहुंचा तो देखा कि दोनों लोग एक तखत पर बैठे थे मुझे देखते हैं बंटी खड़ा हो गया और उसकी बहन मोबाइल लेकर अंदर से ले गई देखा कि बंटी का लोअर गीला था मुझे पक्का विश्वास तो कैलाश की बातों पर नहीं हो रहा है लेकिन कैलाश झूठ नहीं बोलेगा मैं बोला अरे यार ऐसा कैसे हो सकता है. वह तो उसकी बहन बात को काट कर कहां छोड़ो जाने दो. जब तक अपनी आंखों से ना देखो किसी को कुछ ना कहो, लेकिन मुझे पक्का विश्वास था वह बात सही है क्योंकि मैं जानता हूं दुनिया में कोई बात असंभव नहीं है अगर धुआं उठा है तो आग जरूर लगी होगी।

एक मझे हुए खिलाड़ी की था अपनी जिंदगी के पारी खेली, मेरी बहुत छोटी फैमिली थी तब मम्मी को बहन केे बार में पता चल गया थाबंटी की फैमिली बड़ी है और उसकेे पास किराने की दुकान है लोक आते जाते रहते हैं. वही मेरे घर का लोकेशन ऐसा हैै कि कोई पर्सनली मेरे घर आना चाहे तभी इधर आता है मेरी छोटी फैमिली होने का लाभ मिला कहीं ना कहीं दूसरा कारण यह है मेरी बहन और मैं दोनों इस मामले में बड़े समझदार थे,मुझे आज अपने पुरानी यादें ताजा हो गई थी. मैं सोच रहा था काश वह पल दोबारा आ जाए. मैं उसको मैं तरीके से तैयार करके फिर से जिओ लेकिन आज वह संभव था , मेरा कल्पनाा मात्र रह गया था , काश सिर्फ का शुभंकर काश बंद कर मेरे अंदर समंदर की तरह समाया हुआ था.

अगर यह कहानी साइड नहीं होती तो शायद में अपने जीवन में घटित उस अविश्वसनीय घटना को इस समाज में शायद ही किसी को बता पाता लेकिन मुझे आज बताकर बहुत सुकून और शांति मिल रही है दोस्तों मैं अपनी कहानी पर आता हूं. मैं चुदाई के बारे में बहुत नही दिखता क्योंकि वाह कहानी में सब जानते हैं. एक दूसरे के प्यार में बिस्तर बाजी जरूर होती है हां मैं जरूर कहानी को थोड़ा थोड़ा अपने सेक्स लाइफ के बारे में भी लिखता हूं .

उस रात मां के साथ चुदाई**** करने के बाद मैं  चुदाई**** करनेे क लिए पागल सा हो गया था, बात ऐसी थी कुछ दिनों के लिए पापा अपने मित्र को ऑपरेशन कराने के लिए एक शहर चले गए थे. मम्मी को नीचे वाले कमरे में सोना पड़ रहा था और बहन भी नीचे मां के पास ही सोना पढ़ता था और मम्मी के कमरे के एक खास कमी थी पहले कमी तो या थे कि वह कमरा सबसे बाहर का था और दूसरा कि उसकेे ऊपर जो खिड़की लगी थी. उस खिड़की में एक तरफ का गेट टूट चुका था. अगर मां और बहन वहां कुछ करता तो रात में बड़े ताऊ के घर का कोई सदस्य जरूर पेशाब कर ले उठ जाता और फिर दिक्कत खड़े होने क्या खतरा हो जाता, एक कारण यह भी था की मम्मी कमरे का गेट खोल कर सोती थी बाहर बड़ी मां सोती थी, इससे मैं हूं और बहन दोनों का मिलना मुमकिन नहीं था मैं कोई सी भी कोई समस्या को अब नहीं बढ़ाना चाहता था.

बहन तो पागलों की तरह बिहेव कर रहे थी उसको तो सिर्फ शादी की पड़ी रहती थी वह कहती थी हमारी शादी हो गई है अब आप को डर कैसा हम तुम एक साथ सोए. अगर मैं जान भी जाएगी तो क्यााा कर लेगी , मैं किसी का समझा कर समस्या को खत्म करने की नाकाम कोशिश कर रहा था उसी बीच 4 /5 बार मैं  सीमा को मना कर चोद दिया था.
सीमा भी अब मुझसे गुस्से में थी ओ कहती हैं कि तुमको जब मुुसेझ काम होता है तब ही तुम्हारा प्यार दिखता है और काम होने के बाद तुमको मेरी याद नहीं आती  है, मैं बहुत समस्या को बता कर।  किसी तरह चोद पाया हूं.

और एक बात जो कहानी मैं लिख रहा हूं यह अब  हम पात्रों के जीवन में घटित हो चुकी है  जिसमें तीन लोग की शादी हो चुकी है और यह कहानी अपडेट न होने के कारण इसमें कुछ बातें को याद आने के बाद मुझे लिखना पड़ता .है जिसके कारण कहानी के बीच में और बांतों पर चला जाता हूं,
7/8 दिन बीत गए थे आज पापा आ गए थे मुझे आज बहन को चोदना था. बहन तो बहाना थी. मुझे मम्मी के लिए कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो गया था, मैं शाम को बहन को बोला कि आज रानी दवा लें कर आऊंगा, बहन बोली अब तक चलेगा इस तरह अब हमको कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा, और मैं जेल की तरह जीवन नहीं काट सकतीं,अगर तुम्हारे दिमाग में कुछ चल रहा है तो भूल जााओ तुम अब भागने की कोशिश नहीं करना, और ये बहाने नहीं बनाना की हमारी इज्जत चली जाएगी अब कुछ बचा नहीं है मेरे साथ बहुत कुछ हो गया है और एक लड़की की इज्जत में उसका जिस्म ही होता है जिसको तुम कितने वर्षों से भोग कर रहे हो,मैं जानता था कि अभी अगर मैं कुछ किया तो ये गुस्से में आकर कुछ गलत कर बैठेेेगी जिससे मेरा सारा वर्षों का किया गया मेहनत पानी हो जाएगा.
 

मैं स्थित  भांपते हुए कहा कि तुुुमसे ज्यादा मुझे जल्दी है लेकिन कहीं रहने के लिए पैसे की जरूरत होती है पहले जब तक मैं पैसे न कमाने का जरिया बना लू ,तब तक तुम मेेेरी मजबूरी समझाने की कोशिश करो , मैं भी तुम्हारे साथ जीवन भर रहना चाहता हूं , रानी बहन मुझे किस किस करने लगी और बोली आप नींद की गोलियां की दिक्कत ना करें अगली बार आप ने 1 पत्ते लाते थे,आप बस रात का इंतज़ार करें. मैंं बहन को चोदने के लिए नहीं बल्कि मम्मी को चोदने के लिए ज्यादा इंतजार कर रहा था मुझे मम्मी की विशालकाय चूचियों को दबाने का और चूसने का मन कर रहा था, उनकी चूत का स्वाद चखने का मजा ही कुछ और है सोचने मात्र से ही मेेेरा लंड लगता है कि अंडरवियर  फाड कर बाहर आ जायेगा.

लेकिन बहन से नहीं कह सकता हूं अगर उसको मेरी नियत का पता लगा तो वह धोखा मन कर बवाल मचा देगी मैं अपने मन की इच्छा दबाया हुआ राात का इंतजार कर रहा था, मां को चोदने के लिए  बेताब हो रहा था.

रात को बहन अपना काम कर दिया था 10.30 लगभग होंगे बहन मेरेे पास आकर चिपक कर किस करने लगी और मेरे लौड़े को पकड़ कर हिलाने लगी. मैं बहन के कपड़े उतार कर चूची पीने लगा और बहन के चूत में डाल दिया और बहन को बेमन से चोदने लगा लेकिन बहन को एहसास होने नहीं दिया 25 मिनट तक बहन को मसल कर खूब चोदा और अपना पानी छोड़ दिया और फिर बहन से चिपक कर लेट गया. बहन से कहा  हम दोनों लोग पता नहीं कब घर छोड़ कर भाग जायेंगे बहन बोली ओ तो करना ही पड़ेगा , मैं बोला एक बात बोलूं गुस्सा नहीं होंगे, बहन बोली अगर बात गुस्से बाली न होगी तो,बोलो आप मैं बोला जब-तक हम दोनों लोग घर में हैं तुम मम्मी को चोदने  दोगी बहन बोली क्या मुझसे पूूूरा नहीं पड़ रहा है.

मैं बोला हम अपने प्यार के रूप में कुछ यादगार पल लेजाना चाहते हैं कि हम दोनों कुछ बातें को याद कर के मज़ा ले. बहन मुझसे कहा कि तुम कसम लो की तुम इसी लिएमम्मी को चोदना चाहते हो मैं बहन के सर पर कसम खाती , चलों अगर यही बात है मां-बेटे का पवित्र खेल खेलें.
बहन के कमरे में गया तो देखा मां गहरी नींद में सो रही थी और उसके साड़ी ब्लाउज से हटे हुए थे और मां की घुटने के ऊपर आ गई थी, बहन मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी और बोली अपनी यांंदे बना, लो मां को देख कर ही मेेरा लंड तन गया बहन कुर्सी पर बैठ गई, मैं मां के चूचियों को कपड़े से आजाद कर दिया 2दो मिनट तक चुचियों को घूरता रहा मन कर रहा था कि काश मैं इसको हमेशा देखता रहूं , बीच में बहन बोली क्या हुआ कुछ नहीं मैं बोला और मम्मी के विशालकाय चूचियों को पकड़ कर दाबने लगा. मां की चुचियों इतनी बड़ी थी की मेरे दोनों हाथों में भी नही आ रही थी.

मम्मी गहरी नींद में सो रही थी मैं उनके चूचियों को पी रहा था मुझे इतनी हिम्मत कहां से आ गई थी मैं बहुत खुश था कि बता नहीं सकता मां के चुचियों के निप्पल को मुंह में डाल कर चूसने लगा और बहन कुर्सी से उठकर मेेरे पास आकर बैठ गई और मां के चूतड़ की तरफ मुझे खींच कर मां के चूत पर मेरा मुंह रख दिया. मैं मां के चूत को चाटने लगा बहन ऊपर से मेेेराा मुंह मां के चूतड़ में दाबााने लगी और कहने लगी चाट मां कीचूत ,हम दोनों यह भूल गए कि मां उठ ना जाए मां की। चूत चाटने के बाद अपना लौड़ा मां के चूत में डाल दिया और बहन से बोला रानी मां हििल नहीं रही है कितनी दवा खिला दिया,मां को चोद रहा था और हाथ से उनकी चुचियों को दबाने लगा था मैं मां को चोद कर थक गया था लेकिन पानी नहीं गिर रहा था.

40मिनट चोदने के बाद मैं अपना पानी छोड़ दिया और आज पहली बार मुझे किसी को चोद कर फिर से चोदने का मन कर रहा था और बहुत खुशी मिल रही थी. एक पाठक ने मुझसे पूछा कि आप की बहन सराफत की देवी कैसे हैं उनको ही नही सबको बताना चाहता हूं जब एक प्रेमी जोड़ा एक दूसरे के प्यार में सारी ख्वाहिशें  छोड़ कर एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार हों वही सरााफत है जिसको मेरी बहन ने खूब निभाई है,आप लोगों के बीच में ये मेरी कहानी का अंतिम भाग था,  कहानी तो बहुत बड़ी है , अगर आप लोग चाहेंगे तो आगे बढााऊंगा, धन्यवाद.