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चुदवाने की आदी चुदक्कड़ आंटी की चुदाई

हाय दोस्तो स्वागत है आपका मस्ताराम की इस साईट पर आप सभी का इस साईट की हर कहानी की तरह ये कहानी भी आप सभी को अच्छी लगेगी उम्मीद है आप सभी आज मुठ मारे और चुत में उंगली किये बिना नहीं रह सकते. मेरा नाम रामानुज है, मैं यु. पी का रहने वाला हू, मेरी एज 24 साल का हू, मेरे लंड का साइज़ 5.7’’ है, अगर स्टोरी अच्छी लगे तो कमेंट ज़रूर करना ताकि मै इस का का अगला पार्ट आप सभी के सामने और मजेदार बना कर भेज सकू. यह कहानी आज से 3 साल पहले की है जो मेरी और मेरी पाडोस वाली आंटी की है, जिसका नाम धान्वी है और उनकी एज करीब 34 की है, बट वो दिखने मे बिल्कुल 30 की लगती है, वो हाउस वाइफ है और उनके पति एक क्लास वन ऑफीसर है, उनको कोई बच्चा नही है, उनकी फिगर 36-30-38 है. वो दिखने मे सेक्सी एंड हॉट है, उनकी गॅंड तो लाजवाब है, जब वो चलती है तो उनकी गॅंड को देखते ही चोदने का मन हो जाता है, तो ज़्यादा वक़्त ना लेते हुए हम सीधे स्टोरी पर आते है.

तो यह कहानी उस टाइम की है जब मैने अपनी पढ़ाई ख़तम की और मैं जॉब ढूँढ रहा था, बहुत ट्राइ किया पर जॉब नही मिल रहा था, तो एक दिन आंटी मेरे घर पर मम्मी से कुछ बात करने आई, उस टाइम मैं घर पर था तो आंटी ने कहा की बेटा अपनी मम्मी को बुलाओ मुझे उनसे कुछ बात करनी है तो मैने अपनी मम्मी को बुलाया और वो दोनो रूम मे जाकर बात करने लगे.

थोड़ी देर बाद मैने सुना की आंटी की रोने की आवाज़ आ रही है तो मैं चुपके से सुनने लगा, आंटी मम्मी को बता रही थी की उनके हज़्बेंड उनको शराब पीकेर परेशान कर रहे है, मेरी मम्मी ने आंटी को समझाया और वो शांत हो गयी फिर आंटी थोड़ी देर बाद चली गयी.

कुछ दिन ऐसे ही नॉर्मल बीत गये और मेरे मम्मी पापा को 2 दिन के लिए टूर पर जाना था तो मम्मी ने मेरा खाने का इंतेज़ाम आंटी के यहा किया था, रात को मम्मी पापा चले गये और मैं घर पर जाकर सो गया. आप ये कहानी मस्ताराम. नेट पर पढ़ रहे है.

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फिर मैं जब सुबह फ्रेश होकर निकला तो आंटी ने कहा की तुम ने चाय नास्ता किया की नही तो मैने कहा आंटी मैं बाहर कर लूँगा तो आंटी ने मुझे मना किया और हम उनके घर पर चले गये. फिर आंटी चाय लेकर आई और मैं सोफे पर बैठा था, जैसी ही आंटी चाय देने के लिए झुकी तो उनकी साड़ी का पल्लू गिर गया तो उनके बूब्स दिखने लगे तो मैं चौक गया और मेरा ध्यान वही से हट नही रहा था तो आंटी ने यह देख लिया.

फिर आंटी नॉर्मल हुई और साड़ी का पल्लू ठीक किया और चली गयी, मैने भी नास्ता किया और मैं भी वाहा से निकलने लगा तो आंटी ने कहा की रूको मुझे तुम से कुछ काम है, मैं थोड़ी देर बैठा और आंटी आई और मुझे कहा की देखो तो मेरा डीवीडी स्टार्ट नही हो रहा है.

फिर आंटी चली गयी और मैं ठीक करने लगा कुछ देर तक बाद डीवीडी स्टार्ट हो गया तो मैने वाहा पर पड़ी हुई सीडी डाली चेक करने के लिए तो जैसे ही स्टार्ट हुई तो मैं चौक गया वो एक बीएफ की सीडी थी. फिर मैं देखने लगा तो आंटी वाहा आ गयी और मुझे बोलने लगी की तुम क्या कर रहे हो तो मैने कहा की मैं तो सीडी चेक कर रहा था, फिर मैने आंटी को कहा की यह सीडी यहाँ कैसे आई तो आंटी रोने लगी और कहा की यह सीडी मैं लाई थी.

मैने कहा क्यू तो आंटी ने कहा की मेरे पति मुझे सॅटिस्फाइड नही कर पाते और वो हमेशा मेरे साथ झगड़ा करते रहते है तो मैं यह सब देखकर अपना मन बना लेती हू. फिर मैने आंटी को शांत किया और आंटी को कहा की क्या मैं आपकी कुछ हेल्प कर सकता हू तो आंटी ने कहा की नही किसी को पता चल गया तो हमारी बदनामी होगी फिर मैने आंटी को मनाया तो थोड़ी देर बाद मान गयी.

फिर मैने आंटी को किस करने लगा पहले तो वो मेरा साथ नही दे रही थी पर थोड़ी देर बाद उनको भी मज़ा आने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगी, करीब 10 मिनिट्स बाद वो बोली मैं बाथरूम जाकर आती हू, तुम बेडरूम मे जाकर बैठो, मैं बेडरूम मे जाकर उनका वेट करने लगा.

थोड़ी देर बाद जब वो आई तो मैं उनको देखता ही रह गया, उसने साड़ी निकाल दी और सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे चली आई, मैं तो उनके बूब्स और गॅंड का दीवाना हो गया, जैसी ही वो अंदर आई मैं सीधा उनके उपर टूट पड़ा, उनके बूब्स को ब्रा के उपर से ही दबाने लगा, वो आआअह्ह… आआअह्ह्ह्ह., स्स्स्स्स्स्स की आवाज़े निकालने लगी.

फिर मैने उनके बूब्स को चूसने लगा और वो मेरे लंड को पैंट के उपर से ही सहलाने लगी, थोड़ी देर बाद मैने उनकी ब्रा को निकाल दिया तो उनके बूब्स आज़ाद हो गये, उनके बूब्स इतने बड़े थे की एक हाथ मे समा भी नही रहे थे.
फिर आंटी ने भी मेरे कपड़े निकाल दिए और मैने भी उनकी पैंटी निकाल दी, अब हम दोनो नंगे हो गये मैने आंटी की चूत जो की क्लीन थी अपनी उंगली से खेलने लगा.

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आंटी के पूरे बदन को चूमने लगा, करीब 10 मिनिट्स बाद हम दोनो 69 मे आ गये आंटी की चूत का टेस्ट बहुत ही मीठा था, आंटी मेरा लंड ऐसे चूस रही जैसे बरसो से लंड के लिए ताड़पी हो.

फिर आंटी ने कहा अब नही रहा जाता तो मैने आंटी की चूत के उपर लंड रखा और ज़ोर से शॉट मारा तो आंटी चिल्लाने लगी, अह्ह्ह्हाआह्हा सस्साससस्स आआस्सास आंटी बोल ने लगी बहुत दर्द हो रहा है. आप ये कहानी मस्ताराम. नेट पर पढ़ रहे है.

तो मैं थोड़ी देर रूका और स्लो स्लो शॉट्स मारने लगा फिर जैसे ही आंटी नॉर्मल हुई मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी और आंटी भी अब उछल ने लगी, अब हम जन्नत की सहर करने लगे थे.

मैं आंटी के बूब्स कभी कभी बाइट भी करता तो आंटी को और भी नशा चढ़ जाता था, आंटी बोलने लगी चोद इस रंडी को चोद चोद के भोस से भोसड़ा बना दे तो मेरा ज़ोर और भी बढ़ गया और मैं ज़ोर ज़ोर से शॉट्स मारने लगा, करीब 15 मिनिट्स बाद मैं तक गया तो मैं नीचे आया और आंटी को उपर बुला दिया.

आंटी ने मेरा लंड चूत मे डाला और उच्छल उच्छल कर चुदवाने लगी, उस टाइम आंटी 2 बार पानी छोड़ चुकी थी और मेरा निकलने वाला था तो मैने आंटी को कहा की मेरा निकलने वाला है.

तो आंटी ने कहा की अंदर मत छोड़ना तो मैने आंटी को नीचे उतारा और मेरा लंड उनके मूह मे दे दिया, आंटी ने मेरा लंड चूसने लगी और मैने सारा पानी उनके मूह मे डाल दिया, आंटी ने एक ज़ोर आआ भरी और मेरा सारा पानी पी गयी और मेरा लंड को चूस कर सॉफ कर दिया.

थोड़ी देर हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे और फिर आंटी घर का काम करने चली गयी और मैं उनके रूम मे सो गया और दोपहर के लंच के बाद हमने फिर से सेक्स चालू किया, उस दिन मैने आंटी को 4 बार चोदा.

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