घर की औरतों की चुदास जाग उठी- 1

मैंने अपना कुरता ऊपर उठाया और बोली- सिर्फ एक-एक बार दोनों चुचूक चूस लो और काटना नहीं। मेरे दोनों चूतड़ों को दबाते हुए विशाल ने दोनों चुचूक एक एक करके मुँह में लिए और लॉलीपोप की तरह एक एक बार चूसे। इस बीच विशाल झड़ गया। मेरी बुर भी पूरी गीली हो गई थी, मेरा देवर के साथ यह पहला सुंदर कामुक अनुभव था।

गुलाबों की चुत चुदने के लिए कुनमुना रही

मेरी चूत को अपने लंड से बजाने लगे। पुराने चोदू थे, 5-6 आसनों से इन्होंने मेरी चूत बजा बजा कर मेरे बदन के पुर्जे ढीले कर दिए और मेरी चूत अपने वीर्य से नहला दी। आह! चुदने के बाद मुझे बड़ी शांति मिली।

मेरा बचपन जवानी मे बदल गया

उन्होंने अपनी पैंट खोलकर अपने नूनू को दिखाया जो मोटा और बड़ा था तथा उसपर दाँत के निशान थे। मैंने डर कर उनसे कहा कि आपको मैंने जानबूझकर वहाँ नहीं कटा है। मैं गुदगुदी से बचने के लिए झुकी थी। जब आप गुदगुदी से रोकने पर नही माने तो मैंने झुके झुके ही काट लिया।

जीवन साथी बनीं मां

अब तुमसे कैसा शर्माना एक ही काम तो नहीं की हो सिर्फ मेरे चूत में अपना लौड़ा**नहीं डाले हो लेकिन मेरे नाम के कितने मुठ मारे हो कितनी बार अपनी चड्डी गीली कर डाले हो मैं सब जानती हूं और सब देखती थी मैं भी बहुत कंफ्यूज थी

पड़ोसन की चुत बड़ी सुहावन लागे

बहुत प्यार से चुदाई के मजे लेने लगे. वो मेरी तोंद पर बैठ कर मेरे लंड पे कूद रही थी. उसकी बड़ी बड़ी चुचियां ‘थप थप’ उछल उछल कर टकरा रही थीं. मधुर चुदाई का समा बन गया था। मजा आ गया. मैं गीतांजली को वैसे ही गोद में उठा कर खड़ा हो गया और उसे ऊपर नीचे करने लगा. उसकी चुचियां मेरी छाती के बालों से रगड़ खा कर और टाइट हो गईं. मैं भी मसल मसल कर दूध पी रहा था. मैंने थोड़ी तेजी बढ़ा दी.

इस कमीनी चुत को घोड़े का लंड चाहिए- 2

इस कमीनी चुत को घोड़े का लंड चाहिए- 1 रितू मस्ती में नहा रही थी, पूरा लण्ड उसकी चूत में कस कर घुसा हुआ था। वो बार बार चिल्ला रही थी- भाईसाहब चोदो ! इस कुते को आराम क्यों करा रहे हो ! मैं बोला- तेरे भूत को दबाए हुए है यह ! और मैंने […]

इस कमीनी चुत को घोड़े का लंड चाहिए- 1

अब अपना लण्ड इस कमीनी चूत में डालो ना ! इसको फाड़ो और चोदो ! अब इसे और मत तड़फाओ। मैंने रितू की जाँघों के बीच घुटने के बल बैठकर अपने हाथों से उसकी दोनों चूचियां कस कस के पकड़ ली और उन्हें तेजी से दबाने लगा। मेरा लण्ड का सुपाड़ा रितू की चूत से टकरा रहा था। मैं चोदने का माहिर था और २०० से जयादा औरतों की चूत चोद चुका था इसलिए मैं रितू को चोदने से पहले थोड़ा और गरम करना चाहता था।

दीदी हो तो ऐसी

मेने अपना लैंड का टोपा 3 इंच ही अंदर डाला था की दीदी ऊऊ माँ माँ हहहहह ईईईईई ईईई सिसिकिया निकल रही थी । उनकी चुत बहुत टाइट थी या मेरे लण्ड मोटा मुझे नही पता ,पता  तो ये था कि में बहनचोद बन चूका हूँ।

लंड चुसवाने के आदि हो गए पति

इंग्लिश टॉयलेट पर बैठकर भैया ने अपने लौड़े पर भाभी को बिठा लिया और कस कस कर उनकी चूचियों को मसलने लगे। भाभी धीरे धीरे चिल्ला रही थी- कुत्ते! चूत में डाल इस लौड़े को!

मेरे कारनामे देख आंटी भी शर्मा गई

इस बहुत ही तीव्र गति की चुदाई से आंटी भी बहुत उत्तेजित हो गई और अत्याधिक ऊँचे स्वर में सिसकारियाँ लेने लगी तथा मेरा साथ देते हुए आगे-पीछे भी हिलने लगी। उनकी इस गतिविधि से हम दोनों को उस चुदाई का बहुत ही आनन्द आने लगा था। तभी आंटी का शरीर अकड़ गया और उनकी चूत बहुत ही जोर से सिकुड़ गई तथा मेरे लण्ड को अन्दर की ओर खींचने लगी।