दामाद और सास के बीच का रिश्ता

उन्होंने अपने हाथ मेरी गांड के नीचे से मेरी अंडरवियर के अन्दर डाले और एक ही झटके में मेरा लंड फुदक कर बाहर उनके मुँह के सामने स्प्रिंग की तरह हिलने लगा. फिर उन्होंने झुक कर कहा- आज मैं तुम्हें बताऊंगी कि मैं क्यों इतने दिनों से तड़प रही थी. और ऐसा कहते कहते उन्होंने अपनी मुट्ठी में मेरा लंड पकड़ लिया. किसी कॉर्क की बॉटल की तरह मेरा लंड मेरी सास के हाथ में था. दूसरे हाथ से वो मेरे बॉल्स को सहला रही थीं

सुहागरात मे तन्नाए हुए लंड की दास्ता

उस रात मैंने उसे एक बार और खूब चोदा और एक बार फिर उसकी गाण्ड मारी। उसको चोदते- चोदते कब सुबह होने को आई.. पता ही नहीं चला।
हम एक-दूसरे से लिपटे हुए कब सो गए.. कुछ भी पता नहीं चला। सुबह जब उठे.. तब 8 बज चुके थे। मेरी बड़ी साली आ चुकी थी और वो हम दोनों को नंगा एक-दूसरे की बाँहों में नंगा देख चुकी थी। मेरी सास की चूत और गाण्ड सूज कर पकौड़ा बन गई थी

विधवा की सुनी चुत की अनसुनी कहानी

नुतन की चूत को दो उंगलियों से चौड़ा करके उसके अंदर थूकने लगी. दो तीन बार थूक कर वो बोली… “ अब प्रयास करो साब.” मैंने अपना लंड फिर नुतन की चूत पर आड़ा रखा और हलके से धक्का मारा. वाह, ये तो आधे से ज़्यादा लंड अंदर चला गया. नुतन की हलकी सी चीख निकल गई. बिजली ने मेरे कंधों पर हाथ रखा और ज़ोर से दबाया. लंड पूरा नुतन की चूत में घुस गया

नाभी मे उंगली करने से हुई उत्तेजना

उसकी चूत बार बार मेरी ज़बान पर आती और हट जाती. उसे इतना मज़ा आने लगा कि उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे सर को आगे पीछे करने लगी. मेरा मुंह बार बार उसकी चूत से टकराने लगा. मुझे शरारत सूझी और मैंने अपनी ज़बान को मुंह में बंद कर दिया. वो बेचैन हो गई और सिसकते हुए बोली… साब… डाल दो डाल दो

बचपन मे ही लिया सेक्स का मजा

बहुत उत्साह और तेजी से ऊपर नीचे हो रहा था मेरी चीख के साथ ही सुनी भी रुक गया और सीधी हो गया और मैंने रोना शुरू कर दिया था सुनी मुझे रोता देखकर डर गया और मुझे चुप कराने की कोशिश करने लगा – मुझे दर्द जो इक करारा झटका लगा था धीरे धीरे उसकी तीव्रता में कमी आने लगी थी और लगभग पांच दस मिनट रोने के बाद शांत हो गई

दो लड़कियो की चुत की धज्जिया उड़ा डाला

हर्षिता की चूत मे लंड घुसा दिया मेरे मूह मे रिपु का लंड झाड़ रहा था उसके लंड से हर्षिता की चूत का स्वाद आ रहा था पूरी तरह झड़ने के बाद भी रिपु का लंड बड़ा दिख रहा था मैं लंड पकड़ कर बोली हर्षिता अपनी चूत मे इतना बड़ा लंड कैसे ले गयी, हर्षिता सुरेश के लंड पर बैठे थी सुरेश ने उसकी कमर मे हाथ डाल कर अपने उप्पर लिटा लिया

भाई ने अम्मी और हम बहनो को चोदा

मैं खड़ी हो कर अपनी चुचि फारुख के मुह्न में डालने लगी, और फारुख नीचे से अम्मी को चोदने लगा और उपर से मेरी चुचि को चूसने लगा. मेरी साँसें मुश्किल से चल रही थी, मेरा छ्होला भड़क रहा था. फारुख ने चुदाई की स्पीड और तेज़ कर दी और वो अम्मी की चुचि को पकड़ कर दबाने लगा.” अम्मी तुम तो बहुत टाइट हो, मुझे पता ही नहीं था कि अम्मी एक चुड़ाकड़ छिनल है, अम्मी तेरी चूत तो बहुत टाइट है

कुछ दिन के लिए मौसी बनी मेरी

उनकी चूची को छोड़ कर उनका निचला वाला रसीला, नर्म और लाल होंठ मुँह में दबा लिया और चूसने लगा। मौसी भी मेरा साथ पूरे समर्पण के साथ दे रही थी, उनके हाथ लगातार मेरे सीने पर घूम रहे थे, मैं उत्तेजना की वजह से उनको जोर जोर से चूम रहा था। अचानक से उनके मुँह से आईई की आवाज निकली, मेरे मुँह में कुछ खून ऐसा स्वाद आने लगा था। मैंने उनके होंठ को देखा तो वहां मेरे जोर से चूमने की वजह से दांतों से कट गया था

लंड उसकी गांड को फाड़ फाड़ चोदा

मेरा लंड उसकी गॅंड मे घुस रहा था और उसे अछा लग रहा था मैने उसके नेक पे किस करना स्टार्ट कर दिया वो बोलने लगी अभी बहोत टाइम हैं आराम से कर लेना अभी मुझे काम कर लेने दे मैने उसके बूब्स दबा दिया और उसने मुझे अलग किया और मैं किचन से बाहर आके टीवी देखने लगा फिर आधे घंटे बाद रिया आई और बोली

छोटी-छोटी चूचीयाँ उन्नत वक्ष स्थल में बदल गई

गुप्ताईन की साड़ी को घुटनों से ऊपर तक उठाते हुए तेल लगाना शुरू कर दिया था। अब गुप्ताईन की गोरी चिकनी टांगो पर तेल लगते हुए आया की बातों का सिलसिला शुरू हो गया था। अब आया ने गुप्ताईन की तारीफो के पूल बांधना शुरू कर दिए थे, तो गुप्ताईन ने थोड़ा सा मुस्कुराते हुए पूछा कि और गाँव का हालचाल तो बता, तू तो पता नहीं कहाँ कहाँ मुँह मारती रहती है