चूत की खुराक भी जरूरी है-2

प्रेषक: इमरान एक शाम मैंने फिर मुठ्ठ मार कर उसकी चड्डी में पोंछ कर टांग दिया और अपने कमरे की खिड़की से उसकी प्रतिक्रिया देखने लगा। उसने जब कपड़े समेटे तभी महसूस कर लिया कि मैंने फिर वही हरकत की थी लेकिन इस बार उसने नीम अँधेरे में चड्डी को गौर से  देखा, फिर मुड़ […]

चूत की खुराक भी जरूरी है-1

प्रेषक : इमरान दोस्तो, एक बात तो मैं ज़रूर कहना चाहूँगा कि मस्तराम कमाल की चीज़ है जो न सिर्फ कहानियों के द्वारा आपका मनोरंजन कराती है बल्कि जो लिखते हैं उन्हें भी ऐसे मौके भी उपलब्ध करा देती है, जिसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। पिछले दिनों मस्तराम में छपी मेरी एक […]

कसी-कसी चूचियाँ-2

प्रेषक : इमरान “सुख का क्या है, कई लोग होते हैं जिनकी किस्मत में शादी टूटने के बाद सुख नहीं होता और कई लोग होते हैं, जिनकी किस्मत में शादी होते हुए भी सुख नहीं होता।” कहते वक़्त उसकी आवाज़ में एक मायूसी थी जिसने मेरे लोअर में हलचल मचा दी। मैंने उसकी आँखों में […]

कसी-कसी चूचियाँ-1

प्रेषक : इमरान दोस्तो, मैं इमरान, मुंबई में रहता हूँ और एक मोबाइल कम्पनी में काम करता हूँ। ज़िन्दगी अब तक ऐसी गुजरी है कि उस पर कभी तो लानत भेजने का मन करता है और कभी सोचता हूँ क्या बुराई है इसमें…! मुझे ऐसा लगता है जैसे हमेशा मुझे लोगों ने इस्तेमाल ही किया […]

चालू हो गई-2

प्रेषक : इमरान मैंने उसका आशय समझ कर अपने कपड़े उतारने में देर नहीं लगाई। चूँकि मैं एक अच्छे कसरती शरीर का स्वामी था इसलिए उसे पसंद न आने का सवाल ही नहीं था… बाकी मेरा पप्पू ज़रूर मेरे हिसाब से छोटा था लेकिन वो उसके साथ संतुष्ट थी तो ठीक ही था। मैं उसके […]

चालू हो गई-1

प्रेषक : इमरान “क्या देख रहे हो? कभी कुछ देखा नहीं क्या?” उसने बड़े बेबाक अंदाज़ में पूछा। “जी !” मैं एकदम से सकपका गया। वह अजीब से अंदाज़ में हंसी… मैंने झेंप कर चेहरा घुमा लिया। इस वक़्त शाम के चार बजे थे मगर आकाश पर छाई घटाओं और बारिश ने दिन में ही […]

पराये मर्द के लण्ड का नशा-2

प्रेषक : इमरान ओवेश फिर नहाने के वक़्त भी दिमाग अपनी जगह नहीं था, झटका तब लगा जब किसी के दरवाज़े पर जोर देने से वो खुल गया। मैंने पीछे घूम कर देखा तो सामने ही रफीक खड़ा उलझी-उलझी साँसों से मुझे देख रहा था। “क्या है? तुम अन्दर कैसे आये?” मुझे एकदम से तो […]

पराये मर्द के लण्ड का नशा-1

प्रेषक : इमरान मस्तराम डॉट नेट के सभी पाठकों को आदाब ! आपकी सेवा में मैं अपनी एक ऐसी दोस्त की कहानी लेकर हाज़िर हूँ, जिसके पास बताने को कहानियाँ तो कई हैं मगर लिखने का हुनर नहीं। शब्दों का गढ़न भी एक कला है, जो हर एक के पास नहीं होती। बहरहाल उनकी कहानी […]

पराये मर्द के लण्ड का नशा-3

प्रेषक : इमरान दर्द पर आनन्द हावी होने लगा, मैं महसूस कर रही थी कि उसका XL साइज़ का लिंग लगातार योनि के संकुचित मार्ग को धीरे-धीरे फैलाता अन्दर सरक रहा है। मैंने आँखे भींच ली थी और खुद को उसके हवाले कर दिया था। फिर शायद आधा अन्दर घुसाने के बाद, वो ऊपर से […]

कुर्ती के अन्दर

प्रेषक : अमन सिंह हैलो दोस्तो, मैं पहली बार कोई कहानी लिख रहा हूँ। यह मेरी वास्तविक कहानी है। मैं ट्युशन पढ़ाने का कार्य करता हूँ। बात उस समय की है जब शमा परवीन नाम की एक लड़की ट्युशन पढ़ने आई। पहले ही दिन से उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या होने लगा। […]