मेरा बचपन जवानी मे बदल गया-2

अपनी बीच वाली उंगली मेरी योनि में बाहर भीतर करने लगे। थोडी देर बाद उन्होने अपनी दूसरी उंगली भी डाल दी। मैं दर्द के मारे कराहने लगी। उन्होंने मुझे पुचकारा और धीरे धीरे योनि को सहलाना शुरू किया। मुझे कुछ आराम हुआ। उन्होंने अपनी अंडरवीयर उतार दी। उनका सूसू लंबा तथा कडा दिख रहा था।

शराफत की देवी मेरी बहन

अरे रानी तू  इतना दिन अपने भाई से क्योंं दूर रही चूत 20 मिनट चाटनेेे के बाद लंड को**निकाला बहन की चूत** में डाल दिया फिर धीरे धीरे झटके मारने लगा बहन को झुका कर अपना लंड**पीछे से उसकेेे चूत** में*डाल दिया और झटके देने लगा और अपने दोनों हाथों से पीछे से दोनों चुचियों को पकड़कर पीछे सेेे झटके मार रहा था.

बस मे अजनबी के साथ संभोग और कामरस

मैंने उसकी चूत में अपने लंड का प्रवेश कराया तो वो चिंहुक उठी। उसकी चूत तो पूरी गीली पड़ी थी, लंड अपने आप अन्दर सरकता चला गया और उसकी जड़ तक जाकर बैठ गया।
उसने मेरी कमर को अपनी टांगों से जकड़ लिया। वह भी मेरे लंड उसके साथ ही अपने हिसाब से चूतड़ों को आगे पीछे करने लगी ।

पड़ोस की साली के साथ सेक्सी घटना

सर पकड़ के उसके मुँह में लंड अन्दर बाहर करने लगा. वो उसके बालों को जोर जोर से ऊपर खींच कर लंड को और अन्दर डालने लगा. श्रेया के मुँह में जोर जोर से धक्के देने लगा. रशीद का लंड श्रेया के मुँह में अन्दर तक चला गया. उसके लंड की टोपी पूरी पीछे करके सुपारा श्रेया के दांतों पे जुबान पे रगड़ने लगा. मेरे बालों को नोंचने और खींचने के बाद दोनों गाल बाहर से पकड़ कर लंड पर पकड़ जमा ली

पति के दोस्तो से ग्रुप मे चुदी

पति के दोस्तो से ग्रुप मे चुदी मयंक ने अब मुझे सीधे लिटा दिया और मेरी टांगों को अपने कंधे पर रख कर मेरी चूत में लण्ड डाल कर चूचिओं को दबाने लगा. मयंक ने जब ज़ोर-ज़ोर से चूत में धक्के मारे तो उसका लण्ड चूत को अंदर से रगड़ रहा था और उसके आंड मेरी गांड पर टकरा रहे थे मुझे मयंक ज़न्नत की सैर करा रहा था.. अब मै भी झड़ने वाली थी

फौजी अंकल से रात भर खुब चुदी

एक दूसरे की चुत, गांड और लंड को चूस रहे थे. जिसे देख कर मेरी चुत गीली होने लग गई. मैने अपना हाथ अपनी पेंटी मे डॉल लिया और अपनी छूट को मसलने लग गई थी. मेरी चूत पहले से ही अपना काफ़ी पानी निकाल दिया था

नया साल मे नया माल

मेरा लंड खडा होगया मैंने तुरंत इसकी मुह से लंड निकाला और चुत मे पेल दिया. इसबार लंड असानी से चुत मे चला गया. उसकी चुत सेफच फच की मधुर आवाज से जोशीले होते गया. एक उंगली उसकी gaand के छेद मे डाल के gaand भी मारने लगा. मस्त मस्त चुदाई के माहोल बना रहा .

जीवन साथी बनी मां- 2

मैं भी मां के मुंह में पेशाब करने लगा मटक मटक कर सारा पानी पी रही थी और कुछ पानी उसके मुंह और सूचियों पर टपक रहे थे. इसके बाद मां मेरे लंड** को चुत** में डाल दिया जोर जोर से चोदने लगी मैं नीचे रस्सी में बंधा हुआ नीचे से हल्का हल्का अपने लंड* को उछाल मार रहा था ऊपर से मां जोर जोर से अपने चूतड को हिला रही थी.

नौकरानी ने मुझे चुदाई मे एक्स्पर्ट बनाया

मैं भी कुतिया, रंडी, साली, रंडी की औलाद, तेरी भोंसरी की मारूँ, लोंडी बकता हुआ हसीना को चोदने में लगा हुआ था। 5 मिनट की चुदाई के बाद मैं निढाल होकर लेट गया, हसीना भी मुझसे चिपक गई। चिपके चिपके हम एक दूसरे की चूची, चूत चुचकों और लण्ड से खेल रहे थे।

घर की औरतों की चुदास जाग उठी- 2

उसने मेरी चूत के दाने को मसलते हुए पूछा- भाभी यहाँ सब लोग रंडियां लेकर आते हैं, आप गुस्सा तो नहीं हो इस गंदे हाल में आकर? मुझे इस समय बहुत आनन्द आ रहा था, बोली- गुस्सा क्यों होऊँगी? यहाँ मुझे कौन जानता है, सब लोग यही समझ रहे हैं कि मैं रंडी हूँ ! यह सोचकर गुदगुदी और हो रही है। अब तुम भी जल्दी से अपनी भाभी रांड को चोद दो और हाल में कोई पूछे तो रंडी ही बताना। अब चोदो, देर न करो !