कामवाली अक्का की जवान बहु- 1

मैंने अत्यंत तीव्रता से धक्के लगाये जिस कारण योनि लिंग के संसर्ग से निकली फच.. फच.. की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.सुर्प्रीत उस आवाज़ को सुन कर अत्यंत उत्तेजित हो गई और अपने कूल्हे उठा उठा कर मेरे हर धक्के का उत्तर देते हुए मेरा साथ देने लगी

देसी पहलवान के साथ क्रेजी सेक्स- 2

एक देसी राजपूत महाराजा जिसका गठीला नंगा जिस्म काम की आग में जलता हुआ… चेहरा, होंठ, छाती, हाथ, आंखें, सांसें हर जगह से सेक्स की ज्वाला निकल रही थी और मैं उनकी हर बात को नोटिस कर रहा था और उन्हें निहार रहा था, मानो इतना सेक्सी मर्द ऐसी हरकतें करता मुझे कभी जीवन में दिखने ही नहीं वाला हो

देसी पहलवान के साथ क्रेजी सेक्स- 1

उस मदमस्त नए माल की कामुक जवानी के मुझे दर्शन हुए लेकिन आज भी उसने कल के वही कपड़े पहन रखे थे मतलब वह आज बिना नहाए आया था मेरे द्वारा उसका लण्ड सहला देने से उसके मुँह से भी कामुकता के आनन्द की आह निकल गयी. उसके लिए यह सब कुछ पहली बार था और अब वह अपने रॉड जैसे कड़क हो चुके लण्ड और उसमें काफी समय से भरे हुए कामरस के कारण

“कुवारा लंड”- मजेदार सेक्स स्टोरी

फिर उसने मेरे पायजामा को उतार दिया और फिर मेरी पेंटी को उतार कर मुझे भी पूरी नंगी कर दिया अब उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे दोनों पैरो को फैला कर मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए कसमसाने लगी वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरी चूत के दाने को भी होंठ में दबा कर चूसने लगा

ब्रा वर करूँन तिचा मोठा बूब्स दाबला

तिचा अवज आला कि जाणू बेबी प्लीज तुझी जीभ आत मध्ये टाकून दे, मग मी तर एकदम वेडा झालो होतो आणि मग मी माझ्या बोटाने तिची पुच्ची थोडी ओपन केली होती आणि मग मी माझी जीभ त्या च्या आत मध्ये टाकून दिली होती, तिची पुच्ची आत मधून एकदम ओली झाली होती आणि खूप गरम पण झाली होती

खाला की चूत भंग कर दिया

मैंने अपने गरम गरम होंठो से खाला की कडक चूंचियां चुसना चालू कर दिया. एक हाथ से मैं एक चूंची को दबाता था और दूसरी को अपने होंठो से चूस रहा था. खाला की मादक सिसकियाँ मुझे उत्तेजना का और नशा दे रही थी. फिर मैंने एक हाथ को निचे ले जा के खाला की सलवार का नाडा खोल दिया. सलवार निचे जमीन पर जा गिरी. और मेरा एक हाथ धीरे से उनकी बुर पर आ गया. मैंने खाला की बुर में छेद ढूंढने लगा

मेरे खड़े निप्पल से खेलती उनकी उंगलिया

उनके चेहरे पर अब गुस्से की जगह उत्तेजना की झलक दिखाई पद रही थी. चाचा अब मुझे और ज़ोर से चोद रहे थे. उन्होने ने मुझे थोड़े से आगे की तरफ धकेलते हुए कहा, “रिधिमा अपने चेहरे को बिस्तर के साथ लगा दो.ऊन्होने जैसा कहा मेने किया. मेने अपने शरीर को थोड़ा सा बिस्तर पर टिका अपने चेहरे को पूरा झुका दिया. मेरे चुतताड हवा में उठ गये थे

चूत चटवाती तेरी मदमस्त जवानी

हमलोग जब रात में खाना खा रहे थे तो मैं उनकी चुचियां निहार रहा था, माँ ने नोटिस किया आख दिखा कर मुसकुरा दिया। मैं समझ गया कि ये पट जाएगी, लेकिन मैं डर भी रहा था कही कोई उलटा न हो जाए ऐसे ही दिन बितता गया। लगभग 1 महीने बाद जब मैं काॅलेज केंटीन में था तब पापा का फोन आया

नौकरानी, ड्राइवर और मेरी कहानी -2

अनिल ने मेरे मम्मों को थाम लिया और मुझे किस भी करने लगा, मेरा ध्यान दर्द से हट गया और मैं उसके गहरे चुम्बनों का आनन्द लेने लगी।
अनिल ने मुझे आराम में पाकर अपने धक्कों की रफ़्तार थोड़ी बढ़ा दी। उसका मोटा लण्ड मेरी चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था। दर्द हालांकि हो रहा था.. लेकिन मज़ा ज्यादा आ रहा था

नौकरानी, ड्राइवर और मेरी कहानी -1

पहले तो मैंने उससे ज्यादा बात नहीं की.. लेकिन साथ-साथ काम करते-करते थोड़ी बहुत बातें होने लगीं और जब बातें होने लगी तो धीरे-धीरे वो चुटकुले सुनाने लगा। फ़िर उसके चुटकुले गंदे होते गए, अश्लील इशारे भी करने लगा सुमनसा ने इंद्रिका की ओर देखा, उसकी आँखों में गुस्से की जगह जिज्ञासा के भाव देख कर सुमनसा को तसल्ली हुई