मैं भाभी और आंटीयों को मजे कराता हूँ

हेलो ऑल डीके रीडर्स, मैं लोकेश हूँ और मैं अब मैं जो भी आंटी सेक्स की भूखी होती है उनकी सेक्स की प्यास बुझाता हूँ, ये स्टोरी है की कैसे मैं जिगलो बना वो बताने जा रहा हूँ, ये बात आज से एक साल पहले की है मेरे पास कोई काम नही था और ज़्यादा टाइम घर पर ही रहता था और एक दिन मेरी आंटी मेरे घर पर आई और एक दिन रहने के बाद मुझसे काफ़ी बाते की और बोली की मेरे घर के पास कोई काम खाली है अगर तुम कहो तो मैं तुमको वाहा पर लगा दूँगी।

मैं भी काफ़ी परेशान था इसलिए हान बोल दिया और वो चली गयी, दूसरे दिन उनकी कॉल आई की बात हो गयी है तुम मेरे घर आ जाओ और मैं उनके घर गया तो उन्होने मुझे एक घर का अड्रेस दिया और बोली वाहा जाकर मेरा नाम ले देना और वो सब बता देंगे क्या काम करना है, मैं वाहा पर गया एक बहुत ही बड़ा घर था मैने बेल बजाई तो एक आंटी ने दरवाज़ा खोला, वाउ आंटी नाइटी मे थी और बहुत सेक्सी लग रही थी तो मैने आंटी का नाम बताया फिर उन्होने मुझे अंदर बुलाया और मैं अंदर एक सोफे पर जाकर बैठ गया, वो अंदर जाकर मेरे लिए कॉफी लेकर आई जब वो टेबल पर कॉफी रखने लगी तो उनके बूब्स मुझे पूरे नज़र आ गये.

मैं तो मानो दंग रह गया फिर वो मुझसे बिल्कुल चिपक कर बैठ गयी और मुझे कॉफी पीने को बोला, मैं हैरान था आख़िर ये क्या हो रहा है और फिर वो बोली कितनी बार किया है, मैं पूछा क्या तो वो बोली सेक्स और मैं तो घबरा गया और अब मेरी समझ मे आ गया था की मेरी आंटी ने मुझे किस काम के लिए बुलाया है फिर मैने दिल मे सोचा बेकारी से अछा है की कुछ एंजॉय ही किया जाए, फिर मैने भी उस आंटी के बूब्स पर हाथ रख कर कहा अभी तक सेक्स किया नही है, तो वो खुश हो गयी और मुझे कहा कोई बात नही.

मैं सब हॅंडल कर लूँगी और मुझे बेडरूम मे ले गयी और फिर मेरे होंठो पर किस करने लगी और अपनी जीब मेरे मूह मे डालकर चूसने लगी, मैं भी फुल एंजॉय करने लगा और फिर आंटी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और नीचे बैठ कर मेरा लॅंड मज़े से चूसने लगी, मैं पहली बार सेक्स का मज़ा ले रहा था क्या बतौ यारो लॅंड चूसना भी एक आर्ट है और फिर आंटी ने मेरा पानी निकाल दिया और फिर अपने कपड़े उतार कर बेड पर लेट गयी और मेरा सिर पकड़ कर अपनी चिकनी चुत पर दबा दिया और बोली चाटो, मैं भी अपनी जीभ से चुत चाटने लगा आंटी ज़ोर-ज़ोर से आहें भर रही थी.

आआअहह और ज़ोर से आआअहह वाउ आह एस एस चाटो अहह आअहह, फिर कोई 15 मिनट मे वो भी झड़ गयी और फिर बहुत तेज़-तेज़ साँसे लेने लगी, कुछ देर बाद वो बोली अब तुम लेट जाओ मैं लेट गया और मेरा लॅंड फिर से फुल खड़ा हो चुका था, वो मेरे उपर आकर मेरे लॅंड पर अपनी चुत को सेट करके उपर नीचे कूदने लगी और मुझे किस भी कर रही थी मैं तो जैसे जन्नत मे था बहुत मज़ा आ रहा था, मैं भी नीचे से धक्के लगाने लगा और फिर आंटी डोगी बन गयी और मैं पीछे से उनकी चुत मे लॅंड डाल कर चोदने लगा, आंटी बहुत ज़ोर से चिल्ला रही और तेज़्ज़्ज़ और तेज़ करते रहो और मैं भी ज़ोर लगा कर चोद रहा था.

फिर आंटी ने सीधा होकर अपनी टाँगे मेरे कंधे पर रख दी और अपनी चुत फैला कर चुदवाने लगी, अब तक आंटी दो बार पानी छोड़ चुकी थी और फिर मेरा भी पानी निकलने वाला था तो आंटी बोली मेरे मूह मे झड़ना और करीब 12 या 15 झटके मारने के बाद मैने अपना लॅंड निकाल कर आंटी के मूह मे पानी निकाल दिया, वो सारा पानी पी गयी और फिर हम आधे घंटे तक एक दूसरे से चिपक कर लेटे रहे, फिर आंटी ने मेरे बारे मे पूछा और बोली आज बहुत मज़ा आया.

मैं बहुत सॅटिस्फाइ हुई और बोली अगर तुम चाहो तो मैं तुमको और कई अपनी सहेलियों से चुत दिलवा सकती हूँ और आछे पैसे भी मिलेंगे, मैने हान बोल दिया और फिर हमने शोवर लिया और बाथरूम मे जाकर उसने अपनी गॅंड बड़ी कर के मुझे चाटने को बोला मैं भी सेक्सी अंदाज़ मे उसके गॅंड के छेद पर ज़ुबान फेरने लगा, वो सिसकारियाँ भरने लगी और फिर मैने अपनी एक फिंगर उसकी गॅंड मे डालने लगा वो बहुत अजीब तरह से एंजॉय कर रही थी, फिर मैने धीरे-धीरे दो उंगलियाँ उसकी गॅंड मे अंदर-बाहर करने लगा आंटी मेरे लॅंड को हाथ मे लेकर सहलाने लगी और मूह मे लेकर चूसने लगी.

मैं तो जैसे पागल हो रहा था और फिर आंटी ने बहुत सारा थूक अपनी गॅंड और मेरे लॅंड पर लगा कर दीवार से लग कर खड़ी हो गयी और मुझे इशारे से लॅंड गॅंड मे डालने को बोली, मैने भी उनकी एक टाँग अपने हाथ मे लेकर अपना लॅंड उनकी गॅंड मे डाल दिया लॅंड और चुत पर थूक होने की वजा से आसानी से अंदर चला गया और मैं उन्हे बहुत तेज़-तेज़ चोदने लगा आंटी चिल्ला चिल्ला कर मुझे और तेज़ चोदने को बोल रही थी, मेरा लॅंड तो मशीन की तरह आ जा कर रहा था.

फिर आंटी ने मुझे ज़मीन पर लेटा कर मेरा लॅंड अपनी गॅंड मे डालकर उछलने लगी और मेरे हाथ अपने बूब्स पर रख दिए और मैने तेज़ी से दबा-दबा कर उनको और ज़्यादा मज़ा दे रहा था और फिर वो डॉगी बन गयी मैने पीछे से गॅंड मारने लगा और आंटी अपनी दो उंगलियाँ चुत मे डाल कर और तेज़ और तेज़ चोदो चिल्ला रही थी, करीब 20 मिनट गॅंड मारने के बाद मैं उनकी गॅंड मे ही झड़ गया और आंटी बहुत तेज़-तेज़ साँसे लेते हुए मुझे स्माइल पास करने लगी, फिर एक लंबा किस दिया.

उसके बाद हमने एक दूसरे को शोवर दिया और फिर बाहर आ कर अपने-अपने कपड़े पहने और फिर आंटी ने मुझे अपनी पॉकेट मे से 5000 रुपये दिए और बोली तुम चाहो तो मैं तुम्हें रोज़ इतना मज़ा और इससे ज़्यादा पैसा दूँगी, मैं बोला हान मुझे ज़रूरत है तो आंटी ने नंबर एक्सचेंज किया और बोली तुमको मेरी बहुत सारी फ्रेंड को चोदना होगा, वो तुमको मज़ा भी देंगी और पैसे भी जब भी दिल करे मुझे कॉल कर देना मैं अपनी फ्रेंड्स को तुमसे मिलवा दूँगी, मैं थॅंक्स बोल कर वाहा से निकल गया और उसके बाद मैने बहुत सारी आंटीस को चुदाई का सुख दिया, वो मैं आप लोगो को नेक्स्ट स्टोरी मे बतौँगा.