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भाई बहन की कामवासना – 4

भाई बहन की कामवासना – 2
भाई बहन की कामवासना – 3

दोस्तों आप यह भाई बहन की कामवासना भाग चार पढ़ रहे है अगर जिन भाई बहनों ने पिछला भाग नहीं पढ़ा है तो वो लोग ऊपर दिए गये लिंक पर क्लिक कर जरुर पढ़ ले ताकि उन्हें कहानी की सच्ची पता चल सके | और अब आगे .. वैशाली और अमन जिस फ्लैट में रहते थे , उसमें दोनों के अलग अलग बेडरूम औऱ एक डाइनिंग रूम के साथ लगा हुआ किचन था । घर पहुंचकर वैशाली ने दरवाज़ा खोला और सीधे अपने बेडरूम में घुस गयी । पार्टी ड्रेस उतारकर अपने कन्धों पर तौलिया डाल लिया और बाथरूम की तरफ नहाने के लिए चल दी । तब तक अमन भी कार पार्क करके अंदर आ चुका था ।

पीछे से वैशाली पर नज़र पड़ते ही अमन जोर से हॅसने लगा ।

क्या हुआ ? वैशाली उसकी तरफ मुड़कर बोली ।

लेकिन अमन हंसने की वजह से बोल ही नहीं पा रहा था ।

अमन ! ये पागलों की तरह क्यों हँसे जा रहे हो तुम ? अब वैशाली को गुस्सा आ गया , एक तो वो पहले से ही झेंपी हुई थी , अब अमन ये नया नाटक कर रहा था ।

वो सोचने लगी अब क्या दिख गया इसको ? ये ऐसे क्यों हंसा जा रहा है मुझे देखकर ? उसकी खीझ बढ़ने लगी।

फिर उसने अमन को नीचे अपनी कमर की तरफ ऊँगली से इशारा करके हँसते देखा ,
तुमने पैंटी उलटी पहन रखी है ।

fuck …” वैशाली ने अपनी जीभ दाँतों से दबा ली और झट से बाथरूम में घुस गयी । पार्टी में अँधेरे कमरे में उसने पैंटी उलटी पहन ली थी ।

नहाकर वैशाली वापस अपने अपने कमरे में आयी और बिस्तर पर लेटते ही गहरी नींद से बेसुध हो गयी । उसकी गांड का छेद अभी भी दर्द कर रहा था , लेकिन वो इतनी थक चुकी थी कि उसको दर्द की भी परवाह नहीं थी ।

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अगले दिन वैशाली ज्यादातर समय अपने कमरे में ही रही । अपने काम निपटाकर अमन भी दोस्तों के साथ खेलने चला गया । शाम को घर वापस लौटा तो उसके कपड़े पसीने से बुरी तरह से भीग चुके थे । उसने वैशाली के कमरे में झाँका तो देखा कि वैशाली अपने कमरे में बेड पर लेटी कोई किताब पढ़ रही थी । अमन ने उसके दरवाज़े पर हलके से नॉक किया और कमरे में चला आया ।

वैशाली , तुम्हारी तबियत ठीक तो है न ? उसने कुछ चिंतित स्वर में पूछा । आज ज्यादातर वक़्त उसने वैशाली को अपने बेड पर लेटे हुए ही पाया था , इस समय तो वो किचन में होती थी ।

मैं ठीक हूँ अमन , बस कुछ पढ़ रही थी वैशाली हलकी मुस्कराहट के साथ अमन को देखते हुए बोली ।लेकिन असल बात ये थी कि पिछली रात को हुई जबरदस्त चुदाई से उसका बदन थका हुआ था । उसकी गांड अभी भी हल्का दर्द कर रही थी । इसलिए उसने ज्यादातर समय बेड पर लेटे हुए आराम करते हुए गुजारा था । शाम को वैशाली ने थोड़ा बाहर टहलने की सोची थी । लेकिन फिर उसने महसूस किया कि उसके बदन को अभी एक रात के और आराम की जरुरत है , उसके बाद ही वो घर से बाहर निकल पायेगी । आप यह हॉट हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

तुम थकी थकी सी लग रही हो । मैं नहाने जा रहा हूँ , डिनर तुम बना लोगी या …… ? अमन ने उसके नज़दीक बेड के पास आकर पूछा ।

तुम उसकी चिंता मत करो , डिनर मैं बना लूँगी । मैं किचन में जाने ही वाली थी ।” वैशाली अमन की तरफ चेहरा घुमाकर बोली।
उसने देखा अमन की टी -शर्ट पसीने से भीग कर उसके गठीले जिस्म से चिपकी हुई है । वैशाली को इस बात का गर्व महसूस हुआ कि उसका भाई कितना हैंडसम दिखता है ।

मैं जल्दी से नहा के आता हूँ , फिर किचन में तुम्हारी मदद करूँगा अमन ने कहा ।

ओके भाई वैशाली ने हलकी सी स्माइल दी ।

अमन ने वैशाली के नज़दीक झुक कर प्यार से उसकी हथेली अपने हाथ में दबायी , हलके से मुस्कुराया ।
फिर मुड़ा और कमरे से बाहर चला गया ।

वैशाली ने अमन के पसीने की तेज गंध महसूस की , उसको अजनबी के पसीने की गंध का ख्याल आया । उसके मन में कुछ हलचल सी हुई , वो कुछ पल confuse सी सोचती रही ।

फिर बेड से उठकर किचन में चली गयी । किचन में जाकर खाना बनाने लगी । थोड़ी देर में अमन भी नहाकर आ गया और किचन में वैशाली का हाथ बंटाने लगा ।

बाहर खाना खाने वो कम ही जाते थे । ज्यादातर घर पर ही बनाते थे । वैशाली को कुकिंग पसंद थी । इसलिए खाना हमेशा वैशाली ही बनाती थी और अमन उसकी मदद करता था ।

डिनर करते समय दोनों की ज्यादा बातें नहीं हुईं । खाने के बाद प्लेटें साफ़ करके दोनों अपने अपने बेडरूम में सोने चले गये ।
वैशाली बिस्तर पे चली तो गयी पर उसको नींद नहीं आ रही थी। पता नहीं क्यों , पर उस अजनबी के साथ बिताये पल वो भुला नहीं पा रही थी । बेचैनी में वैशाली करवट बदलती है , पर नींद आँखों से कोसो दूर है । अपने ख्यालों में , अजनबी के साथ चुम्बन दृश्यों को वो सैकड़ो बार दोहरा चुकी थी । कैसे वो उसके साथ कभी बहुत ही प्यार से चुम्बन ले रहा था तो कभी बहुत रफ़ तरीके से उसके होठों को काट लेता था । कानों के निचले हिस्से को कभी चूमता था तो कभी उन पर दांत गड़ा देता था , जिससे वैशाली की आह निकल जाती थी ।
सुबह नींद में वो सपना देखती है । अजनबी उसके कमरे का दरवाजा खोल रहा है और फिर चुपचाप अंदर आ जाता है । उसने सिर्फ एक आगे से खुला गाउन पहना है । जिससे उसकी चौड़ी छाती की झलक दिख रही है । गाउन के अंदर वो बिलकुल नग्न है । उसका लंड पतले गाउन के बाहर से ही तना हुआ दिख रहा है । उसकी साँसे तेज तेज चल रही हैं ।

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वैशाली देखती है कि वो चादर के नीचे पीठ के बल बिलकुल नग्न लेटी हुई है । वो अपनी सांसों पर काबू पाने का प्रयास कर रही है । उसका दिल जोरों से धड़क रहा है । तभी वो अजनबी उसके पास आकर बेड में बैठ गया और वैशाली की साँस उसके गले में ही अटक गयी । फिर वैशाली ने अपनी पलकें उठाकर ऊपर उसकी आँखों में देखा । मजबूत जिस्म वाला अजनबी एकटक उसी को देख रहा था । उसकी आँखों में प्यार लेकिन चेहरे पर कठोरता दोनों के ही मिले जुले से भाव थे ।

चादर के ऊपर से ही अपने पेट पर उसकी अँगुलियों का स्पर्श पाते ही वैशाली के बदन में सिहरन सी दौड़ गयी । उसका मन हुआ कि वो चादर फ़ेंक दे और अजनबी के जिस्म से लिपट जाये पर वो अपने ऊपर काबू किये रही । गहरी सांसें लेते हुए उस आदमी ने वैशाली की तेजी से ऊपर नीचे उठती छाती पर से चादर हटा दी । फिर धीरे धीरे पेट और पैरों से नीचे को हटाते हुए चादर उठाकर एक तरफ रख दी । अब वो वैशाली के पूरे नग्न बदन को निहार रहा था । वैशाली की चिकनी टांगों पर अपनी उँगलियाँ फिराते हुए धीमी आवाज़ में वो बोला
आह .. कितनी खूबसूरत हो तुम ।

धीरे धीरे उसके हाथ ऊपर की ओर बढ़े । और फिर वो वैशाली की मांसल जांघों पर हाथ फिराने लगा । जांघों के अंदरूनी सेंसिटिव हिस्से पर उसकी अँगुलियों के स्पर्श से वैशाली ने अपनी टाँगें थोड़ी मोड़ ली । जांघों पर हाथ फिराते फिराते अचानक उस आदमी ने वैशाली की फड़कती चूत को अपनी उँगलियों में पकड़ लिया । फिर बीच की ऊँगली को , चूत के दोनों होठों के बीच पूरी दरार पर ऊपर से नीचे , बाहर से ही फिराने लगा । अब वैशाली पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी । ऊँगली के स्पर्श से उसने अपनी चूत में एक अजीब सी सेंसेशन महसूस की । फिर उस आदमी ने अपने दूसरे हाथ की उँगलियों से वैशाली की clitoris को धीरे से रगड़ना शुरू किया ।

कहानी जारी है … आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए पेज नंबर पर क्लिक करें ….

The Author

गुरु मस्तराम

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त मस्ताराम, मस्ताराम.नेट के सभी पाठकों को स्वागत करता हूँ . दोस्तो वैसे आप सब मेरे बारे में अच्छी तरह से जानते ही हैं मुझे सेक्सी कहानियाँ लिखना और पढ़ना बहुत पसंद है अगर आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है तो तो अपने बहुमूल्य विचार देना ना भूलें

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