बीवी ने दिलाई साली की चुत

गतांग से आगे …..

मुझे बुरा तब लगेगा जब तुम किसी बाहर के लड़के का चूसोगी और आइडिया ये है की सोने से पहले हम तुम्हारे जीजू के दूध मे नींद की गोलियाँ मिला देंगी फिर चाहे तूँ सुबह तक उनका लंड चूसती रहना

नही दीदी मुझे डर लगता है कहीं जीजू जाग गये तो मे उन्हे मुँह दिखाने के काबिल भी नही रहूंगी आँचल ने बुलबुल को नींद की गोली देते हुए कहा की इसे ले लो और सुबह इसके असर के बारे मे बताना

मैं खिड़की से हट कर बेडरूम मे चला गया रात को मे बीवी की प्लान से रोमांचित था लेकिन उसको जाहिर नही करना चाहता था मुझे हैरानी मे डालते हुए आँचल बोली आप बुरा ना मानना घर की इज़्ज़त का सवाल है बुलबुल ने मुझे लंड चूसते हुए देख लिया है वो कह रही थी की उसका भी लंड चूसने का दिल करता है मुझे डर है की कहीं अपनी इच्छा पूरी करने के लिए वो किसी बाहर के लड़के के चक्कर मे ना पड़ जाए और हमारी इज़्ज़त खाक मे मिल जाये.

मेने कहा की तुम बुलबुल को समझाओ की शादी से पहले वो कोई ऐसा काम ना करे आँचल बोली आप क्या जानो की एक बार लंड देखने के बाद कुँवारी लड़की पर क्या गुजरती है उसने तो आपका खड़ा लंड देखा है वो भी एक औरत द्वारा चूसते हुए उसकी लंड मे दिलचस्पी को देखते हुए मे यकीन से कह सकती हूँ की वो शादी तक इंतज़ार नही करेगी अब इस घर की इज़्ज़त आप के हाथ मे है मेने कहा की मेरे हाथ मे कैसे मे तो उसका जीजा हूँ बुलबुल आपका लंड चूसने को तैयार है बशर्ते आपको पता ना चले मेने आपको नींद की गोली देने की बात कही है लेकिन मे चाहती हूँ की आप खुद देखें की वो लंड के लिए कितनी बेचैन है.

मे उसको कह दूँगी की मेने आपको नींद की गोली दे दी है आपको बस इतना बहाना करना है की आप गहरी नींद मे हैं और कुछ भी हो जाये आपको अपनी आँख नही खोलनी हैं मेने कहा की उसको मजबूर ना करना अगर बुलबुल खुद ही ये सब करे तो उसकी मर्ज़ी है उसके बाद आँचल बुलबुल के कमरे की तरफ निकल गयी और उसके आने से पहले मे बुलबुल के हसीन ख्यालो मे खो कर सो गया अगली सुबह जब दोनो बुलबुल दीदी किचन मे चाय नाश्ता तैयार कर रही थी तो मे खिड़की से कान लगा कर उनकी बातें सुनने लगा बुलबुल कह रही थी दीदी रात को पता नही मेरी नाइटी और पैंटी किसने उतार दी गोली के असर से मुझे कुछ भी पता नही चला मेरी चूत पर भूरे से बाल थे वो भी साफ हैं आँचल बोली ये सब मेने किया ताकि तुम्हे गोली के असर का पता चले तुम्हारे कपड़े उतारे हेयर रिमूवर से बाल साफ किये और गुलाब जल से धो कर कई देर तक तुम्हारी चूत चाटी लेकिन तुम्हे पता भी नही चला.

बुलबुल बोल पड़ी जीजू को यही वाली गोली रात को देना आँचल बोली चिंता ना कर उन्हे भनक भी नहीं लगेगी की सोते हुए उनका लंड कोंन खाली कर गया मेरी बीवी का दिमाग़ कमाल का था उस रोज डिनर के बाद आँचल ने बुलबुल को दिखा कर मेरे दूध के ग्लास मे एक नींद की गोली डाली तो बुलबुल ने यह कह कर दूसरी गोली डाल दी की जीजू का शरीर बहुत तगड़ा है एक गोली का असर जल्दी ख़त्म ना हो जाये मे तुरंत बेडरूम मे जा कर लेट गया आँचल बुलबुल को कह रही थी जा खुद दूध का ग्लास ले जाओ थोड़ी बहुत उनकी उधार भी चुका देना बुलबुल आई और टेबल पर ग्लास रखते हुए बोली जीजू आपका दूध जल्दी पी लेना ज़्यादा गर्म नही है बुलबुल जाने लगी तो मेने हंस कर कहा की मेरी उधार कब उतारोगी? जीजू अभी तो दीदी है कल स्कूल से जल्दी आ जाउंगी फिर सारी उधार वसूल कर लेना फिर मेरे पास बैठ गयी और बोली की जल्दी कर लो दीदी के सामने मुझे शर्म आती है.

में बुलबुल के होंठ चूसने लगा 2-3 मिनिट के बाद आँचल ने पुकारा तो बुलबुल चली गयी मेने दूध को फ्लश मे डाला और अंडरवेयर निकाल कर लूँगी बांधी और लेट गया कुछ देर के बाद आँचल की आवाज़ सुनाई दी मे देख कर आती हूँ वो आई और खाली ग्लास देख कर खुद को कहने लगी की लगता है ये तो सचमुच दूध पी गये मे आँख खोल कर मुस्कुराया तो आँचल समझ गयी और आहिस्ता से बोली की अभी बुलबुल को लेकर आऊंगी आप सोने का नाटक जारी रखना थोड़ी देर मे आँचल बुलबुल को लेकर आई वो कह रही थी की तुमने गोली का ज़्यादा डोस दे दिया अब ये सुबह तक नही उठेंगे बुलबुल बोली दीदी क्या नींद मे लंड खड़ा हो जायेगा मुझे खड़ा लंड चूस कर देखना है आँचल बोली हाँ हाँ क्यों नही नींद मे तो मर्द डिसचार्ज अक्सर होते हैं तुम्हारे जीजू का लंड तो मे रोज सुबह देखती हूँ की सोते हुए भी खड़ा रहता है चाहे मुझे सारी रात चोदा हो.

आँचल ने एक बार मुझे हिला कर आवाज़ दी लेकिन मे एकदम सीधे पड़ा रहा अब बुलबुल को पूरा यकीन हो गया तो वो बोली दीदी आप दूसरे कमरे मे चली जाये मे अपने आप कर लूगी आपके सामने मुझे शर्म आती है आँचल बाहर चली गयी तो बुलबुल ने आहिस्ता से मेरी लूँगी को लंड पर से हटाया और अपने नाज़ुक हाथ मे लंड को पकड़ लिया लंड मे सरसराहट हुई तो पहले तो बुलबुल ने डर कर लंड छोड़ दिया की शायद मे जाग गया लेकिन फिर मूठी में पकड़ लिया मे आँख के कोने से देख रहा था की आँचल खिड़की से ये नज़ारा देख रही थी बुलबुल ने थोड़ा सा ही सहलाया था की लंड पूरी तरह फंनफना कर खड़ा हो गया.

बुलबुल ने खुश हो कर लंड को किस किया और फिर सूपडे को गालों से सहलाने लगी जब लंड पर ज़्यादा प्यार आया तो उसने सूपडे को मुँह मे ले लिया उसे पूरा मुँह खोलना पड़ा था अब वो सूपडे को जीभ और तालू के बीच मे दबा कर लोलीपोप की तरह चूस रही थी आँचल को देख कर वो जल्दी सीख गयी थी कभी वो लंड को चारों तरफ से चाटती तो कभी पूरा गले मे उतारने की कोशिश करती मेरे लंड से मर्द पानी का रिसना शुरू हुआ तो पहले वो लंड को मुँह से निकाल कर सूंघने लगी और फिर मर्दाना स्मेल से वशीभूत हो कर वीर्य को चाट कर देखा उसने लंड को फिर मुँह मे ले लिया शायद लंड रस का स्वाद उसे भा गया था बुलबुल आँख बंद करके लंड चूसे जा रही थी मे जन्नत मे था आँचल चुपके से अंदर आ गई और लंड चूसने का नज़ारा देखने लगी उसने मेरी तरफ देखा तो मेने आँख मार दी आँचल ने मुझे आँख बंद रखने का इशारा किया.

थोड़ी देर मे बुलबुल को आँचल की मोजूदगी का एहसास हुआ तो उसने प्लॉप की आवाज़ के साथ लंड को मुँह से बाहर निकाला और बोली प्लीज़ दीदी बाहर जाओ ना मुझे शर्म आ रही है

आँचल बोली बुलबुल मे तुम्हे ये बताने आई हूँ की चरम पर पहुँचने के बाद लंड से काफ़ी माल निकलता है उसे बेड पर या इनकी बॉडी पर ना गिरने देना ताकि सुबह इन्हे शक ना हो तुम सारा पी जाना लंड का पानी कुँवारी लड़की के लिए बहुत फायदे वाला होता है

लंड रस के क्या क्या फायदे हैं दीदी?

लंड रस से बदन मे निखार आ जाता है चूतड़ भारी हो जाते हैं और बूब्स सुडोल हो जाते हैं शादी के बाद इसीलिये तो लड़कियों का बदन सुन्दर और हरा भरा हो जाता है.

ये बात सुन कर बुलबुल ने लंड को फिर से चूसना शुरू कर दिया जब मेरा शरीर अकड़ने लगा तो आँचल बोली पानी निकलने वाला है बुलबुल ने लंड को और ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया मेरे लंड से पिचकारियाँ छुटने लगी तो उसके मुँह की पकड़ और मजबूत हो गयी वो लंड की आखरी बूँद तक निचोड़ निचोड़ कर पी रही थी लंड ढीला पड़ा तो बुलबुल बोली दीदी दिल करता है की इसे मुँह मे लेकर ही सो जाऊं आँचल बोली की छोड़ो अब बाकी कसर फिर कभी पूरी कर लेना बुलबुल अपने रूम मे सोने चली गयी तो आँचल लाइट बंद करके मुझसे लिपट कर मेरे कान मे बोली कैसा लगा कुँवारी लड़की से लंड चुसा कर? मे बोला की थैंक्स डार्लिंग बुलबुल को मत बताना की मे जाग रहा था आँचल बोली कभी कुँवारी लड़की की चूत चाटी है? मेने कहा की नही वो बोली चाटोगे? मेने पूछा किसकी? आँचल बोली मेरी बुलबुल की और किसकी मे बोला बुलबुल मुझसे ऐसा कभी नही करवायेगी.

ये सब मुझ पर छोड़ दो आप सिर्फ़ ये बताये की कुँवारी चूत चाटने का दिल करता है या नही? किसका दिल नही करेगा लेकिन ना तो बुलबुल मानेगी और ना ही मे उससे यह करने के लिए कह सकता हूँ मे ही कोई रास्ता निकालती हूँ की आपको कुछ ना कहना पड़े अगली सुबह मे फिर बुलबुल दीदी की बातें सुन रहा था बुलबुल पूछ रही थी दीदी जैसे लड़कियों को लंड चूसने मे मज़ा आता है तो मर्द को ओरत का कोन सा अंग चूसने मे मज़ा आता है? आँचल : कुछ आदमी चूचीयाँ चूसना पसंद करते हैं तो कुछ चूत चाटना बुलबुल : क्या कहा मर्द चूत भी चाटते हैं? हाय दीदी! कल्पना से ही मेरी चूत मे तो पानी आ गया है क्या जीजू भी चाटते हैं आपकी? आँचल : तेरे जीजू रोज एक बार मुझे जीभ से ज़रूर झाड़ते हैं कुँवारी लड़की के लिए तो ये तरीका वरदान है ना सील टूटने का ख़तरा और स्वाद उतना ही तुम एक बार चटवा कर देखो रोज परोसने को दिल करेगा बोल चटवायेगी?

बुलबुल : दीदी दिल तो करता है की कोई मर्द मेरी चूत को चाट ले प्यार से चाटे मगर आपके अलावा मे दिल की बात किस से कहूँ? उस रात आपने मेरी चाटी थी मुझे तो पता भी नही चला.

आँचल : अरी नींद की गोली के असर से तुम्हे पता नही चला जब तुम्हारे जीजू जागती हुई की चूत चाटेंगे तो तुम्हे तीनो लोक नज़र आयेगे

बुलबुल : क्या! जीजू से? ना बाबा ना मे तो शर्म से ही मर ही जाउंगी और जीजू भी इसके लिए कभी राज़ी नही होंगे आँचल : वैसे एक राज की बात बताती हूँ तुम्हारे जीजू तुम्हारी सोती हुई चूत चाटने को तैयार हैं वो कह रहे थे की बुलबुल को पता ना चले तो उसकी चूत सारी रात चाट सकता हूँ

बुलबुल : हाय राम! जीजू को मे इतनी प्यारी लगती हूँ लेकिन सोते हुए मुझे कैसे पता चलेगा की इसमे कैसा स्वाद आता है?

आँचल : सुनो मेरे पास एक आइडिया है मे तुम्हारे जीजू को दिखा कर तुम्हारे दूध मे नींद की गोली डालूंगी तुम उसे आँख बचा कर फ्लश मे डाल देना और फिर गहरी नींद मे सोने का नाटक करना फिर देखना अपने जीजू का कमाल!

बुलबुल : देखो दीदी जीजू को कभी नहीं बताना की मे चूत चटवाते हुए जाग रही थी जब मे झड़ने लगूँ तो मुझे होंठों पर किस करना ताकि उन्हे पता ना लगे की किसकी सिसकारियाँ निकल रही हैं मेने दोनो की सारी प्लान सुन ली अगर बुलबुल खुद अपनी चूत चटवाने को राज़ी है तो मुझे क्या एतराज हो सकता था शाम को आँचल ने मुझसे कहा की आपका काम बन जायेगा बुलबुल चूत चटवाने को तैयार है बशर्ते तुम्हे ये पता ना लगे की वो जागते हुए अपने होंश मे चूत चटवा रही है वो कहती है की जीजू मेरी सोती हुई चूत चाटे तो मुझे कोई एतराज नही है.

बस जीजू को पता ना चले की मे जानबूझ कर अपनी चूत चटवा रही हूँ दरअसल वो आपसे शरमाती है की जीजू क्या सोचेंगे मेने कहा की मुझे तो यकीन ही नही हो रहा की बुलबुल मान गयी है मे उसे ज़रा भी एहसास नही होने दूँगा की मुझे पता है की वो चूत चटवाते हुए जाग रही है डिनर के बाद आँचल ने मुझे किचन मे बुलाया और साथ ही बुलबुल को भी आँख से इशारा किया आँचल ने मुझे किचन मे बुला कर दूध के ग्लास मे नींद की गोली डाली मुझे पता था की बुलबुल भी खिड़की से छुप कर ये सब देख रही थी आँचल ने मुझे दूध का ग्लास देते हुए कहा की जाओ आप खुद ही ये बुलबुल को दे दो में जानबुझ कर दूध ले जाने मे देरी कर रहा था जिससे बुलबुल को अपने रूम मे जाने का मौका मिले मे बुलबुल के रूम मे गया तो देखा उसने कोई किताब पढ़ने के लिए उठा रखी है.

मेने कहा की तुम्हारी दीदी किचन मे काम कर रही हैं तुम ये दूध पी लो बुलबुल : रख दो जीजू मे पी लूंगी मे बाहर चला गया कुछ देर के बाद आँचल बुलबुल के पास गयी तो उसने दूध को फ्लश मे डाला और उसे फिर तसल्ली दे कर आई की तुम्हारे जीजू ने अब तो खुद तुम्हे नींद की गोली मिला हुआ दूध दिया है तुम स्कर्ट के नीचे से पैंटी उतार लो और बस नींद मे होने का नाटक करना मे अभी तुम्हारे जीजू को बोल कर आती हूँ आँचल मेरे पास आ कर हिदायत देने लगी बहुत प्यार से आधी खीली कली का रस आराम से चूसना उसने नींद की गोली नही ली है लेकिन आप उसे सोई हुई समझ कर चूत चाटना ताकि वो आपकी निगाहों मे मासूम और भोली बनी रहे जैसे की उसे पता ही नही की उसके साथ क्या हो रहा है आँचल वापस गयी और आधे घंटे के बाद बुलबुल के कमरे से ही मुझे आवाज़ दी आ जाओ बुलबुल गोली के असर से सो चुकी है.

मे नज़दीक पहुँचा तो आँचल उसे कह रही थी अब आँख बंद कर लो तुम्हारे जीजू आ रहे हैं मेरे अंदर जाते ही आँचल बोली संभालो अपनी नई रानी को अब ये नही जागने वाली सुबह तक यह कह कर आँचल बाहर निकल गयी आह! बुलबुल की कुँवारी ताज़ा जवानी मेरे सामने लेटी हुई थी मेने आहिस्ता आहिस्ता होंठो, गालों और गर्दन को चूमा, फिर स्कर्ट को चूतडो के नीचे से खिसका कर चूचियों तक उपर चढ़ा दिया नीचे ना ब्रा ना पेंटी, गहरी नाभि और गदराई जांघों के बीच फुली हुई फ्रेश चूत पहले मेने समोसे जैसी चूचीयाँ मुँह मे भर-भर कर चूसी तो बुलबुल की टाँगों मे कुछ हलचल हुई.

मेने जीभ को नाभि मे डाल कर हिलाया तो उसकी जांघे चौड़ी होती गयी हालाँकि उसने ऐसा शो करके जांघों के बीच जगह बनाई जैसे नींद मे अपने आप हो गयी हों मेने उसके भारी चूतडो के नीचे एक तकिया लगाया और टाँगों के बीच आ कर गर्म होंठ चूत पर रख दिए उतेज्ना से बुलबुल ने चेहरा एक साइड मे कर लिया मे उसके चूत के लहसुन को जीभ से गिटार के तार की तरह छेदने लगा फिर लहसुन को होंठों के बीच दबा कर चूसने लगा क्लिट तन कर सख्त हो गया मुझे ऐसा लगा की बुलबुल की हल्की सी सिसकारी निकल गयी मेने आँखे उपर उठा कर देखा बुलबुल के होंठ ज़रा से खुल कर थरथरा रहे थे अब मेने दोनो जांघों को उपर उठा कर पीछे की तरफ मोड़ दिया जिससे उसकी डबल रोटी जेसी चूत ज़्यादा उभर कर सामने आ गई और गांड का फूला हुआ छेद भी दिखने लगा. फिर मैं पूरी जीभ चूत पर रख कर पान के पत्ते की तरह चाटने लगा यानी गांड से लेकर चूत के टिंट तक चाटने से बुलबुल की जांघे चौड़ी हो गयी.

चूत से लगातार काम रस मेरी जीभ को मेहनत के फल के रूप मे मिल रहा था बुलबुल को अभी भी यकीन था की मे उसे सोई हुई समझ कर उसका काम रस पी रहा हूँ अब मे जीभ को चूत के द्वार मे डाल कर लप-लप करके चाटने लगा तो बुलबुल का बदन अकड़ने लगा और चूतड़ उचकने लगे बेमिसाल स्वाद के असर से बेचारी भूल गयी की उसने सोने का नाटक भी किया हुआ है मे दोनो हाथों को चूतडो के नीचे लगा कर ज़ोर ज़ोर से चूत से रिस रहे कचे खट्टे नमकीन रस को चाटने लगा कुछ ही देर के बाद बुलबुल की मूठियाँ भींच गयी और एक झटके के साथ चूत मेरे मुँह से चिपक गयी चरम सुख से चूत खुल-बंद हो रही थी और मे लगातार निकल रहे रस को चाटता रहा जब तक की बुलबुल पूरी तरह निढाल ना हो गयी उसके बाद मेने अपने बेडरूम मे जा कर आँचल को शुक्रिया कहा और बुलबुल की कल्पना करके उसकी जबरदस्त चुदाई की.

अगली सुबह बीवी और साली की बातों का मज़ा लेने के लिए मेने फिर से किचन की खिड़की से कान लगा दिया आँचल ने बुलबुल को छेडते हुए कहा क्यों बन्नो जीजू से चूत चटाई मे मज़ा आया या नही?

बुलबुल : दीदी आपका एहसान मे जिंदगी भर नही भूलूंगी मे सोच भी नही सकती थी की इसमे इतना मज़ा आता होगा

आँचल : फिर कभी दिल करे तो मुझसे बोल देना बाहर के लड़कों के चक्कर मे ना पड़ना

बुलबुल : एक बात तो है दीदी जब जीजू की जीभ मेरे चूत के अंदर बाहर हो रही थी तो इतना मज़ा आ रहा था मे बयान नही कर सकती

आँचल : अरी ये मज़ा तो कुछ भी नही है जब चूत के अंदर लंड लेकर देखेगी तो इस मज़े को भूल जाओगी तुम स्वर्ग मे गोते लगाने लगोगी लंड की ठोकर जब चूत की गहराई मे लगती है तो औरत सब कुछ भूल कर आनंद लोक मे विचरण करने लगती है.

बुलबुल : सच दीदी, क्या लंड डलवाने मे इतना मज़ा आता है? काश एक बार मे भी किसी का लेकर देख सकती

आँचल : और किसी के बारे मे सोचना भी मत यदि दिल करे तो मे तेरा काम तेरे जीजू से ही बनवा दूँगी मेरे पास ऐसा आइडिया है की तुम लंड अंदर लेने का मज़ा भी ले लोगी और तुम्हारे जीजू को पता भी नही चलेगा

बुलबुल : सच दीदी, प्लीज़ बताओ ना वो आइडिया

आँचल : बता दूँगी इतनी भी जल्दी क्या है

कुछ दिनो के बाद राखी का दिन था और उस दिन बुलबुल ने मुझे राखी बांधी और राखी का गिफ्ट मांगने लगी

मैंने मुस्कुराते हुए कहा : मैं क्या गिफ्ट दूं मेरे तो तुम पर अभी कोई 15 किस उधार ही हैं.

तभी आँचल आ गयी और बोली : ना जी ना आज आपकी उधार नहीं चलेगी. आज तो बुलबुल अपने जीजू को किस करेगी. क्यों बुलबुल ले ले अपने जीजू को आज जी भर के किस जहां तेरा जी चाहे और निकाल ले अपना बदला.

बुलबुल : ओके दीदी लव यू पर आपके सामने नहीं आप जाओ मैं जीजू से अकेले में गिफ्ट लूंगी.

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