चचेरे भाई की जवान बेटी की चुदाई

मेरा नाम वैभव है उम्र 32 साल. ये कहानी मेरी व मेरे चचेरे भाई की बेटी के बीच की चुदाई की है. उसकी उम्र 18 साल है. वह दिखने में भी बहुत सुंदर थी. मस्त चूचियां, पतली कमर, गदराया बदन, गांड भी पीछे से बहुत ही सुन्दर. वो पूरी तरह चुदने लायक माल थी. मेरा उसे चोदने का पहले कोई ख्याल नहीं था, पर धीरे धीरे ख्याल बदलने लगा.

वो बार बार अपना फेसबुक आईडी बदलती रहती थी और मुझे हर बारी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती रहती थी.
मैंने उससे पूछा- ऐसा क्यों करती है?
वो बोली- लड़के बहुत परेशान करते हैं.
मैंने कहा- तू उनसे बात मत किया कर … क्यों बार बार आईडी बदलती है.
उसने ‘ठीक है..’ बोला.

फिर कुछ दिन बाद ही उसने नई आईडी से मुझे रिकवेस्ट भेजी. मुझे कुछ शक सा हुआ. मैंने उसके बारे में पता लगाया, तो मुझे पता चला कि जिसे मैं सीधी साधी समझता था, वो बहुत तेज हो गयी है. लड़कों के साथ बाइक में घूमती है. दिन भर लड़कों से फेसबुक पर चैट करती है.

मैंने भी एक फेक आईडी बनाई औऱ उसे रिक्वेस्ट भेजी. उसने एकसेप्ट कर ली. धीरे धीरे हमारी बातें होने लगीं. मैंने उसके बारे में पूछा, तो उसने सब गलत बताया. उसने मेरी पिक मेरे से मांगी मैंने अपने ऑफिस के एक लड़के की पिक भेज दी. उसे वो अच्छी लगी, तो उसने भी अपनी पिक भेज दी. मैंने उसकी बहुत तारीफ कर दी. तो वो मुझ से थोड़ा खुल गयी.

मैंने एक दिन उससे उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तो उसने मना कर दिया. जबकि उसने पता नहीं कितने लड़के पटाये हुए थे.
मैंने पूछा- क्यों नहीं है?
उसने जवाब दिया- कोई मिला ही नहीं.
मैं- अब तो मैं मिल गया हूँ, तुम्हें मुझे बना लो.
तो वो बोली- सोचूंगी.

कुछ दिनों बाद वो मुझे अपना बॉयफ्रेंड बनाने को मान गयी. फिर हमारे मैसेज कुछ ज्यादा ही शुरू हो गए. धीरे धीरे मैं उसे नॉनवेज मैसेज भेजने लगा. वो भी नॉनवेज से ही जवाब देती. यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

एक दिन मैंने उससे पूछा- कभी किस किया है?
वो बोला- नहीं … नहीं किया अभी तक.
मैं- बॉयफ्रेंड से मजे लेने का मन नहीं करता कभी.
वो- करता तो है, पर तुम जो दूर हो.
मैं- पास आऊंगा तो जो भी करूँगा करने दोगी?
वो- आओ तो सही … फिर देखूंगी. बताओ वैसे करोगे क्या?
मैं- वो सब कुछ जो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रैंड से करता है.

धीरे धीरे हम सेक्स चैट करने लगे. वो भी खुलने लगी. मैंने उसे अपने खड़े लंड की पिक भेजी. तो उसने भी जोश में अपनी चुचियों और चूत की पिक भेजी. चूत देखते ही लग गया था कि वो चुद चुकी है. पर साली शरीफ होने के नखरे दिखा रही थी. अब हम रोज ही सेक्स चैट करने लगे.

कुछ दिन बाद मैंने उससे कहा- अब सेक्स चैट बहुत कर लिया, अब ये सब कुछ मैं तुम्हारे साथ सचमुच में करना चाहता हूं. तुम्हारे होंठ चूमना चाहता हूं. चूचियां चूसना चाहता हूं. तुम्हारी चूत चाटना चाहता हूं.. औऱ उसके बाद तुम्हारी चूत में अपना लंड डालकर तुम्हें जमकर चोदना चाहता हूं.
वो बोली- तो आ जाओ तुम्हारा ये लंड देखने के बाद मुझे भी इसे अपनी चूत में लेने को मन कर रहा है. तुम्हारे लंड की फ़ोटो देखकर रोज मैं अपनी चूत में उंगली करती हूं. मैंने मन ही मन सोचा कि साली उंगली नहीं पूरा लंड खाती होगी लड़कों का.

मैंने उससे कहा- जब तक मैं ना आ जाता, तब तक तुम किसी औऱ से चुदवा कर मजे ले लो.
वो- किससे चुद लूँ … कोई है ही नहीं. वैसे भी पकड़े जाने का डर लगता है.
मैं- अरे किसी रिलेटिव से चुद लो. घर की बात घर में रहेगी. मैं भी अपनी भतीजी को चोदता हूं. तुम भी अपने किसी चाचा से चुदवा लो. कोई है नहीं क्या तुम्हारा चाचा, जो तुम्हें चोद सके.
वो- हैं तो.. पर वो मेरे से उम्र में बड़े हैं.

मैं- बड़ी उम्र वाले ही अच्छा चोदते हैं. हम उम्र वाले तो सिर्फ अपना मजा देखते हैं पार्टनर का नहीं. तुम बस उन्हें ज़रा भाव दो.. बाकी सब हो जाएगा.

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..