चचेरे भाई की जवान बेटी की चुदाई

गतांग से आगे …..

मैं- तू कुछ नहीं समझ पा रही है, अब देख करके बताता हूँ सुहागरात में तेरा पति क्या क्या करेगा औऱ तुझे क्या करना है.
मैंने उसे अपने पास खींचा और उसके गालों पर किस कर दिया. फिर होंठों पर होंठ रखकर चूसने लगा. वो मुझे हटाने लगी.
मैं- हां वो ऐसा ही करेगा और तू ऐसे ही करना. अब सही सीख रही है तू.
मैं उसे बांहों में भरते हुए बोला.

फिर ऊपर से ही उसकी चूचियां मसलने लगा. पेट सहलाने लगा. कभी कभी जांघों में हाथ फिराने लगा. वो गरम होने लगी. जैसे ही मैंने इसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ फिराया तो उसकी आह निकल गयी. यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

वो- आहहहह मत करो न.. कुछ अजीब सा हो रहा है.
मैं- हाँ हाँ … बिल्कुल सही जा रही हो. वो यही करेगा तुम्हें यही कहना है.
मैंने उसकी चुचियों को मसलते हुए चूत सहलाना जारी रखा. वो मेरा हाथ हटाने लगी.
मैं- देख, बिल्कुल भी शरमा मत, बस मजे ले. जब सही से सीखेगी नहीं तो सुहागरात कैसे मना पाएगी. सबके पति ऐसा ही करते हैं पहली रात को पति कैसे खुश किया जाता है. अब देख मैं तुझे बताता हूँ. बस जो मैं कर रहा हूँ मुझे करने दे, बीच में मत रोकना. समझ गयी न.

गरम तो वो हो ही गयी थी, तो उसने भी साथ देने में ही भलाई समझी.

मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और एक एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए. उसने कोई विरोध नहीं किया, बस अपनी आंखें बंद कर लीं.

जिन चुचियों और चूत की फ़ोटो देख कर मैंने कितनी बार उसके नाम की मुठ मारी थी, वो आज बिल्कुल सामने देख लंड का तो हाल बेहाल था. मैंने उसकी चूत चाटी, वो तो पानी निकाल रही थी. फिर थोड़ी देर मैंने उसकी चूत चाटने के बाद उसकी चूत में एक उंगली डाली, तो वो जगह बनाते हुई अन्दर घुस गई. उसकी आह निकल गयी.

मैंने उससे कहा- तुम तो सब कुछ सीखी हुई हो. फिर मुझ से झूठ क्यों बोला.
वो बोली- क्या मतलब?
मैं- मेरी जान, तू तो पहले ही सुहागरात मना चुकी है और किसी का लंड पहले भी खा चुकी है. बस ये बता दे कि पहला लंड किसका खाया था.
वो- नहीं … क्या कह रहे हो तुम. मैं तो अभी तक कुंवारी हूं.
मैं- जानेमन, अगर तू कुंवारी है तो दो दो उंगलियां तेरी चूत में कैसे जा रही हैं. मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में घुसाते हुए कहा.

वो सकपका गई क्योंकि उसकी चोरी पकड़ी गई थी.

मैंने चूत में उंगलिया घुमाते हुए बोला- बता भी दे अब किसका लंड लिया था.
वो- हां ये सच है कि एक दो बार मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे चोदा है.
मैं- कहां चुदवाकर आयी थी?
वो- उसने अपने रूम बुला कर चोदा था.
मैं- तो रानी मजा आया कि नहीं?
वो- कहां मजा आया.. मजा आया होता तो क्या आज यहां नंगी लेटी होती चुदवाने को … वो तो अपना काम कर मुझे ऐसे ही छोड़ देता था.
मैं- अच्छा तो तुझे भी पता था कि आज तुझे मुझसे चुदना है.
वो- मैं तो कब से आपसे चुदवाने के लिए मर रही थी. आज जाके ये मौका मिला है.
मैं- अच्छा जी आग दोनों तरफ लगी है. तो अब देख, मैं तुझे कैसा मजा देता हूँ.

यह कहकर मैंने भी फटाफट अपने कपड़े उतारे और नंगा होकर उसकी टांगों के बीच में आ गया और अपने खड़े लंड को उसकी चूत से रगड़ने लगा. उसकी चूत वासना की आग में जल रही थी और बिल्कुल गीली हो चुकी थी. यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
मेरा लंड भी उसकी चूत रस से गीला होकर अपनी ही भतीजी की चूत में जाने को तैयार था.

थोड़ी देर चूत पर लंड रगड़ने के बाद वो अब लंड लेने को बेकाबू होने लगी. मैंने भी देर न करते हुऐ उससे पूछा- जान डाल दूँ अन्दर?
वो- हां.. कब से तड़प रही हूं लंड लेने को … अब डाल भी दो.
मैंने उसकी चूत पर लंड अच्छे से फिट किया और उसके मुँह पर एक हाथ रखा और एक जोरदार झटके के साथ एक ही बार में लंड उसकी चूत में उतार दिया. पर चूत थोड़ा टाइट थी तो आधा ही जा पाया. उसके चेहरे पर दर्द नजर आ रहा था. मैंने एक बार फिर लंड बाहर निकाला औऱ फिर दूसरे जोरदार झटके के साथ पूरा लंड अन्दर उतार दिया.

वो कराहने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मुझे ऊपर से धकेलने की कोशिश करने लगी. पर मैंने झटके जारी रखे, फिर मैंने उसके मुँह से हाथ हटा दिया.

वो- चाचू जरा धीरे से अन्दर करते.. तुमने मेरी चूत फाड़ दी. मुझे दर्द हो रहा है.
मैं- अरे चुदी तो हो तुम पहले से ही. कुंवारी होती तो जरा ध्यान रखता.
वो- चाचू, दो ही बार तो चुदी हूं. कुछ तो रहम करते मेरे पर.
मैं- रानी चुदी तो तू बहुत बार लगती है. पर तेरी चूत फिर भी ठीक ठीक है. चोदने में मजा आ रहा है. चल अब दर्द नहीं होगा. चुदाई का मजा ले.

अपने से छोटी उम्र की लड़की की चूत चोदने में मेरा मजा भी बहुत बढ़ गया था. मैंने कभी उसकी टांगें कंधे में रखकर, कभी उसे कुतिया बना कर उसकी जोरदार चुदाई की. वो भी उछल उछल कर चुदाई के मजे ले रही थी.

बहुत दिनों बाद चुदने के कारण उसे थोड़ा दर्द भी हो रहा था. पर उसे मजा भी बहुत आ रहा था. थोड़ी देर में ही उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. पर मैंने चोदना जारी रखा.

वो- हो गया चाचू अब छोड़ दो मुझे. आपने तो मेरी चूत ही फाड़ डाली. अब सहन नहीं हो पा रहें हैं तुम्हारे झटके. मुझे जलन हो रही है.
मैं- ये बता मजा आया कि नहीं?
वो- मजा तो बहुत आया, पर अब जलन हो रही है, शायद मेरी चूत छिल गयी है. आपने मुझे बहुत बेदर्दी से रगड़ा है.

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..