चुदक्कड़ बुआ और मम्मी

मेरा नाम टीनू है मेरी उम्र 20 साल है मै युपी का रहने वाला हूँ। ये रियल स्टोरी है जो मै आप लोगो को बताने जा रहा हूँ ये बात एक साल पुरानी है। स्टोरी पर आता हूँ।

मेरे घर में पापा मम्मी और ताऊ ताई है। और मेरी बुआ है जो 35 साल की है अभी तक उनकी शादी नही हुवी है मेरे पापा का नाम संजीत है उनकी उम्र 42 साल है मेरी मम्मी की उम्र 40 साल है वो दिखने बहुत मस्त और गर्म है वो कभी कभी जींस शर्ट पहनती है उनकी चूचिया बहुत बड़ी है

मेरे ताऊ जी की उम्र 44 साल है और ताई 42 साल की है। ताई भी मेरी मम्मी की तरह सेक्सी है उनकी भी चूचिया मम्मी की तरह है जो बलाउज में नही आती वो भी गर्म रहती है। मेरी मम्मी का नाम नीतू है और पापा का संजीत मेरे ताऊ का नाम मनोज है ताई का विमला है मेरे पापा और ताई की सरकारी नौकरी है मेरे ताऊ कुछ नही करते है।

एक दिन सुबह मै उठा मम्मी मुझसे बोली जा अपनी सुनीता को उठा दे। सुनीता मेरी बुआ का नाम है। मै उनके कमरे में गया वहा पर वो सो रही थी। उनकी दोनों गोरी गोरी चूचिया लटक रही थी। मैने उन्हें हिलाया बुआ वो बोली क्या हुवा मैने कहा उठो वो फिर वो उठ गई।

एक दिन मम्मी बोली टीनू तू अपनी बुआ के साथ सोया कर मैने कहा ठीक मम्मी। रात को मैं बुआ पास सो गया आधी रात को मेरी आँख खुली तो देखा बुआ अपने लेगी को नीचे किये अपनी बुर में ऊगली कर रही थी।। मै फिर सो गया। अगले दिन पापा बोले सुनीता की शादी के लिए लड़का मिल गया सब खुस हो गए।।

पापा बोले लड़का मेरे साथ जॉब करता है पर उसकी उम्र 38 साल है। मम्मी ने ताई ने हा कर दी फिर जल्दी से शादी हो गयी। सादी के कुछ दिनों बाद बुआ आयी बुआ की जवानी और मस्त हो गयी थी फूफा जी भी आये। रात को मैं चुपके से बुआ कमरे की खिड़की पर पहुँचा और वहा से जाख रहा था। पहले तो बुआ ने एक गाउन पहना था फिर फूफा जी आये और बुआ को पकड़ कर किस करने लगे बुआ बोल रही थी छोड़िये ना आप भी लेकिन फूफा जी ने उनके गाउन की डोरी को खींच कर खोल दिया बुआ सिर्फ ब्रा पैंटी में थी फूफा जी ने उन्हें लिटा दिया और गर्दन और होटो पे किस करने लगे बुआ ने अपनी ब्रा को खोल दिया.

उनकी चूचिया के निपल्स को फूफा ने मुँह में ले लिया बुआ आआह….स्स्स…. हासस्स…..काटिये ….मत प्लाज़्ज़्ज़ ….फिर फूफा जी ने बुआ की पैंटी उतारी और उनकी चूत पे अपनी जीभ रख दी बुआ तड़फने लगी आआह….सिसस्स………हाआआ….. रे रे….. हा ….ऐसे…. ही हस्सस्य ……गयी मै अब डालो भी फूफा ने बुआ की चूत पर अपने काले लड को लगया और अंदर कर  दिया बुआ एक….. आआह ….की आवाज में निगल गयी फूफा तेजी से दक्के लगाने लगे बुआ की चूचिया हिल रही थी। बुआ चिल्ला रही थी। फच्च फच्च आआह…… अस्सस्स …….हा…. हा सस्स……. चोदिये हस्स्स हा गयी मै आआह की आवाज के साथ बुआ अकड़ने लगी फूफा ने चार पांच दकको में अपना माल बुआ की चूत में डाल दिया।

सुबह सब नास्ते की टेबल पर थे। फूफा जी मम्मी को देख रहे थे मम्मी भी उन्हें देख कर मुस्कुरा रही थी।फ़िर रात को मम्मी ने काली नाइटी पहनी हुवी थी और फूफा उनसे बाते करते करते उनकी चुचियो को देख रहे थे। अगले दिन बुआ अपने घर जाने लगी बुआ मम्मी से बोली भाभी आप भी मेरे साथ चलो मम्मी ने पापा की तरफ देखा और पापा ने हाँ कर दी। लेकिन मैंने भी मम्मी से कहा मैं भी चालू गा मम्मी ने कहा ठीक चलना।

फिर हम लोग बुआ के घर पँहुचे रात को बुआ मम्मी नीचे आयी बुआ ने लेगी टीशर्ट पहनी थी और मम्मी ने नीली नाइटी बुआ की जेठानी भी थी उसका नाम मधु था वो भी लगबग मम्मी की उम्र की थी। रात को सब सोने जाने लगे मैं भी चला गया। सुबह मधु जी बोली चलो सब लोग गुमने चलते है सब तैयार हो गए फिर बनारस का प्रोग्राम बना मम्मी ने पापा से बता दिया की दो दिन बाद आयेंगे।

रात को ट्रेन थी सब लोग उसमे चढ़ गए ट्रेन में ज्यादा लोग नही थे। मै ऊपर सीट पर चढ़ कर बैठ गया। मेरे साथ बुआ थी। वो मेरे पास आके अपने कमल में मुझे भी कर लिया वो बुआ साड़ी में थी अंधेरा था तो कुछ दिख नही रहा था। मै बुआ के कम्मल में उनसे चिपक क्र बैठा था बुआ की जिस्म की गरमी से मुझे मदहोश कर रही थी। मै ने अपने हाथ उनकी कमर पर रख दिया और सहलाने लगा। वो कुछ नही बोली फिर मै ने नीद में होना का नाटक करते हुवे उनके ब्लाउज पर हाथ रख दिया उन्होंने भी मुझे चिपका लिया। फिर गाड़ी रुक गयी। और बुआ ने मुझे अलग किया फिर ट्रेन में लोग ज्यादा हो गए मेरे सामने वाली शीट पर मम्मी और फूफा जी चढ़ गए। बैठ गए।

बुआ ने उन लोगो को एक कम्मल दिया फिर मम्मी ने आधा कम्मल अपने और आधा फूफा जी पर डाल इस तरफ मै और बुआ थे मेरे सामने वाली सीट पर मम्मी फूफा थे। फिर किसी ने लाइट on कर दी। मेरी नजरे सामने थी मम्मी और फूफा जी चिपक कर बैठे थे। मम्मी अपने होटो को अपने दांतों से काट रही थी। बुआ जी मम्मी को देख कर मुस्कुरा रही थी फिर कम्मल हवा की वजह से तोड़ा ऊपर हुवा। मैने देखा की फूफा जी का हाथ मम्मी के पेटीकोट में था फूफा जी मम्मी की चूत को सहला रहे थे।

तभी मम्मी आहे भर रही थी। बुआ जी भी मजे ले रही थी। फिर बुआ ने मेरा हाथ अपने ब्लाउज में डाल दिया। मैने धिरे धिरे उनकी चूचियों को दबाने लगा वो एकदम मुलायम मुलायम थी। मुझे मजा सा रहा था। फिर लाइट ऑफ़ होगयी। बुआ ने मेरे लड़ पर हाथ रख दिया मेरा लड़ एक दम टाइट था बुआ ने मेरे लोवर के ऊपर से सहलाने लगी उन्होंने अपने ब्लाउज के हुक खोले और अपनी ब्रा उतार दी ऊपर कम्मल था। मेरे मुँह को कम्मल के अंदर कर के अपनी चूचियों पर रख दिया।

मैने उनकी चूचियों को मुँह में ले लिया। चुसने लगा बुआ आआह…ससससस…. कर रही थी। मैने अपना हाथ उनकी कमर से ले जाकर उनकी पैंटी में डाल दिया वो आउच बोली मैने उनकी चूत पर हाथ लगया तो देखा की वो गीली थी। कुछ देर बाद ट्रेन एक दम खाली हो गयी सिर्फ कुछ ही लोग थे। कुछ देर बाद रोशनी हुवी। मुझे मम्मी कस ख्याल आया मैने देखा की मम्मी और फूफा जी चिपके लेटे थे। और कुछ दिख नही रहा था।

बुआ ने मुझे लिटाया और मुझसे चिपक गयी फिर मेरे लड़ को बाहर निकाला अपनी चूत में दबा लिया मैने भी एक दक्के लगया मेरा पूरा लड़ उनकी चूत में चला गया। वो आआह….स्स्स….मुझसे बोली धिरे कर आवाज मत कर मैं धिरे धिरे उन्हें चोदने लगा चलती ट्रेन में हिल भी रहा था। फिर कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया। बुआ की चूत में डाल दिया। फिर बुआ उठ कर अपने कपडे ठीक किये और नीचे उतर गई।

फिर मै भी नीचे उतरा और सीट पर बैठ गया सामने देखा तो मधु जी बैठी थी मैं बातरूम जाने लगा देखा तो एक सीट पीछे एक दम खाली थी कोई नही था। बुआ और मधु के पति सुमित बुआ को चोद रहे थे बुआ आआह स्स्स कर रही शायद बुआ मैंने बातरूम की और अपनी सीट पर चढ़ गया तभी मैने फूफा जी की सीट पर देखा तो मम्मी नीचे थी फूफा जी ऊपर से दक्के लगा रहे थे मम्मी …आआह ….सस्स …
कर रही थी। फिर मैं सो गया।

सुबह मेरी आँख खुली तो बनारस आगया था। हम लोगो ने दो रूम लिए पहले तो एक रूम में मैं और बुआ जी और मधु उनके पति कमरे में दो बेड थे। सब लोग ने आराम किया फिर साम को सब तैयार हुए और गुमने निकल लिए। मेरी नजर मम्मी पर गयी वो चल नही पा रही थी। बुआ ने मजाक में मम्मी से कहा भाभी आप कमरे में आराम कीजिए मैं इनको भेजती हूँ। मम्मी भी हँसने लगी।

अगली रात को मेरे कमरे में सामने बेड पे मम्मी और फूफा लेट गए और मेरे साथ बुआ फिर कुछ देर बाद मेरे कमरे में आयी और बुआ से कहा जाओ सुमित बुला रहे है। बुआ उठ कर चली गई। उनकी जगह मधु लेट गयी मधु मेरी मम्मी की तरह गर्म औरत थी। मैने पूछा मधु से बुआ कहा गयी मधु बोली वो मेरे पति से चुदवाने गयी है।

उसके मुँह से ये शब्द सुनकर मुझे अजीब लगा मैं बोला आपको ऐतराज नही है वो बोली नही फिर उसने कहा कल तुमने भी अपनी बुआ को चोदा था। उसने मेरे लड़ को पकड़ लिया और बोली आज मुझे चोद दो। मैने बिना कुछ कहे उनकी नाइटी में हाथ डाल कर उनकी चूचियों को दबाने लगा उसने तभी फूफा के बेड से आउच की आवाज आई मैने कहा क्या हुवा।

मधु बोली तेरी मम्मी की चूत में लड़ गया फिर मैने कहा ये सब हो क्या रहा है वो बोली तेरी बुआ ने बनारस गुमने के बहाने तेरी मम्मी को फूफा से चुदवा दिया फिर उसने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया और मेरे लड़ को अपने भोसड़ी में डाल लिया कुछ दकको के बाद मै झड़ गया। फिर वो चली गयी बुआ आगई बुआ से कहा अपने मम्मी को क्यों चुदवा दिया।

बुआ बोली तेरी मम्मी गर्म थी वो तो तेरे पापा के दोस्त से चुदवाती थी। जिस दिन से फूफा ने तेरी मम्मी को चोद दा है वो अब किसी से नही करती है। मैने पहुँचा और मधु कैसी है वो बोली तेरे फूफा ने मुझसे सादी करने के लिये तेरे पापा से मधु को चुदवा या था फिर बुआ ने लाइट on की देखा की मुम्मीप नग्गी ओर फूफा उनके होटो को चूस रहे थे और उन्हें चोद रहे थे।  ।।।।।।        ।।।।।।।।       ।।।।।।।        ।।।।।।।
ध्न्यवाद।।

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नितिन डी।।