मेरी विधवा भाभी की भोंसड़ी -1

हेलो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और यह मेरी रियल स्टोरी है। यह बात उन दिनों की है जब मेरी उम्र 22 साल की थी. अपनी कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपनी भाभी के बारे बता दूं मेरी भाभी का नाम विभा है और उनकी उम्र उस समय 30 साल की थी जब वह विधवा हो गई वह देखने में बहुत मस्त थी और उनकी हाइट लगभग 6 फुट की थी. मेरी भाभी अक्सर साड़ी ब्लाउज पहनती थी और उनका गोरा रंग बहुत मस्त था.

उनकी गांड का साइज लगभग 36 साइज था और उनकी चूचियां गोल मटोल 34 साइज की थी मैं अक्सर उनकी गांड देखता रहता था कि कब भाभी की गांड देखने को मिलेगी और हमेशा उनको चोदने का सोचा करता था पर भाभी इस इस तरह की नहीं थी वह बहुत सीधी साधी थी और हमेशा सादा जीवन जीने में विश्वास रखती थी और उन्होंने शादी करने से भी दोबारा मना कर दिया मैं अपना गुजारा पानी करने के लिए एक स्कूल में टीचर की जॉब करने लगी मैं अक्सर उनकी चूचियां निहारता रहता था पर्व है अपनी चूची को हमेशा साड़ी के पल्लू से ढककर रखती थी.

मैं हमेशा देखता रहता था की का मौका मिले की भाभी की चूची की क्लीवेज देखने को मिले पर मैं हमेशा तरसता ही रहता था भाभी ने कभी भी मौका नहीं दिया. मैं हताश होकर बैठ गया ऐसे ही दिन बीते गए. एक दिन मौका ही गया की मेरी रिश्तेदारी में एक आंटी बीमार हो गई और उनको सरकारी अस्पताल में एडमिट करना पड़ा और इनका और कोई तो था नहीं तो इसीलिए मुझे हॉस्पिटल में उनकी देखभाल के लिए रुकना पड़ा घर से अस्पताल आधे घंटे की दूरी पर था और मुझे दिन रात वहीं रुकना पड़ता था.

ऐसे ही एक दिन मैं काफी थक रहा था और मैंने भाभी को कहा की भाभी आज सैटरडे है आप हॉस्पिटल आ जाइए आंटी के पास ताकि मैं सुबह थोड़ा बहुत आराम कर लूंगा आपकी भी कल छुट्टी है. इस तरह भाभी रात को हॉस्पिटल आ गई और आंटी के पास रुक गई. मैं भी दूसरे रूम में जहां मरीजों के रिश्तेदार ते हैं मैं वहां जाकर आराम करने लगा और आंटी के पास भाभी रुक गई. मैं रात को थोड़ा आराम से सो गया और सुबह 6:00 बजे ने उठा और भाभी के लिए चाय लेकर आ गया आंटी सो रही थी. इस तरह नैना भाभी को कहा क्या फ्रेश हो आइए.

मैं उसके बाद घर चले जाऊंगा और शाम को वापस आऊंगा भाभी ने हां कर दी भाभी कहने लगी कि मैं नहाना चाहती हूं आप बाथरूम देख कर आए कहां बने हुए हैं और मैं बाथरूम देखने चला गया. वहां सरकारी हस्पताल होने की वजह से मैंने किसी से पूछा कि बाथरूम कहां बने हुए हैं किसी ने बताया कि वहां चले जाइए मैं जब बाथरूम देखने गया तो एक साथ ही कहीं बाथरूम बने हुए थे. मैंने बीच वाले बाथरूम में देखा कि खाली पड़ा हुआ है मैंने  साउथ वाले बाथरूम को देखा वह भी खाली था मैंने देखा कि बाथरूम की छत काफी ऊपर तक और दीवारों में कुछ डिफरेंस था.

मैंने एक बाल्टी को उल्टा किया और साउथ वाले बाथरूम में झांकने लगा मां सब कुछ देख रहा था. सिर में वापिस भाभी के पास आया और भाभी को साथ लेकर आ गया और उनको बीच वाला बाथरूम दिखा दिया भाभी कपड़े लेकर उसने चली गई और मुझे आंटी के पास जाने के लिए बोला मैं उस समय तो वहां से निकल आया पर मेरे मन में भाभी को नंगा देखने की चाहती. मैं उसके बाद दबे पांव आया और साथ वाले बाथरूम में जीरे से चला गया और जो बाल्टी उल्टी थी.

मैं धीरे से उस पर चढ़कर भाभी वाले बाथरूम में चुपके से देखने लगा उस समय भाभी पार्टी में पानी भर रही थी और जब बाल्टी भर गई भाभी ने अपनी चुचियों पर से साड़ी का पल्ला हटाया मेरा तो मन ललचा रहा था भाभी की संतरे की लंबी क्लीवेज दिखाई देने लगी भाभी के दोनों संतरे ब्लाउज में एकदम खड़े खड़े थे. इसके बाद भाभी ने अपनी साड़ी का खोलना शुरू कर दिया. भाभी का गोरा पेट एकदम मस्त लग रहा था और उनकी नाभि गोल और गहरी थी भाभी ने अपनी साड़ी उतार कर साइड रख दी.

भाभी अब अपने ब्लाउज के को खोल रही थी और ब्लाउज खोलने के बाद भाभी की सफेद रंग की ब्रा नजर आने लगी क्या मस्त लग रही थी. भाभी गोल गोल सूचियों में उनकी ब्रा मस्त लग रही थी. इसके बाद भाभी ने अपना पेटीकोट उतार दिया उस क्या नजारा था भाभी की मोटी मोटी और गोरी जांग मोटे केले के पेड़ जैसी चिकनी थी नीचे रखा पीने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई थी. चौकी भाभी की चुत के लिप्स पूरे पेंटी पर उबर रहे थे मेरा तो पूरा लंड खड़ा हो गया और मैं अपने लंड को रब करने लगा.

उसके बाद भाभी ने अपने हाथ पीछे ले जाकर ब्रा की खोल दी और भाभी की दोनों चूचियां एकदम खड़ी खड़ी थी और उनके पिंक कलर के निप्पल ₹1 के कॉइन जैसे थे और उनकी निप्पल की गुंडी छोटे मटऱ के दाने जैसी थी. जो दोनों चुचियों पर मस्त लग रही थी. भाभी की दोनों चूचियां एक  दम पूरे आकार की थी भाभी की दोनों च,चियों को मैंने जी भर के निहारा भाभी ने अब अपना पेटीकोट उतार दिया पेटीकोट उतारने के बाद भाभी ने अपनी पिंक कलर की पेंटिं को जब उतारा तो मेरा लंड एकदम लोहे की रोड हो गया पेंटिं उतरते ही भाभी की चुत जो एकदम पावरोटी जैसी फूली हुई थी.

चुत पर एक भी बाल नहीं था भाभी ने अब नीचे बैठ गई और अपने बदन पर पानी डालने लगी. चेहरे पर साबुन लगाने के बाद उन्होंने साबुन से अपनी चुचियों पर मन्नाशुरू कर दिया. भाभी की दोनों चूचियां एकदम हिल रही थी और  निप्पल को भाभी रगड़ रही थी और पूरे शरीर पर साबुन लगाने पर नहाने लगी. भाभी मैं अपनी टांगें चौड़ी कर ली और चुत पर साबुन लगाने लगी. भाभी की चुत टांगें चौड़ी करने की वजह से पूरी दिखाई दे रही थी भाभी की चुत क्लिप्स मोटे थे और भाभी की  चुत का दाना साफ दिखाई दे रहा था जो कि एक लहसुन जैसा था.

भाभी की टांगों के बीच भाभी की चुत बहुत मस्त लग रही थी और भाभी की गांड का छेद भी देखने को मिल गया स्पीड पर पानी डालने के बाद भाभी जब पलटी तो भाभी की गांड के दर्शन हुए भाभी की गांड की तरह मस्त लग रही थी और भाभी जैसे ही नीचे झुकी भाभी की चुत के टिप्स पीछे से दिखाई दे रहे हैं. जोगी 1 डबल रोटी जैसे दिख रही थी. मेरा तो लंड बहुत खड़ा हो गया और मैं लैंड को हिलाने लगा. इसके बाद भाभी ने सॉरी सिर पर पानी डाला और टॉवल से अपना शरीर शरीर पूछने लगी इसके बाद भाभी ने अपनी चुचियों पर ब्रा पहनी और एंटी पहनने के बाद उन्होंने पेटीकोट बांधना शुरू कर दिया और ब्लाउज पहन कर साड़ी बांधने लगी.

उसके बाद मैं धीरे से  नीचे उतर गया और वह सीन याद करके मुठ मारने लगा के बाद मेरा पानी निकल गया और मैं भाभी के निकलने के पहले ही आंटी के पास चला गया 5 मिनट बाद भाभी की वह आ गई और मैं अनजान बनने का इसके बाद कोई बात नहीं हुई और मैं भाभी को मन छोड़ कर घर आ गया और शाम को आने के लिए बोल गया. उसके बाद मैंने भाभी को कैसे चोदा उसके लिए आपको अगले अंक का इंतजार करना पड़ेगा.  दोस्तों कैसी लगी मेरी है कहानी अगली कहानी अंक दो मैं जल्द भेजूंगा थैंक यू. मेरी मेल आईडी [email protected]  कहानी अच्छी लगी हुई तो कमेंट करें ताकि मैं अगला पार्ट जल्द ही भेजूं.