शराफत की देवी मेरी बहन- 3

शराफत की देवी मेरी बहन

शराफत की देवी मेरी बहन -2

 

दोस्तों मैं सूरज अपने जीवन गाथा को आगे बढ़ाते हुए आप लोग के बीच पुनः आ गया हूं, 1 सप्ताह पहले मैंने बहन से बात की और मैं पूछ बैठा  जीजू कहां है वह बोली दिल्ली गए हुए हैं मैंने पूछा मैं आ जाऊं वह बोली क्यों कोई काम है मैं बोला वैसे ही ठीक है आ जाओ छोटू भी मामा मामा  बोल रहा था, मैं बहन के लिए सामान खरीदा और छोटू के लिए कपड़े और कुछ खिलौने

बहन के घर पहुंचा बहन की सासू मां घर पर नहीं थी अंदर छोटू और बहन टीवी देख रहे थे छोटू मुझे देख कर मामा आ गया खुशी से चिल्लाने लगा छोटू को गोद में उठाकर चॉकलेट और खिलौने दे दिए छोटू खेलने लगा और बहन से पूछा तुम्हारी सासू मांं कहां, बहन कहीं बगल वाले घर में किसी के यहां कोई बीमार है उसे देखने गई हैं मैं बहन के ऊपर अपनाा हाथ रख कर बोला तुम ठीक हों , मैं बहन के चुचियों पर हाथ रख दिया बहन की चूची पहले सेेेे और बड़ी हो गई है, बोली तुम अभी सुधरे नहीं, मैं बोला प्यार कभीी बूढ़ा नहीं होता मैं तुमको जो मजा दिया मजा कोई और दे ही नहीं सकता मैं उसकी चुचियों को दबाते हुए किस करने लगा बहन अलग होकर खड़ी हो गई, बोली यह घर नहीं है, मैं बोला मुझे करना है, कहानी लिख रहा था इसी वजह से मुझे दोबारा बहन को चोदने का मन कर रहा था जैसे 4 साल पहले आ गया हूं मैं बहन को नए तरीके से चोदना था क्योंकि मैं भी अब परिपक्व हो गया हूं, जब से कहानी लिख रहा था मुझ में ना जाने कितने जोश आ गए थे मैं दिन भर में तीन चार बार मुट्ठ मार लेता था बहन को याद करने लगता था,
बहन बोली तुमको जो भीी करना है ओ अपने जीजा से पूछकर मुझे घर लेे जाकर करना मैं यहां तुम्हे टच ना करने दूंगी, पहले बहन की सासु मां उनसे पूछा कि मैं घर बहन को ले जाना चाहता हूं वह बोली बेटा एक बार राकेश से पूूछ जीजा को कल किया जीजा मान गए, मैं बहन को घर ले आया, दिन में बहन पास पड़ोस में सब से मुलाकात की जब रात हुई बहन खाना बनाई और मैं बहन से बोल दिया किस छोटू को मम्मी के पास सुला दो और मम्मी सेे बहाना, कर लो की मेरी तबीयत ठीक नहीं है मैं छत पर आराम करने जा रही हूं छोटू को तुम दूध पिला कर सुला लेना मांं बोली ठीक है, बहन और हम खाना खानेेे के बाद अपनेे रूम मेंं सोने चला गया, और बहन आंगन में पंखे के नीचे शोने चली गई, लगभग 1 घंटे बाद जब सब लोग सो गए बहन मेरे वास आकर चिपक गई, मुझे कहानी का इतनाा असर था कि मैं अब लेट नहींं करना चाहता था मैं तुरंत बहन के ब्लाउज का बटन खोल दिया और बहन की चूची को पीने लगा बहन बोल रही थी, अरे मैंं कहीं भाग नहीं रही हूं, आराम से करो मैं बोलाा मैं भूखाा हूं बहन की चूचीी को मसलने  लगा, बस बहन में इतना फर्क हो गया था कि पहले सलवार और कमीज़ उतारना पड़ता था अब अब ब्लाउज़ पहले बहन से बहन का चूूतड और बडा  हो गया था.
फिर बहन के होठों को अपने मुंह मेंं भर कर चूसने लगा और हाथों से बहन के बड़े-बड़े चूचियों को मचलने लगा बहन मुंह से सिसकियांां भरने लगी, और कहने लगी कि मुझे तुम्हारे लंड की  आदत हो गई, मैं धीरे धीरे बहन के सारे कपड़े उतार दिए फिन बहन होंठों से होते हुए धीरे धीरे सारे अंग को चूमते हुए दो पहाड़ों के बीच में बने नदी यानी चूत**केे पानी के अंदर डुबकी लगाने लगा बहन की चूत** को जीभ से चाटने लगा, बहन मेरे सर को चूत** में दाबने नहीं लगी, और कहने लगी तुम्हारे जीजा बेकार है चुदाई नहींं कर पाते, मुझे पूरा मजा नहीं देते वह कभी भी मेरे चूत में अपना मुंह नहीं लगाते हैं बस मेरी  चूत  में लंड  डालकर चोद कर अपने को ठंडा करके सो जाते ,  चूूदाई करते हैं लेकिन मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते लेकिन जो मजा तुम देतेे हो वो मुझे कभी नहीं दे पाते.
अब मैं अपने फेवरेट तरीका यानी बहन की चूत को अपनेेे मुंह पर  रखने को कहा बहन ने पहाड़़ जैसे चूूूूतड़ मेरे मुंह पर रखते हुए कहां तुम मुझे बहुत मजा देते हो काश तुम रोज मेरेे साथ चुदाई करते , तुम से चुदाई की आदत इतनी पड़ गई है. तुम्हारे जीजा से चुदवाते वक्त तुम्हारा ही ख्याल रहता है, वह मेरे मुंह पर चूत* को रगड़ने लगी मैं चूत* के पानी को हल्का हल्का मुंह के अंदर लेने लगा ना चाहते हुए भी चूत** का पानी अंदर लेना पड़ रहा था क्योंकि उस वक्त सांस लेने में दिक्कत हो रही थी इसके लिए पानी को अंतर अंदर एटोमेटिक आ जाता था बहन मेरे मुंह पर है झड़ गई और शांत हो गए..
मुझसे बोली मैं बहुत दिन बाद थोड़ा संतुष्ट  हुई हूं चूत** का पानी नशे के वक्त अंदर लेने में कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन झड़ जानेेे के बाद बहुत बुरा लगता है कम से कम 2 बार ब्रश करता हूं. उसके बाद जाकर कहीं चाय पीता हूं नशे में बहन जहांं कहे वहां मुंह लगा देता हूं आगेेे चाहे पीछे लेकिन चुदाई समाप्त होने के बाद बहुत बुरा लगता है लेकिन बहन को संतुष्ट करने के लिए हर बार मुझे करना पड़ता है मैं जानता हूं अगर मैं उसको संतुष्ट नहीं करूंगा तो वहां मेरे साथ जुदाई क्यों करवायेगी, उसको तो अब लंड* भी मिल गया.
मेरी जाना कुंवारी तो है नहीं, अगर मैं बहन को इतने मजे नहीं देता तो शायद ही मेरे साथ शादी के बाद चुदाई करवाती मैं उसको नहींं लेकर आया वह खुद मुझसे चूूदवाने के लिए मुझे तैयार किया था मेरा जीजा से पूछने का उसका प्लान था वह मुझसे  चुदवाना चाहती थेी जीजा उसको सही तरीके से चोद नहीं पाते हैं बहन थोड़ी ज्यादा नशीली है उसको मेरे जैसे शेम जीन वाले मर्द की जरूरत है आप लोगों को पता होगा  इज्जत खातिर बिना चुदाई के भी रहती है  लेकिन किसी और मर्द  से नहीं जुड़ेगी.
 बहन को उल्टा लिटा दिया बयान मोटी हो गई है इसलिए मैं अपने बेड के किनारे पे उसकी चूतड़ को लाकर नीचे खड़ा होकर अपना लौड़ा** डालकर झटके मारने लगा बहन अपने मुंह से सिसकियां भरने लगी और मुझे देखने लगी बोली हम लोग कितनेेेे गंदे  हैं पहले मजबूरी में अब शौक से तुम से चूदवाती हूं लंड की स्पीड बढ़ा दिया और चोदने लगा बहुत दिनों बाद चूत* को चोद रहा था मैं 15 मिनट के अंदर ही झड़ गया इसका कारण भी ऐसा था उस रात बहन को चार बार अलग अलग तरीके से  चूदाई की बहन संतुष्ट हो गई थी.
सुबह उठा तो देखा  मैं अंडरवियर पहना हूं और अकेला सोया था वह नीचे चली गई थी लगता है छोटू रो रहा था मैं 8:00 बजे तक सोता रहा जब उठा  देखा किचन में चाय बना रही थी मम्मी नहींं थी पापा भी बाहर थे मैं बहन को पीछे से उसकी साड़ी उठाकर अपना लंड बहन की चूत में दे दिया बहन बोली कोई आ जाएगा मैं बोला मैं बाहर का दरवाजा बंद करके आया हूं अंदर से बहन भी किचन मेंं ही टांग उठा कर चोदने लगा और चूचियां को मसल रहा था 15:20 मिनट में अपना पानी बहन की चूत में ही गिरा दिया मेरा और बहन का पानी टपक रहा था बहन पेंटी नहीं पहनी थीं इसके कारण फर्श पर गिर गया बहन खड़ी होनेे  की वजह से  फर्श पर गिरा था बहन ने कहा मुझे धोना  पड़ेगा तुम तो मज़ा करके चले जाते हो, मेरा काम तुम्हें खुश करना है तो कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा यह  कह कर मैंं बाहर चला गया.
बहन बोली कि तुम मुझे अब बिना कंडोम के चुदाई नहीं किया करो अभी मैं बच्चा नहीं। चाहती हूं मैं बहन से कहा तुम 4 साल मुझसे प्यार किया एक दूसरे को हम दोनों समझे चााहे जैसे हमरा मिलन हुआ लेकिन हम एक दूसरे को समझे और हमारा रिश्ता जैसे पति पत्नी का होता है उसी तरह घर समाज से छिपाकर 4 साल तक हम लोग लगातार चलाएं लेकिन अब तुम्हारी शादी हो गई है, मैं चाहता हूं मेरी निशानी भी कुछ हो जिसे हम हमेशा प्यार के रूप में याद कर सके अगर तुम चाहती हो यह संभव हो सकता है तुम जैसाा कहोगे मैं वैसा ही करूंगा मुझे तुमसे कोई जबरदस्ती या ब्लैकमेल नहीं करना बहन बोली समय आने पर वह भी इच्छा पूरी कर दूंगी 1 साल बाद दूसरे बच्चे के लिए बिचार। करूंगी जो तुम्हारा और मेरा  होगा और नाम तुम्हारे जीजा का होगा, बस तुम थोड़ा इंतजार करो..
आज रात में हम  सोने आए तो मैं बहन से बोलना जान एक बात बताऊं  बोलिए आप  हम अपने जीवन की घटनाा को कहानी के माध्यम से लोगों के बीच में प्रस्तुत किया हूं तुम भी इसे सर्च करके पढ़ सकते हो बहन गुस्से में हो गई बोली कोई अगर जन गया तो मेरी दुनिया उजड़ जाएगी तुम्हारा दिमाग तो खराब है मैं बोला इसको कोई नहीं जानेगा तुम कहानियांं और भी पढ़ सकते हो , लेकिन बहन आग बबूला हो कर बोली तुम्हारा दिमाग खराब है मैं साइट खोल कर भाई बहन के स्टोरी खोल देी और उसे कम से कम 7 सेक्स स्टोरियां पढ़ाई और खुद पढ़ें वह नशे में चूर हो कर  लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी बीच में कहने लगी सूरज कुछ होना नहीं चाहिए नहीं तो मेरे किए गए सारे प्लान पर पानी फिर जाएगा.
मैं बोला कुछ नहीं होगा बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपनी घटना को कहानियां के माध्यम से लोगों के बीच में आते हैं बहन बोली विनोद के साथ कोई जानता तो कम  दिक्कत होती लेकिन तुम्हारे साथ बवाल हो जाएगा मैं किसी को मुंह नहींं दिखा पाओगींं, बहन को किस करते हुए बोला तुम टेंशन ना लो कभी नहीं कोई जानेगा,हम दोनों पहले अपने रिश्ते को किसी से भी नहीं बता सकते थे अब बहुत लोग जान गए हैं बहन बोली उनके विचार हमें कैसे पता चलेगा कि हम जो कर रहे हैं वह कोई और कर रहा है और उनके कमेंट हमें कैसे पता चलेगा की समाज में कुछ लोग हमारी तरह भी जी रहे हैं उनके विचार में हम सही है मैं बोला ठीक है बाद में सोचेंगे.
पहले यह बताओ कि तुम्हारा चुतड दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है इसमें कोई खाद्य पदार्थ डाल रही हो, बहन बोली हां 7 साल से या दो लंड के रस को पी रहा है जो मैं बोला दो नहीं तीन वह बोली वह तो सिर्फ ट्रेलर था दो ने तो पता नहीं कितनी मूवीओ के डायरेक्शन कर डाले मैं खुश होकर पहन के चूतड़ को मुंह पर लाकर रख दिया और चूसने लगा, फिर से रस पीने लगा रात भर तीन बार चुदाई की 8 दिनों बहन मेरे साथ भाई बहन का खेल खेली उसके बाद , जीजा आयेंगे और बहन अपने घर चली गई, मैं दो दिन तक हो नहीं सका नींद नहीं आई, बहन को कॉल करके बुलाने लगा बहन बोली मैंं मजबूर थोड़ा इंतजार करो फिर आ जाऊंगी मैं बोला ठीक है दीदी लेकिन मुझे एक छोटा बच्चा चाहिए बहन तुम्हारी ये भी  इच्छा जल्द ही पुूरी कर दूंगी. अब अगले भाग में मैं अपनी कहानी जहां समाप्त किया हूँ वहां से आप लोगों के बीच में प्रस्तुत करूंगा.. ॥
धन्यवाद।