विधवा भाभी की भोसड़ी – 2

हेलो दोस्तों कैसे हो सब मेरे पहले पार्ट में आपने देखा कि कैसे मैंने भाभी को नंगा देखा और मजा लिया कैसी लगी आपको मेरी पहली कहानी आगे की कहानी शुरू कर रहा हूं हॉस्पिटल से आने के बाद कई दिन तक मैं भाभी को चोदने का प्लान बना रहा था पर मौका नहीं मिल पा रहा था कई दिन बीत गए पर कुछ हासिल नहीं हुआ पर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया 1 दिन भाभी की तबीयत खराब थी और बेड बेड रेस्ट कर रही थी उनको बुखार था और मैं केमिस्ट से दवाई लेकर आया उस दवाई मैं नींद की गोलियां भी थी मैंने एक गोली की बजाए दो गोलियां नींद की दवाई में मिला दी और जाकर भाभी को खिलाई भाभी को दवाई खिलाने के बाद भाभी आराम करने लगी और लगभग 2 घंटे बाद जब मैं भाभी के रूम में गया की भाभी आराम कर रही थी.

मैंने भाभी को हिला कर देखा पर वह गोलियों के नशे में गहरी नींद में थी नैना हिला हिला कर भाभी को उठाने की कोशिश की पर भाभी नहीं उठी भाभी ने साड़ी पहन रखी थी मैंने कमरे का दरवाजा धीरे से बंद कर दिया और आकर भाभी के बेड पर बैठ गया मैंने भाभी की छाती ऊपर से साड़ी का पल्लू हटा दिया भाभी की चूचियां एकदम मस्त मस्त खड़ी थी मैंने धीरे से अपने हाथ को भाभी की चुचियों पर रख दिया और धीरे-धीरे उनको दबाने लगा बहुत मस्त चूचियां लग रही थी दबाने में उसके बाद मैंने भाभी के होठों को चूसना शुरू कर दिया.

भाभी के होठों का रसपान किया उसके बाद मैंने भाभी के गालों को चुम्मा मैंनेभाभी के ब्लाउज के बटन खोलें और ब्लाउज के पाटों को फैला दिया भाभी ने नीचे काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी और भाभी की क्लीवेज ब्रा में मस्त लग रही थी भाभी की दोनों चूचियां मस्त खड़ी खड़ी थी मैंने भाभी की दोनों चुचियों को ब्रा पर से ही दबाया और मैंने भाभी की साड़ी ऊपर उठाने शुरू कर दी भाभी ने नीचे काले रंग का पेटिकोट पहना हुआ था.

मैंने धीरे से उनका पेटीकोट भी सरकारिया भाभी की गोरी गोरी टांगे नजर आने लगी मेरे मुंह में पानी आने लगा इसके बाद मैंने भाभी की जांघों पर अच्छी तरह से हाथ फेरा मैंने भाभी की पेटीकोट को पूरा ऊपर सरकाया भाभी ने नीचे काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी भाभी की चुत क्लिप्स पावरोटी जैसे मोटे मोटे थे मैंने पैंटी पर से ही रगड़ा इसके बाद धीरे से नैना भाभी की पूरी पेंटिंग उतार दी.

भाभी की चुत पर एक भी झांठ का बाल नहीं था नैना भाभी की टांगों को धीरे धीरे से भाभी की टांगों को फैलाया ताकि भाभी जागना जाए प्रभावी नींद की नशे में चूर थी उनको कुछ पता नहीं चल रहा था इसी बात का मैंने फायदा उठाया और धीरे-धीरे मैंने भाभी की टांगों को पूरा चौड़ा कर दिया भाभी की चुत का मुख खुल गया मैंने भाभी की चुत की दरार को फैलाया उस क्या भोसड़ी थी भाभी की भोंसड़ी अंदर से एकदम गुलाबी थी और चुत का छेद टाइट था पता नहीं भाभी कब से नहीं चुत * थी मैंने धीरे से भाभी की चुत के दानेको रगड़ा और धीरे से भाभी की भोसड़ी के दाने के अपनी जीभ रख दी और चाटने लगा क्या गर्मी थी एक विधवा की चुत में भाभी की चुत का छेद एकदम टाइट था.

नैना धीरे से अपनी उंगली की चुत में डाल दी और अंदर डालने लगा बहुत गरम चुत थीभाभी की मैंने धीरे धीरे पूरी उंगली उनकी ब** में डाल दी उक्या गर्मी थी भाभी की ब** में फिर मैंने उनको लियोन की चुत से निकाली जो कि पूरी पानी से भीगी हुई थी मैंने पूरी उंगली अपने मुंह में डाल कर चाटा क्या नमकीन पानी का स्वाद था फिर धीरे-धीरे नैना भाभी की ब्रा को ऊपर कर दिया और भाभी के दोनों संतरे बाहर निकालिए मैंने भाभी के निप्पल जो कि ₹1 के कॉइन जैसे थे नैना मुंह में डालकर चूसने शुरू कर दी है क्या मजा आ रहा था.

मैंने धीरे धीरे भाभी की चुचियों को पिया और दबाया इसके बाद मैंने भाभी की चुत को चटा भाभी की चुत भी अब थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ने लगी थी नैना भाभी की चुत का पानी चढ़ा इसके बाद मैंने भाभी की टांगों के बीच बैठ गया और अपना लंड निकाल कर लंड की खाल को पीछे सरकाया मोटा सुपाड़ा जो कि आलू जैसा है पूरा खड़ा था धीरे से मैंने लंड के सुपारी को भाभी की चुत के छेद पर लगाया उफ्फ क्या गर्मी थी छेद एकदम दहेक रहा था मैंने देर ना करते हुए सुपारी को भाभी की चुत के छेद में लगाकर हल्का सा धक्का मारा.

भाभी की चुत अभी टाइट थी सुपाड़ा अंदर चला गया लंड अंदर डालते ही मुझे स्वर्ग आनंद आने लगा क्या गरम चुत थीभाभी की मैं धीरे धीरे लंड को अंदर डालता रहा और धक्के मारता रहा मैंने भाभी को धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया भाभी की चुत अंदर से भट्टी जैसी गरम थी मुझे लंड में का एहसास हो रहा था मैं भाभी को चोद चोद कर मजा ले रहा था और उनकी एक निप्पल मुंह में लेकर चूस रहा था और दूसरी चूची को हाथ में लेकर कब आ रहा था क्या मजा आ रहा था क्या जब मैं भाभी की चुचियों को देखने को तरसता था.

आज वह मेरे सामने नंगी पड़ी है और मैं उन को चोद रहा था मेरा सपना पूरा हो रहा था नैना भाभी की चुत को 20 मिनट तक पूरा चोदा और मैंने भाभी की गांड को फैलाकरगांड की दरार को चौड़ा करके गांड के छेद को देखा भाभी की गांड का छेद भी मस्त टाइट था मैंने तो जीव से उनकी गांड के छेद को चाटा फिर मैंने भाभी की गांड में अपना लंड घुसाने की कोशिश की पर्व गांड का छेद बहुत टाइट था.

मैंने गांड के छेद में थोड़ा सा थूक लगाया और अपना लंड भाभी की गांड के छेद में लगाकर धक्का लगाया लंड पक की आवाज करके अंदर चला गया मैंने धीरे धीरे भाभी की गांड मारने शुरू कर दी क्या मजा आ रहा था गांड मारने में मैंने थोड़ी देर भाभी की गांड मारी और अपना पूरा लंड भाभी की गांड में लंड घुसा दिया अब मैं झड़ने वाला था इसलिए मैंने लंड बाहर निकाल लिया और अपना वीर्य अपने हाथों में ही रोक लिया और उसके बाद मेरे मैं लंड से जो पानी निकला था.

मैंने उंगली पर लिया और थोड़ा थोड़ा भाभी की भाभी की सूचियों के पर लगा दिया और थोड़ा भाभी के होठों पर लगा दिया भाभी की चुत का छेद मेरे लंड जाने से थोड़ा फै फैल गया था फिर मैंने भाभी की ब्रा को ठीक किया और भाभी की ब्लाउज के हुक लगा दिए भाभी की चुत को एक सूखे कपड़े से पहुंच दिया और भाभी की पेंटी सही की पेटीकोट नीचे करने के बाद भाभी की साड़ी ठीक की और भाभी अभी भी नींद के नशे में बेहोश थी उसके बाद मैंने भाभी के ब्लाउज पर से ही उनके दोनों संतरे दबाएं और भाभी के गालों पर किस की और धीरे से दरवाजा खोलकर बाहर आ गया.

इसके बाद मैंने अपने सभी अरमान पूरे कर लिए इस तरह भाभी को चोदा आगे भी मैंने भाभी से बहुत मजे दिए वह नया अगले अंक में बताऊंगा कैसे भाभी के साथ बहुत मजे किए आपका रिस्पांस आगे का अंक लिखने में हौसला बढ़ेगा तो इसलिए कमेंट करें और मुझे आगे लिखने का मौका देते रहें धन्यवाद मेरी मेल आईडी[email protected]