कामुक लड़की के साथ 69 स्टाइल में सेक्स की कहानी

गतांग से आगे …..

फिर अचानक से उसने मुझसे कहा कि भाई जान कहाँ खो गये? अब उसके इस तरह से पूछने पर में सकपका गया और अपनी नजरे हटाकर बोला कि कुछ नहीं, कुछ नहीं और फिर हम इधर उधर की बातें करने लगे. फिर उसने अचानक से मेरे सामने अपनी सलवार के ऊपर से अपनी चूत खुजानी चाही तो उसकी उंगली फटे हुए सलवार से उसकी चूत में घुस गयी और जब उसे इस बात का एहसास हुआ तो वो बोली कि अरे बाप रे. अब वो समझ गयी थी कि मैंने उसकी फटी हुई सलवार से उसकी चूत का दीदार कर लिया है, तो वो जाने लगी.

फिर मैंने कहा कि रुक जाओ वंदिता शरमाओ मत, जो हो चुका वो हो चुका है और मैंने भी घूँघट में छुपे मुखड़े को देख लिया है. फिर तब वो बोली कि भाईजान यह क्या? सिर्फ़ झलक देखते ही मुँह में पानी आ गया, रात को मेरा इंतज़ार करना में पूरा जलवा दिखा दूँगी और यह कहकर वो मेरे कमरे से निकल गयी. फिर हम सबने साथ मिलकर रात 9 बजे खाना खाया और करीब 11 बजे हम सब सोने चले गये.

फिर रात को करीब 1 बजे दरवाजा खुलने की आवाज़ से मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि वंदिता मेरे कमरे में दाखिल होकर दरवाजा बंद कर रही थी और मेरे करीब आकर मुझसे लिपटकर चुम्मा लेने लगी. फिर में भी उसे चूमने लगा और साथ ही साथ उसकी चूचीयों को दबाने और सहलाने लगा. फिर कुछ देर के बाद में उसके और अपने सारे कपड़े उतारकर नंगे हो गये और 69 की पोज़िशन में होकर वो मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी और में उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से चूस रहा था.

फिर थोड़ी देर के बाद वो अपने मुँह से मेरे लंड को बाहर निकालकर बोली कि अंकुश अब रहा नहीं जाता है, डाल दो तुम्हारा मोटा लंड मेरी चूत में, लेकिन जरा आहिस्ता-आहिस्ता डालना क्योंकि तुम्हारा लंड काफ़ी मोटा और लंबा है. फिर मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर उसकी गांड के नीचे 2-2 तकिये रख दिए, जिससे उसकी चूत ऊपर उठ गयी.

फिर मैंने अपने लंड के सुपाड़े से उसकी चूत के दाने को थोड़ी देर तक रगड़ा और फिर थोड़ा ज़ोर लगाकर एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. फिर वो बोली कि उूउउइईईईईई माँआआआआ में मर गयी रे, हाईईईई अंकुश दर्द हो रहा है, ज़रा आहिस्ता करो. फिर मैंने कुछ देर तक बिना हीले अपना लंड उसकी चूत में डाले रखा और उसकी चूचीयों को सहलाता रहा.

फिर मैंने अपनी कमर उठाकर एक जोरदार शॉट लगाया तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. अब उसके मुँह से आआईईईईईई अल्लहहाआआआअ माररररर डालाआाआअ रे, हाईईईईईई उूउउफफफफफ्फ़ कितना ज़ालिम लंड है? आआईई रे, हाईईईईईईईई ऐसा लग रहा है कि जैसे मेरी चूत में कोई गर्म-गर्म रोड घुसा दी है.

फिर में करीब 10-15 मिनट तक रुक-रुककर पहले तो धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा तो उसे भी जोश आने लगा और वो भी अपने मुँह से आहें भरने लगी और कहने लगी कि अंकुश डार्लिंग जरा ज़ोर-ज़ोर से कस-कसकर चोदो मुझे, बड़ा मज़ा आ रहा है, वाकई में तुम्हारा लंड जानदार है, मैंने आज तक ऐसा लंड नहीं देखा. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने भी अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और इस दौरान वो 2 बार झड़ चुकी थी. अब उसकी चूत 2 बार झड़ने के कारण गीली और ढीली हो गयी थी और मेरे कस-कसकर चोदने के कारण पूरे कमरे में फचा फूच फचा फूच की आवाज़े गूँजने लगी थी, वो अब तक 2 बार झड़ चुकी थी.

फिर करीब और 10-15 मिनट के बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके बगल में आकर लिपटकर सो गया. फिर वो बोली कि अंकुश वाकई में तुम्हारा लंड काफ़ी जानदार है, तुमने मुझे बुरी तरह से थका दिया मैंने ऐसा लंड आज तक नहीं देखा. फिर करीब 1 घंटे के बाद मैंने उसे फिर से घोड़ी बनाकर चोदा और फिर वो सुबह करीब 4 बजे अपने कमरे में चली गयी. फिर दूसरे दिन दोपहर को उसका पति उसे लेने आया और वो दोनों शाम को चले गये. अब मेरा लंड फिर से उदास होने लगा था.

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