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पति को दिलाया एक और माल

हलो दोस्तो मेरा नाम अलिश्बा है, उम्र 36 वर्ष । ये मेरी खुद की कहानी करीब 4 साल पुरानी है जब मेरी शादी को करीब 2 साल हो चुके थे ।
कहानी शुरू करने से पहले मैं थोड़ा अपनी कालेज के बारे में बता दूं, में अपने कॉलेज की सबसे इंटेलिजेंट स्टूडेंट थी, पर दिखने में मैं एक सामान्य लड़की थी या कहिये सामान्य से भी नीचे । मैं जरा भी अटरेक्टिव नही थी । मेरे साथ एक बहुत सुंदर लड़की नसीमा भी थी जो पूरे कॉलेज में नम्बर 1 थी, उसकी खूबसूरती के चर्चें हर एक लड़के के मुंह पर होते थे, वो पढ़ने में मेरे से बहुत पीछे थी पर खूबसूरती के कारण वो हमेशा मेरे से आगे रहती थी । इस कारण मैं उससे अंदर ही अंदर थोड़ा जलती थी ।

हम दोनों की शादी एक महीने के अंतर से हुई थी, उसकी शादी अनवर से मेरी एक सरदारजी राजन से हुई थी क्योंकि में पंजाबी थी और वो मुनसीमान । हम दोनों ही अलग अलग शहरों में प्राइवेट कम्पनी में नोकरी करती थी ।

शादी के करीब 2 साल बाद एक दिन उसका फोन आया कि वो अकेली किसी काम से करीब 5 दिन के लिए मेरे शहर में आने वाली है । मेने उससे अपने ही घर आने को कहा तो वो मान गईं । हम दोनों को अभी बच्चे नही थे ।

मेने बताया था कि में जरा भी अटरेक्टिव नही हूँ लेकिन फिर भी मेरे पति राजन मुझे बहुत चाहते हैं मुझे बहुत प्यार करते हैं । शादी के बाद कोई दिन ऐसा नही गया कि हमने सेक्स नही किया हो और वह भी नई नई स्टाइल से। इस कारण मेरे फिगर भी थोड़े अच्छे हो गए थे । मैं अपने वैवाहिक जीवन से पूरी तरह खुश थी ।

नसीमा शाम 5 बजे आई दिनभर की यात्रा करके आई थी इसलिये थक गई थी । आते से ही मेरे से गले मिली, उसकी जवानी भी शादी के बाद बहुत निखर गई थी । फिर वो फ्रेश होने बाथरूम में गई, फ्रेश होने के बाद तो वो परी लग रही थी सफेद गाउन में उसकी सुंदरता समा नही रही थी ।

राजन आज कही दूसरे शहर गए हुए थे इसलिये देर रात तक आने वाले थे, हम दोनों ने नाश्ता किया और फिर मेरे बेड रूम में आकर बातें करने लगे । यात्रा के कारण नसीमा की कमर में दर्द भी हो रहा था । अभी रात के 8 बजे थे और राजन 12 बजे के पहले नही आने वाले थे। हमने एक दूसरे के हालचाल पूछे, नसीमा ने बताया वह उसके पति अनवर से बहुत खुश है ।

इसी तरह बातों बातों में बात ब्लू फिल्म तक आ गई । नसीमा ने बताया उसने आजतक ब्लू फिल्म देखी नही है बस थोड़ा सुना है, अनवर को ये सब पसंद नही है । मेने कहा मैं ओर राजन तो बहुत ब्लू फिल्म देखे है मेरे पास बहुत सारी सीडी हैं तो नसीमा बोली मुझे दिखा अभी राजन को आने में तीन घंटे बाकी है, सीडी तो एक डेढ़ घंटे की ही होती है तो मेने कहा ठीक है । मेने कहा यार तू बहुत थक गई है चल पहले एक एक पेग ले लेते हैं तो वो मान गई फिर हम दोनों ने एक एक पेग बनाया और ब्लू फिल्म चालू कर दी ।

ब्लू फिल्म में एक लड़का लड़की कार से उतरकर फ्लेट में अंदर आते हैं और एकदूसरे को बांहों में भरकर किस करते है लड़का एक हाथ से लड़की की चुंचिया दबाता है और दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट में डाल कर उंसके नितंब सहलाता है, नसीमा कहती है देख देख वो क्या कर रहा है ? फिर लड़का लड़की की टी-शर्ट उतार कर उंसके बूब्स चूसने लगता है लड़की अपना हाथ उसकी पेंट में डालकर उंसके लंड को सहलाती है, नसीमा घबरा जाती है और जल्दी से अपना पूरा पेग पी जाती है । अब लड़का लड़की की स्कर्ट उतारकर उसकी चूत को सहलाता है, नसीमा बोलती है देख अलिश्बा कितना बेशरम लड़का है । मेने कहा ये सब नार्मल है तू तो ऐसे बोल रही है जैसे तू क्वारी हो तूने ये सब कभी नही किया हो ।

अब लड़की ने भी लड़के की पेंट खींचकर निकाल दी लड़का भी पूरा नंगा हो गया उसको देखकर नसीमा एकदम चीख पड़ी, बोली हाय अल्लाह देख तो सही अलिश्बा इसका कितना बड़ा और मोटा है, मेने पूछा क्या ? तो बोली इसका डंडा, मैं बोली अरे ऐसा तो सब लड़को का होता है और इसको डंडा नही लंड कहते हैं । वो बोली तू तो कैसा गंदा गंदा बोलती है और जैसे मेने अनवर मियां का देखा ही नही है ऐसे बोल रही है । फिर वे लड़के और लड़की 69 की पोजीशन में आ गए और लड़का उसकी चूत ओर लड़की लोलीपोप की तरह लंड चूसने लगे और उसी समय लाइट चली गई ।
नसीमा ये सीन देखकर बहुत घबरा गई और अंधेरे में मेरे से चिपककर बोली, कितनी गंदी पिक्चर है कितना गंदा काम दोनों कर रहे थे ।

मेने उसकी पीठ पर सहलाते हुए उसे शांत करने की कोशिश की, उसने गाउन के अंदर ब्रा ओर पेंटी भी नही पहने थे, मेरे हाथ सहलाते हुए उंसके गदराए हुए नितंबों पर फिसलने लगे, कितने नरम नरम भरे हुए चिकने चिकने नितंब थे मैं सोच रही थी अनवर मियां इसकी गांड रोज मारते होंगे ।

कमरे में पूरा अंधेरा था, नसीमा शांत हुई तो मेने पूछा कि नसीमा तेरी सेक्स लाइफ तो ठीक चल रही है न ? तूने क्या कभी अनवर मियां का लंड नही देखा जो इतना घबरा रही है ।

नसीमा पर पेग का असर हो रहा था अब उसने थोड़ा खुलकर मुझे बताया कि उसने बस आजतक केवल एक बार अनवर मियां का देखा है और वो इस लड़के से आधे जितना होगा बस । इस लड़के का तो कितना मोटा भी था जबकि अनवर का तो इसके सामने कुछ भी नही है । फिर मेने पूछा क्या तूने उसे कभी मुंह मे भी लिया है ? तो वो बोली छी, हम ऐसा गंदा काम नही करते और शायद इसीलिये अनवर मियां ने कभी हमे ऐसी फिल्म नही दिखाई होगी ।
फिर मेने उससे पूछा तुम सेक्स कैसे करते हो ? कितने दिन में करते हो ? कैसे कैसे करते हो ? वगेरह

नसीमा ने मुझे अब सब डिटेल में बताया :

नसीमा ने बताया कि उसके पति वीक में एक या दो बार सेक्स करते हैं । 5 6 मिनट उनका सेक्स चलता है, वो नीचे सोई रहती है उंसके पति अंधेरे में आकर बगेर नंगा किये अपना वो हमारे अंदर डाल कर 15 20 धक्के देकर शांत हो जाते है ।
मेने पूछा बगेर नंगा किये कैसे डाल सकते हैं ? तो उसने बताया हमारे यहां पेंटी नही पहनी जाती है सलवार के अंदर दिनभर चूत नंगी ही रहती है, शादी के बाद मेरी सास ने मुझे एक सलवार दी थी वही में पहनकर रात को सोती हूं । उस सलवार की नीचे की बीच की सिलाई निकली हुई है इसलिये जब भी अनवर मियां की इच्छा होती है अपना पाजामा खोलकर थोड़ा नीचे करके अपना डंडा बाहर निकाल कर हमारे पेर चौड़े कर देते है इससे फ़टी हुई सलवार में से हमारी बाहर निकल आती है फिर उसमे वे अपना डंडा डालकर धक्के लगाकर हमे खुश कर देते है । कभी कभी हमारे दूध भी दबा देते हैं । ये सब अंधेरे में करते हैं इसलिये न हमने कभी उन्हें नंगा देखा न उन्होंने हमें नंगा देखा आजतक ।

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मैं चोंक गई मेने तो सुना था मुनसीमान लोग बहुत सेक्सी होते है, मेने कहा नसीमा तू सच कह रही है ? क्या तू खुश है ? क्या तेरा मन कुछ और करने का नही करता ?

नसीमा बोली यार मन तो बहुत करता है वे मुझे नंगा करें, रोज मेरे साथ करें, मेने एक बार बाथरूम में अपने जेठ का भी देखा था उनका अनवर से बड़ा था, मेरी भी इच्छा होती है इनका भी थोड़ा बड़ा और मोटा हो जाये, इसके लिए में इनको tonic भी खिलाती हूं पर अभी तक तो कोई फायदा नही हुआ है । फिर उसने मेरे से पूछा कि मेरी married लाइफ केसी चल रही है ? मेने बताया कि यार तेरी कहानी तो बहुत अजीब है मेरी तो तेरे से बिल्कुल अपोजिट है । हम लोग तो खूब सेक्स करते हैं कोई शर्म नही करते सब खुलकर बोलते हैं ।

शादी के बाद आजतक एक दिन भी ऐसा नही गया कि हमने चुदाई न की हो, राजन मेरे से बहुत प्यार करते हैं । अगर किसी दिन चुदाई न कर पाए तो अगले दिन डबल चुदाई होना तय है जैसे अभी कल इसको बाहर जाना था इसलिये कल चुदाई नही हो पाई अब आज डबल पक्का है । मेरे राजन का लंड भी काफी लंबा और मोटा है, जब पूरा खड़ा हो तो 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा होता है ।

इसको मेरी चूत चाटना बहुत पसंद है और मैं भी इसके लंड को जी भरकर चूसती हुँ, बहुत मजा आता है जब कोई अपनी चाट रहा हो और उसी समय अपने मुंह मे उसका लोढ़ा हो तो । हम दोनों बेड रूम में हमेशा नंगे ही रहते है, इससे जब इनका मन करता है

ये मेरी चुंचिया चूसते है या चूत चाटते हैं, मैं भी कभी भी इनके लोडे से खेलती रहती हूँ कभी भी मन करता है तो चूस लेती हुँ । नसीमा आश्चर्य से मेरी बातें सुन रही थी और अपनी चूत सहला रही थी । तभी लाइट आ गई, मेने कहा चल वापस ब्लू फिल्म चालू करते हैं तो नसीमा बोली नही कर , तू बस मुझे बता तू ओर राजन ओर क्या क्या करते हो ?
मेने कहा कुछ खास नही बस तीनो छेदों के मजे लेती हूं जी भरकर । नसीमा बोली छेद तो एक ही होता है तो तीनों की किसकी बात कर रही है तो मेने बताया यार तू बिल्कुल भोली है हर औरत में तीन छेद होते है चुदने के लिए, चूत, मुंह ओर गांड । नसीमा बोली लेकिन अनवर तो केवल आगे की ही लेते हैं, ओर मुंह मे इतना गंदा ?

बाप रे, ओर पीछे भी कोई डाल सकता है क्या ? मेने कहा नसीमा तूने अभी जवानी के मजे नही लिए है इसलिये तुझे नही पता, आगे से जो मजा आता है वो तो कुछ भी नही है एक बार अगर तू गांड मरवा लेगी तो कभी देखना चूत नही मरवायेगी । ओर लंड चूसने में जो मजा आता है तू कल्पना भी नही कर सकती ।

मैं तो हर रोज पूरे दिन में कम से कम तीन बार इसका लंड चूसती ही हूं, हर दिन गांड मारकर ही इसको चेन मिलता है और मैं भी रोज गांड मरवाये बगेर सो नही सकती । हम लोग करीब 11 बजे बेड पर आ जाते है फिर करीब आधा घंटा चूसना चाटना चलता है फिर ये मेरे ऊपर चढ़कर चोदना शुरू करते है मेरे घुटनो से मेरे ब्रेस्ट दबाकर दे दनादन करीब 10 मिनट तक इस पोजीशन में मेरी चुदाई होती है लेकिन मुझे इस तरह चुदने में उतना मजा नही आता जितना इसको चोदने में आता है । नसीमा बोली तू राजन को कैसे वो सब कर सकती है तेरे पास डंडा कहाँ है ? मेने बताया भले मेरे पास लंड नही है

पर मैं उसको नीचे सुलाकर उंसके ऊपर आकर लंड को चूत में लेकर ऊपर से उसकी चुदाई करती हूं इसमें ऐसा लगता है कि जैसे अपन चोद रहे हो, कब तेजी से चोदना कब धीरे धीरे धक्के लगाना अपने हाथ मे होता है, पुरूष ऊपर होता है तब अपने को तरसना पड़ता है तेज धक्कों के लिए, लेकिन अगर अपन चोदो तो मरजी हो वैसे धक्कों से चुदाई कर सकते है, करीब आधा घंटा मेंरे उसको इस तरह चोदने के बाद वो मुझे गधी बनाकर मुझे गधे की तरह 10 मिनट चोदता है, इस पोजीशन में दो फायदे होते है एक तो अपनी चूत के अंदर एक G point होता है लंड उसको सीधा ठोकर मारता है तो स्वर्गीय आनंद आता है और दूसरा लम्बा लंड हो तो सीधा चूत से होता हुआ छाती तक घुसता हुआ महसूस होता है इस पोजीशन में अपने नितंबों को जोर जोर से झापट मारते हुए लंड को पूरा बाहर निकालकर एक साथ पूरे जोश के साथ पेलने से दोनों को ही चुदाई का असली मजा मिलता है । इस तरह करीब एक घंटे की चुदाई के हम भरपूर मजे लेते है । फिर करीब 15 मिनट आराम के बाद राजन दो पेग बनाकर लाता है हमदोनो एक दूसरे को खूब किस करते हुए पेग पिलाते है फिर 2nd round की शुरुआत होती है ।

अब हम 69 पोजीशन में कुछ इस तरह आते है कि ये आराम से मेरी गांड चाट सकें और में इनके लंड की सांडे के तेल से मालिश कर सकूं । फिर ये डेटॉल से मेरी गांड साफ करके अपनी लपलपाती जीभ से मेरी गांड चाटते हैं और में इनका लंड चूसकर सांडे के तेल की मालिश करके कड़क कर देती हुँ ।

नसीमा ने पूछा ये सांडे का तेल क्या होता है मेने कहा ये सांड का तेल होता है इसके लगाने से इनका लंड सांड जैसा मोटा ओर कड़क हो जाता है इसके बाद ये मेरी गांड में अपने सांड जैसे लंड को पेलते है और मेरी गाय की तरह चुदाई करते हैं । करीब आधा घंटा मेरी गांड मारने के बाद ये लंड को मेरी गांड में ही रखकर सो जाते हैं, फिर धीरे धीरे आधे घंटे में लंड ढीला होकर मेरी गांड से निकल जाता है हम पूरी रात ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में नंगे ही पड़े रहते हैं ।

अब नसीमा की चूत रस से पूरी तरह तरबतर हो चुकी होती है वो बोलती है यार अलिश्बा तू कितनी किस्मत वाली है, मैं तो जब कुंवारी थी तब ये सब सोचा करती थी लेकिन शादी के बाद पता चला कि ये इतना बड़ा और मोटा नही होता । लेकिन मैं मन ही मन सोचती जरूर हूं कि काश मुझे कोई खूब देर तक वो सब करे, मुझे सब कुछ करने के बाद भी अधूरा पन लगता है, मुझे आज पता चला कि ये सब वास्तव में भी होता है । मेने कहा देख नसीमा यहां हम दोनों अकेले है सब कुछ खुलकर बोल तुझे भी मजा आएगा पहले मुझे भी ये सब पता नही था और अच्छा भी नही लगता था लेकिन राजन ने मुझे सब सीखा दिया अब हम जवानी का पूरे मजे लेते हैं ।

तू ही देख मेरे नितम्ब शादी के पहले कैसे पिचके हुए थे और तेरे कैसे गदराए हुए थे और आज देख इन्होंने गांड मार मारकर कैसे फुला दिए है और तेरे नितम्ब कैसे मुरझाने लगे हैं, मैं तो सोचती थी अनवर मियां तेरी गांड के दीवाने होंगे पर तेरी गांड का तो अभी तक उदघाटन भी नही हुआ । अगर तू भी गांड मरवाती तो तेरे नितम्ब में ओर कितना निखार आ गया होता ?

नसीमा बोली हा यार कभी कभी मेरा भी मन उनका चूसने को करता है पर क्या कर सकती हूं ? मेने कहा क्या चूसने का मन करता है तो बोली हट मुझे तो शर्म आती है मेने कहा मत शर्मा, यहां मेरे सिवाय कोई नही सुनने वाला । तो वो धीरे से बोली अनवर का लंड चूसने का मन करता है । हा ऐसे ही बोल बस शरमा मत, ये बता तेरा कभी चूत चटवाने का मन नही करता ? नसीमा बोली हट, ऐसी कोनसी लड़की होगी जिसका चूत चटवाने का मन नही करता हो, लेकिन कोई चाटने वाला हो तब न ।

मैं बोली हा यार नसीमा, मैं तो तेरी कहानी सुनकर बहुत दुखी हूं , तू अनवर को क्यो नही कहती ? अरे यार में नही कुछ बोल सकती हमारे यहां औरतों को बुरखे में रहना पड़ता है, पति जो करे उसी में संतोष करना पड़ता है, फिर तो तेरी जवानी ऐसे ही निकल जायेगी यार, तू कहे तो में अनवर से बात करूँ ? नसीमा : अरे नही वे मुझे जिंदा जला देंगे ।

मैं : तो अगर तू तैयार हो तो राजन से बात करती हूं कम से कम एक बार तो जवानी के पूरे मजे ले ले किसी को पता नही चलेगा ।
नसीमा : नही यार मुझसे ये सब नही होगा, मुझे शर्म भी आती है और राजन भी क्या सोचेगा मेरे बारे में ? मेरी तो किस्मत में अनवर ही लिखा है । उसी का छोटे सा लंड मेरी चूत की किस्मत में लिखा है, हा बस एक इच्छा है अगर तू बुरा न माने ओर कर सके तो अपने राजन के लंड के एक बार दर्शन करवा दे बस, मैं उसी की यादों के सहारे अपनी जिंदगी निकाल लुंगी, इतना बड़ा और शानदार लंड देखकर मेरी किस्मत खुल जाएगी ।

मैं : हा वो तो मैं आसानी से दिखवा सकती हूं जब आज रात को मेरी चुदाई हो रही हो तब तू छुपकर देख लेना उस समय पूरा कड़क ओर लम्बा तू देख सकती है ।
नसीमा : धत मैं तुझे चुदवाते हुए कैसे देख सकती हूं तू तो मेरी बहन जैसी है और फिर अंधेरे में साफ साफ दिख भी नही सकता ।
मैं : चल कोई और तरीका सोचते हैं जिससे तू उनके फ़ंनफ़नाते हुए लंड के दीदार कर सके ।

नसीमा : चल तू तब तक सोच में थोड़ा आराम कर लेती हूं मेरी कमर में दर्द हो रहा है ।
मैं : ला में आयोडेक्स लगा देती हूं और आयोडेक्स की डिब्बी निकाल लाई, नसीमा पेट के बल लेट गई मेने कहा अब गाउन के ऊपर से आयोडेक्स कैसे लगाऊँ ? तो उसने गाउन खींचकर कमर से ऊपर कर दिया उसने अंदर कुछ नही पहना था वो एक दम नंगी मेरे सामने पड़ी थी क्या नजारा था गोरी गोरी लम्बी चिकनी टांगे, गुन्दाज फुले फुले नितम्ब, दोनों नितम्बो की खाई में दबी हुई गांड, नीचे से झांकती हुई गदराई चूत, रेशमी झांट जो आजतक एक बार भी काटी नही गई थी, मेरा मन कर रहा था काश आज मेरे पास लंड होता तो इसकी गांड में जरूर पेलती ।

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फिर मेने उसकी कमर पर एक हाथ से आयोडेक्स लगाने लगी और दूसरे हाथ से उंसके नितम्ब दबा दबाकर उसकी गांड के पास उंगली फेरने लगी । नसीमा को बहुत अच्छा लग रहा था उसकी चूत से रस बहता हुआ साफ दिख रहा था । तभी मेरे दिमाग मे एक आईडिया आया, मैं बोली नसीमा ऐसा करते है कल तू कहना मेरी कमर में बहुत दर्द हो रहा है, राजन मालिश का स्पेसिलिस्ट है पहले मेरी कमर की भी वही मालिश करता था फिर जमकर गांड मारता था इस कारण अब मुझे कभी कमर दर्द नही होता, फिर में राजन को तेरी कमर की मालिश के लिए मना लुंगी । तेरी मालिश करते वक्त उसका लंड पक्का खड़ा होगा तब तू उसको देख लेना ।

नसीमा : नही उंसके सामने अपनी कमर नंगी करने में मुझे तो शरम आएगी और मैं उससे गांड नही मरवा सकती ।
मैं : अरे गांड थोड़े ही कोई मरवाना है तुझे । तुझे बस अपनी कमर और कूल्हों की उससे मालिश करवाना है उसका इससे जरूर खड़ा हो जाएगा । और तुझे शरम न आये इसके लिये उसकी आँखों पर मैं पट्टी बांध दूंगी तो वो तेरी नंगी कमर को देख नही पायेगा बस मालिश करेगा । फिर जब उसका लंड फंफनाने लगेगा तब उसके लोवर में से मैं निकाल कर चूसने लगूंगी फिर तू आराम से उंसके दर्शन कर लेना और उसे पता भी नही चलेगा कि तूने उसका लंड देखा है ।

नसीमा को ये आईडिया पसंद आया । अब करीब 12 बजने वाले थे मेने नसीमा को बोला अब तू सो जा राजन आने वाला है मैं अपने रुम में जाती हूँ आज डबल चुदाई होनी है कम से कम तीन तो बज ही जायेंगे । थोड़ी देर में राजन भी आ गया, उसको मेने नसीमा आई बताकर उससे मिलवाया, नसीमा सफेद गाउन में परी लग रही थी राजन उससे मिलकर बहुत खुश हुआ जो उसकी पेंट का उभार बता रहा था, उंसके बड़े बड़े गोल गोल बूब्स, मटकती गांड राजन पर कहर ढहा रहे थे । थोड़ी देर में मेने नसीमा को सोने के लिये उंसके कमरे में भेज दिया और मैं ओर राजन अपने कमरे में आ गए । कमरे में आते ही राजन भूखे शेर की तरह मुझ पर टूट पड़ा और मेरी जमकर चुदाई की, बीच बीच मे वो नसीमा की गांड की भी तारीफ कर रहा था और मेरे से रिक्वेस्ट कर रहा था कि कैसे भी एक बार नसीमा की नंगी गांड के उसे दर्शन करवा दूँ । मेने उसे कल के प्लानिंग के बारे में बताया कि उसे नसीमा की कमर की मालिश करना है उस समय वो उसकी गांड को भी सहला सकता है लेकिन ये बात नसीमा को पता नही चलना चाहिये कि ये मेरी सोची समझी चाल है, में राजन की आंखों पर पट्टी बांध दूंगी वगेरह । फिर हम सो गए ।

सुबह करीब 8 बजे हम सो कर उठे 11 बजे राजन को ऑफिस जाना था, मेने ऑफिस से छुट्टी ले रखी थी । राजन बाथरूम में था तभी नसीमा मेरे पास आई और बोली अलिश्बा मालिश वाली बात याद है न, मेने कहा हा याद है शाम को कुछ करती हूं अभी तो मेरी हालत तेरे कारण खराब हो रही है । उसने कहा मेने क्या किया ? मेने बताया अरे कल रात को तुझे देखकर तू नही जानती इनके लंड ने मेरी क्या हालत की है, पूरी रात चुदते चुदते निकली मेरी । नसीमा बोली यार अलिश्बा मालिश अभी आफिस जाने के पहले नही हो सकती क्या ? मेरे से रहा नही जा रहा है मैं रात भर सो नही सकी, इतने मोटे लंड के ख्यालों ने ओर दूसरी तरफ तेरे कमरे से आ रही चुदाई की आवाजों ने मेरी नींद हराम कर दी है । मेने कहा ठीक है तू जाकर कमरे में लेट जा ओर कमर दुखने का नाटक कर में राजन को समझाती हूं लेकिन ये गाउन निकाल कर लेगिंग या सलवार पहन लेना । नसीमा बोली मेरे पास लेगिंग नही है सलवार पहन लेती हूं । और वो अपने कमरे में चली गई ।

इधर राजन बाथरूम से निकले तो मैने बताया कि ऑफिस जाने के पहले नसीमा की कमर की मालिश करके जाना बेचारी की बहुत दुख रही है, नसीमा ये सुन रही थी । राजन ने कहा अरे मैं कैसे कर सकता हूँ, वो क्या सोचेगी, तुम ही कर देना । हम ये सब नसीमा को सुनाकर बोल रहे थे ताकि उसे शक न हो । मेने कहा अरे मुझे इतनी अच्छी करना नही आती है जैसे तुम करते हो । तुम मेरी भी कितनी बढ़िया करते थे, समझ लो आज वापस मेरी ही करना है । हम दोनों द्विअर्थी भाषा बोल रहे थे, फिर राजन बोला ठीक है लेकिन ऊपर ऊपर से ही करूंगा जल्दी करवा लेना । मेने कहा ठीक है तैयार होकर नसीमा के रूम में जल्दी आ जाओ में तेल निकाल कर रखती हूं ।

थोड़ी देर में राजन नसीमा के रुम में आया नसीमा ने सलवार पहन कर चादर ओढ़ ली थी । मेने कहा देखो जी नसीमा को शरम आ रही है वो आपके सामने कमर को नंगी करने के लिए सलवार खोलने से डर रही है इसलिये में ऐसा करती हूं नसीमा को चादर उड़ा देती हूं तुम केवल चादर में हाथ डालकर उसकी कमर की मालिश कर देना और तुम्हारी आंख पर पट्टी बांध देती हूं ताकि तुम उस बेचारी की नंगी न देख सको । ऐसा कहकर मेने नसीमा को पूरी उड़ा दी और एक काली पट्टी राजन की आंखों पर बांध दी ।

फिर नसीमा को बोला यार अपनी सलवार को अब खोल दो बाहर से कुछ नही दिख रहा है, नसीमा तो तैयार ही थी उसने तुरंत अपनी सलवार खोलकर थोड़ी नीचे खिसका दी जिससे उंसके नितम्ब आधे नंगे हो गए चादर के अंदर । मेने चादर के अंदर हाथ डालकर उसकी कमर और नितंबों पर हाथ फिराकर देखा, उसकी सलवार गांड के छेद के थोड़ा ही ऊपर थी, मेने कहा वेल डन नसीमा अब आराम से मालिश करवा लें शर्माना मत राजन कुछ नही देख सकता है और थोड़ा तेल उसकी कमर और नितंबों पर लगाकर राजन का हाथ पकड़कर चादर के अंदर उसकी कमर पर रख कर बोली लो जी आपकी साली को अपनी सेवा दो आपकी साली आपकी सेवा के लिए तरस रही है ।

राजन ने उसकी कमर की मालिश शुरू कर दी और नितंबों तक मालिश करने लगा नसीमा के शरीर मे आग लगने लगी उससे रहा नही जा रहा था उसे राजन के लंड के दर्शन जो करने थे तो उसने अपना चेहरा चादर से बाहर निकाल कर राजन के लोवर को देखने लगी उसमे अब तक टेंट बन चुका था नसीमा की आंखे फ़टी रह गई, उसने मेरे को इशारे से राजन के लंड को बाहर निकालने की request की, पर मेने कहा नसीमा अपनी कमर थोड़ी टाइट करो उसने कहा में कैसे करूं ? तो राजन ने बताया कि अपने पैरों को घुटने से मोड़कर छाती से लगा लीजिये, नसीमा ने वैसा ही किया इस कारण उसकी सलवार ओर खिसककर घुटनों तक नीचे चली गई अब वो चादर के अंदर अपने नितम्बो को ऊपर उठाकर लेटी थी, मेने अंदर हाथ डालकर देखा तो उसकी चिकनी जांघे, नितम्ब, चूत ओर गांड एकदम नंगे थे, मेने नितंबों पर हाथ फेरते हुए अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी वो चिहुँक उठी और बोली अलिश्बा ये क्या करती है, मेने कहा देख रही हूं टाइट है या नही ।

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इधर राजन का लंड फंफनाकर लोवर फाड़ने को उतावला हो रहा था मेने धीरे से उसे ऊपर से सहला दिया, राजन ने बोला अलिश्बा ये क्या कर रही हो, नसीमा देख लेगी लेकिन नसीमा तो कब से उस नाग को देख रही थी जो कि कहानी के मुताबिक राजन को पता नही था । मेने कहा कुछ नही राजन पंप चेक कर रही थी । फिर मेने राजन के लोवर को साइड में से ऊंचा करके उसका लंड बाहर निकाल कर चूसने लगी उधर राजन अपने एक हाथ से नसीमा की कमर की मालिश ओर दूसरे हाथ से उंसके नितंबों को दबा रहा था ओर एक उंगली नसीमा की गांड़ में घुसा दी। उंगली गांड़ में घुसते ही नसीमा की चीख निकल गई राजन ने पूछा क्या हुआ तो बोली कुछ नही बहुत अच्छा लग रहा है अब राजन अपने हाथ को घुमाते हुए कभी नसीमा की गांड़ में उंगली घुसा देता तो कभी उसकी मखमली चूत को मुट्ठी में भर लेता ओर धीरे से उंगली उसकी चूत में घुसा देता । इधर मेने लंड को चूसना छोड़कर नसीमा को राजन का लंड सहलाने का इशारा कर दिया, नसीमा ने तुरंत उसका लंड पकड़कर सहलाने लगी । राजन नसीमा की चूत में पूरी उंगली घुसा रहा था नसीमा प्यार से लंड सहला रही थी और उचक उचक कर मजे ले रही थी, मैं भी ये सब देख रही थी पर अनजान बनी हुई थी ।

अब राजन ने पूछा नसीमाजी आपने पहले भी कभी कमर की मालिश करवाई थी या आज पहली बार करवा रही हैं । नसीमा बोली आज पहली बार करवा रही हूं और बहुत अच्छा लग रहा है । तो राजन ने कहा अलिश्बा नसीमाजी कि आज पहली बार मालिश हो रही है तो इनकी पूरी मालिश करनी चाहिये, मैं ऑफिस थोड़ी देर से चला जाऊंगा अगर नसीमाजी कहें तो आगे से भी मालिश कर देता हूँ ।नसीमा बोली जीजू आप कितने अच्छे हैं please आज पहली बार है आप मेरी पूरी मालिश कर दीजिये न । राजन ने फिर मेरे से पूछा क्यों अलिश्बा कर दूं क्या ? मेने कहा जब नसीमा चाहती है तो कर क्यों नही देते लेकिन मुझे नहाना बाकी है तुम मालिश करो मैं नहा लू तब तक लेकिन कोई गड़बड़ नही करना मेरी बहन के साथ । ओर में राजन के लंड को वैसा ही नंगा लटकता छोड़कर कमरे से बाहर निकल गई ।

अब कमरे में राजन ओर नसीमा दोनों अकेले थे और ऐसा show कर रहे थे कि उन्हें कहानी का कुछ पता नही है । राजन ने नसीमा को कहा अब नसीमाजी पलटकर लेट जाइए । नसीमा पीठ के बल लेट गई पर अपनी सलवार जो घुटनों तक नीचे थी उसको ऊपर नही किया और उल्टा ये समझकर कि राजन की आंखों पर तो पट्टी बंधी हुई है ये कहकर की गर्मी बहुत है चादर एक तरफ हटा दिया और एकदम नंग घडंग नंगी चूत को राजन को भेंट दे दी । इधर राजन भी कम खिलाड़ी नही था उसने पट्टी को कुछ इस तरह आंखों पर adjust कर लिया था कि वो सब कुछ देख सकता था, नसीमा की नंगी जवानी उसके लंड को चैलेंज कर रही थी । नसीमा ने आंखे बंद कर रखी थी लेकिन अधखुली आंखों से सब देख रही थी ।

राजन ने उसके पेट के ऊपर नाभि के इर्दगिर्द मालिश करना शुरू कर दिया धीरे धीरे ववो अपना हाथ नीचे ला रहा था अब उसके हाथ नसीमा की झांटो को टच करने लगे थे, में ये सब चुपचाप एक खिड़की मेसे देख रही थी । नसीमा बार बार मस्ती से अपनी गांड़ उछाल रही थी । राजन बोले नसीमाजी मालिश ठीक से नही हो पा रही है मुझे दोनों हाथों से नीचे से ऊपर की ओर मालिश करना होगी अगर आप कहें तो आपके पैरों के बीच बैठकर मालिश कर दूं क्या ? नसीमा बोली अरे जीजू इसमें मुझे क्या problem आपको जैसे ठीक लगे लेकिन मेरी बढ़िया मालिश कर दीजिए मैं जिंदगी भर ये मालिश नही भूल पाऊंगी मुझे इतना मजा आ रहा है ।

राजन बोले ठीक है आप अपनी सलवार पूरी निकाल दीजिये मुझे कुछ दिख तो रहा नही है फिर अपने पैर चौड़े कर दीजिये ताकि में वहां बैठ सकूं । नसीमा ने बोला ठीक है और अपनी सलवार निकाल कर साइड में रख दी इधर राजन ने भी अपना लोवर निकाल दिया और नसीमा के पैरों के बीच मे पलाती मार कर बैठ गया उसका लंड उसकी छाती को छू रहा था उसने नसीमा के पैरों को अपनी कमर के दोनों ओर set करके थोड़ा आगे खिसक कर नसीमा को गांड़ से ऊंचा उठाकर इस तरह set किया कि उसकी चूत राजन के लंड से नीचे की ओर लंड के गोलों से टकराने लगी लंड चूत का स्पर्श पाकर फुंफकारने लगा । अब राजन ने दोनों हाथों में तेल लेकर उसकी जांघो से लेकर चूत के चारो ओर फैलाते हुए नाभि तक चिकना कर दिया और खूब दबा दबाकर मालिश करने लगा । कभी झांटो में हाथ फेरता कभी चूत के होठों को खींचकर दबा देता । उसने नसीमा को कहा नसीमाजी अगर कहीं तकलीफ हो तो बता दीजियेगा ।

नसीमा बोली जीजू आप इतनी अच्छी सेवा कर रहे है तकलीफ केसी हमे तो मजा आ रहा है हम धन्य हो गए । अब राजन ने अपनी उंगलियों से चूत के होंठ फैलाकर चुपचाप चूत का मुआयना किया चूत रस से भर गई थी और छलकने लगी थी तो उसने अपनी उंगली अंदर उतार दी और बोला अरे नसीमाजी ये क्या आपका अमृतरस तो बह कर waste हो रहा है अगर आप इजाजत दें तो हम इसको टेस्ट कर लें । नसीमा बोली अरे जीजू आप हमारे लिए इतना कर रहे हैं क्या हम आपको मना कर सकते हैं ये रस आपके कारण ही निकल रहा है आपको जो करना हो करीये हमे कोई problem नही है हमे तो खुशी होगी कि हमने आपको सेवा के बदले में कुछ तो दिया, वैसे भी आपको कुछ दिख तो रहा नही है इसलिये हमे कोई problem नही है लेकिन बस एक request है जो करना है अलिश्बा के आने पहले कर लीजिये शायद उसे पसंद न आये और हा हमारे ब्रेस्ट में भी पता नही क्या हो रहा है हो सके तो अमृत चखते वक्त इनकी भी मालिश कर दीजियेगा अगर आपको problem न हो तो ।

राजन बोला इसमें problem केसी ? आप कितनी समझदार है brest दबाने से अमृतरस की धार आपकी चूत से निकल पड़ेगी हमतो इसको पी कर धन्य होजाएंगे । अब नसीमा ने अपनी कमीज ऊपर करके ब्रेस्ट बाहर छलका दिए इधर राजन ने अपने धुंटने नसीमा की गांड़ के नीचे ऊंचे करके उसकी चूत को ऊंची करके अपने होठों के पास लेकर लपलपाती जीभ नसीमा की चूत में घुसा दी और नसीमा ने राजन के हाथ पकड़कर अपने ब्रेस्ट पर रख दिये । राजन अब जोर जोर से नसीमा के ब्रेस्ट दबा रहा था या यों कहिये नीचो रहा था उघर नसीमा की चुत से रस का फव्वारा छूट रहा था राजन का मुंह नसीमा की चूत से ऐसे चिपक गया जैसे फेविकोल से चिपका दिया हो । 10 मिनट तक ऐसे ही चूस चूसकर उसने नसीमा की चूत को बिल्कुल खाली कर दिया इस बीच नसीमा की चूत दो बार झड़ चुकी थी ।

अब जैसे ही राजन ने चूत की ढीला छोड़ा तुरंत नसीमा ने अपनी गांड़ को इस तरह ऊपर से नीचे हिलाना शुरु किया की उसकी चूत की फांके राजन के लंड के ऊपर घिसने लगी जो राजन की छाती से चिपका हुआ था । राजन साफ देख रहा था कि कैसे नसीमा की कमसिन चूत उंसके लंड पर नाच रही थी । राजन ने अपना एक हाथ ब्रेस्ट से हटाकर नसीमा की चूत के clitorious को दबाकर खिंचने लगा । नसीमा चिल्लाने लगी ओह जीजू मार डाला, ओर तेज please. अब मेने सोचा आज बस इतना ही, मेने तुरंत पूछा नसीमा क्या हुआ, क्या किया तेरे जीजू ने ? नसीमा बोली कुछ नही अलिश्बा वो तो कॉकरोच आ गया था इसलिये में घबरा गई थी।तू आराम से नहा ले मेरी चिंता नही कर, जीजू है न । मेने कहा हा में नहा ली हुँ बस दो मिनट में आई फिर तू नहा लेना, में मंदिर हो आऊंगी ।

राजन बोले नसीमाजी मालिश पूरी होती है आशा है आपको पसंद आई होगी अब pack करते है ऑफिस भी जाना है और एकबार फिर से नसीमा के ब्रेस्ट जोर से दबा दिए इससे एक बार वापस चूत से रस टपकने लगा राजन ने तुरंत चाट कर नसीमा की चूत को साफ कर दिया। राजन बोला नसीमाजी आज आपने अमृत पिला कर मुझे धन्य कर दिया, अब आप बदले में जब जो चाहें मांग सकती हैं । अनवर मियां खुशनसीब हैं जो रोज अमृत पीते होंगे । नसीमा बोली अरे जीजू सबको हर चीज अपने नसीब से मिलती है, शायद अनवर मियां के नसीब में ये अमृत नही लिखा है । में बहुत खुश हूं कि मेरे जीजू को अमृत अच्छा लगा । राजन को तो सब कहानी पता ही थी इसलिये उसने कुछ नही बोला ।नसीमा ने भी अपनी कमीज नीचे की ओर सलवार वापस पहन ली और इतना थक गई थी कि थोड़ी देर लेटी रही ।

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मैं तैयार होकर मंदिर जाने के लिए निकल गई बोल गईं की नसीमा तू नहा लेना में आधे घंटे में आती हूं ।
राजन को मेने बोल दिया मजे करना जब पूरा हो जाये तो मुझे मिसकाल कर देना मैं उसके बाद ही आऊंगी ।

राजन फिर से नसीमा के कमरे में गए और बोले नसीमाजी आपको थकान लग रही हो तो आपको बाथरूम तक छोड़ देता हूँ, नसीमा बोली जीजू thank you please आप मुझे बाथरूम तक ले चलिये । राजन नसीमा के पास आये और एक हाथ नसीमा के कंधे के नीचे दूसरा गांड़ जे नीचे लगाकर उसे गोद मे उठाकर बाथरूम में ले जाकर बैठा दिया । राजन बाहर निकलने के लिये मुड़ा ही था कि नसीमा ने बोला जीजू अगर आपके पास टाइम हो तो please मेरी कमर और नीचे साबुन लगाकर साफ कर दीजिए वहां बहुत तेल लगा है में साफ नही कर पाऊंगी ।
फिर वह बोली ओह sorry जीजू में आपके सामने सलवार कैसे खोल सकती हूं मुझे तो शरम आती है तो राजन बोला आपने अभी मालिश करवाते वक्त भी तो सलवार उतारी थी तब नही आई शरम तो अब क्यों ?

नसीमा : जीजू उस समय आपकी आंखों पर पट्टी बंधी थी आपने कुछ देखा थोड़े ही ।
राजन : हा ये बात तो सही है । चलिये नसीमाजी ऐसा कीजिये केवल कमीज उतार दीजिये ब्रा तो आपने पहनी ही है, सलवार मत उतारिये केवल ढीली कर दीजिये अंदर हाथ डालकर साफ कर दूंगा ।
नसीमा : हा जीजू ये सही रहेगा लीजिये में कमीज उतार देती हूं आप पीठ साफ कर दीजिये फिर नीचे कर दीजियेगा ।
राजन : ठीक है मैं भी कपड़े change कर लेता हूँ लुंगी पहन लेता हूँ ।

ओर राजन बाहर जाकर अपने कपड़े उतार कर केवल लुंगी लपेटकर अंदर आ गया । उधर नसीमा ने कमीज उतार कर दूसरी तरफ मुंह करके बैठ गई । राजन ने नसीमा की पीठ पर पानी डाला और साबुन लगा दी बीच मे ब्रकि पट्टी आ रही थी तो राजन ने उसको खोल दिया और नसीमा को बोला नसीमाजी पकड़कर रखियेगा, खजाना छलक न जाये कहीं । और दोनों हाथों से नसीमा की चिकनी पीठ को सलवार के ऊपर रगड़ने लगा । पीठ पर पानी डालने से पानी से सलवार गीली होकर नसीमा के चूतड़ों पर चिपक गई थी सलवार सफेद रंग की पतली सी थी तो ऐसा लग रहा था कि मानो सलवार पहनी ही न हो ।

नसीमा बोली जीजू जल्दी कीजिये अभी नीचे बाकी है अलिश्बा आती ही होगी । राजन ने जल्दी से पानी डालकर पीठ धो दी और बोला अपनी सलवार ढीली कीजिये नसीमाजी मैं अब अंदर साफ कर देता हूँ । नसीमा ने सलवार का नाडा खोल दिया राजन ने सलवार में हाथ डालकर कूल्हों पर साबुन लगाया लेकिन नसीमा बैठी होने के कारण आधे कूल्हों तक ही उसके हाथ जा रहे थे राजन बोला नसीमाजी आगे झुक जाइये ताकि में नीचे तक साफ कर सकूं । नसीमा ने तुरंत अपनी गांड़ ऊंची करी ओर आगे की ओर झुक गई । राजन थोड़ा और नीचे हाथ ले गया अब उसकी सलवार भी खिसक कर नीचे गांड़ तक आ गई थी । सलवार पूरी बदन से चिपकी हुई थी और उसका गांड़ का छेद बिल्कुल साफ साफ राजन को नजर आ रहा था उसका लंड लुंगी से बाहर आकर गांड़ में घुसने को बेताब हो रहा था । राजन ने फिर कहा नसीमाजी अभी भी ठीक से साबुन लग नही पा रहा है आप खड़ी होकर आगे झुक जाइये । नसीमा ने वैसा ही किया वो एक हाथ से ब्रा पकड़े हुए दूसरे हाथ से नल पकड़ कर झुक कर खड़ी हो गई ।

अब राजन ने उसकी सलवार में पूरा हाथ घुसा दिया इससे नसीमा की सलवार ओर नीचे हो गई, नसीमा चोंक कर बोली हाय दय्या आपने तो जीजू हमे पूरा नंगा कर दिया हमारा सब कुछ देख लिया । राजन बोला अरे नही नसीमाजी हमने कुछ नही देखा वो तो आपकी सलवार इतनी पतली ओर सफेद है कि लगता ही नही है आपने कुछ पहन रखा है और हमे साबुन लगाने में भी तकलीफ हो रही है । हमने तो कुछ नही देखा पर हमारे चूहे ने लुंगी मेसे अपना बिल देख लिया लगता है इसलिये उछलकूद कर रहा है ।नसीमा बोली अरे जीजू अपने चूहे से कहिये ये बिल बहुत छोटा है उंसके लिए, उसके लिए अलिश्बा का बिल ही सही है । राजन ने कहा लेकिन हम कैसे मान लें कि ये बिल छोटा है ओर तुमने भी तो चूहा नही देखा है ।

नसीमा बोली बिल तो आपके सामने ही है खुद देख लीजिये । राजन बोला हा नसीमाजी बिल तो हमे गीली सलवार में बाहर से दिख रहा है वहाँ जंगल भी बहुत है इसलिये बगेर सलवार उतारे नाप नही सकते कि हमारे चूहे के लायक है या नही ? नसीमा बोली तो जीजू कोन रोक रहा है सलवार उतार कर जल्दी नाप लीजिये फिर अलिश्बा आ जायेगी तो चूहे को तड़पते रहना पड़ेगा । राजन बोला और नसीमाजी आप चूहे को नही देखना चाहेंगी कि अनवर मियां जैसा ही है या छोटा चूहा है ये । नसीमा बोली जीजू लगी शर्त ये चूहा अनवर मिया के चूहे से बड़ा ही होगा । राजन बोला चलो देखते हैं बिल देखकर ही पता चल जाएगा किसका चूहा बड़ा है और नसीमा की सलवार नीचे खींचकर घुटनो तक कर दी ।

अब राजन की आंखों के सामने रस भरी गोरी गोरी पाव रोटी की तरह फूली हुई नसीमा की नंगी चूत थी । राजन बोला नसीमाजी बिल का दरवाजा टाइट बंध है कभी अनवर मियां का चूहा घुसा था या नही । नसीमा बोली अरे जीजू आप ही खोलकर देख लीजिए इसमें अभी तक कोई चूहा नही घुसा है बस चूहे का एक बच्चा कभी कभी थोड़ा सा घुस जाता है ।हमारे इस बिल को कबसे बड़े चूहे का इंतजार है लेकिन लगता है इस बिल की किस्मत में कोई बड़ा चूहा ही नही है, शायद हमारे बिल में ही कोई खराबी हो ? राजन बोला अरे नही नसीमाजी आपका बिल तो 5 star होटल से कम नही है हम तो तरसते हैं

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