मजेदार रियल और रेगुलर शेरो शायरी

दादा-नाना, दादा-नाना परम खिलाड़ी
नातिन-पोती, नातिन-पोती करते सवारी
गुड्डी-मुन्नी, बब्ली-बिब्बो, लल्ली-लल्लो-लोली
चुलबुली गुलगुली लोलिता की टोली
लगड़-पकड़, गोद मार दादा ने ले ली
पकड़-फकड़ स्कर्ट उठा नाना ने ले ली
चख- मुख चख -मुख कच्ची शराब
लाड़ वे लड़ाये मिल –लब्बो लबाब
च चा चि ची चु चू चूंची कर ऊंची दाब
म मा मी मी मु मू मम्मे -मम्मे शबाब
स्कर्ट-टॉप्स, जीन्स-शर्ट, घेर सलवार
हाथ-हाथ हंसा-फंसा माल मज़ेदार
कुचकुची -मुचमुची सचमुची यार
टंग-टंग टांग और डंग-डंग डांग
टांग अड़ी टांग, अहा जांघ लड़ी जांघ
गिर पड़ी पर मचल-उछल चढ़ -कूदफांद
खुल गई खुल गई धोती की लाँग
दादा ने , नाना ने पछाड़ी कुश्ती
बार-बार चटका मस्ती हुई धींगामस्ती
छोरी की कमर-अमर षोड़शी सलवार
नाड़ा टटोला फिर मारा पलट वार
धौल धप्पा धौल धप्पा चूतड़ तैयार
गुंडी-घुंडी टुंडी –सूँडी नाभि ठसदार
मस्का-मलाई नीचे मक्खन लगाई
छोरी चस्की पिलाई गाल चाट काट खाई
घुर्र घप्प घुर्र घप्प चढ़ गया दादा
ना -ना , ना-ना ; हाँ-हाँ हाँ-हाँ चढ़ गया नाना
दादाजी नानाजी ने बजा बाजा बाजी
‘मियां-बीबी राजी तो क्या करेगा काज़ी ‘
दो-दो एक-संग ली, तीन एक-संग मिली
माल मसल मखमली, माल मसल मलमली
गाल मालपूआ, उफ़ मम्मे मौसमी
चूंची किशमिशी चबा चुम्मी छुमछुमी
चार-पाँच रंगारंग , छह -सात चमाचम
चमचम, रसगुल्ला,व जलेबी-सी छमछम
गरम हुआ दादा का मिरची बड़ा मोटा
नाना ने कूद खोला अपना लंगोटा
कुद्दक-कुद्दी फुद्दक-फुद्दी चुद्दक-चुद्दी वाह-वाह
लंडन-लंडन लौड़ा दौड़ा मार कोड़ा, आह-आह
‘नौ’ की ”ली” या ‘दस’ की ली या बारह-तेरह-चौदह
कोई गिनती नहीं, चोद दी झुंड मार कर फतह……

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