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रात अभी बाकी है और हुस्न अभी भी जवान है- 2

हैलो दोस्तो, ये कहानी का दूसरा पार्ट है अगर अभी तक आपने इस कहानी का पहला पार्ट नहीं पढ़ा तो नीचे दिये गए लिंक पे क्लिक कर पहले कहानी को पहले पार्ट को रीड कर आगे की कहानी के मजे ले। रात अभी बाकी है और हुस्न अभी भी जवान है- 1 भिखारी मानो मगन […]

चुदवाने के लिए कुछ भी कर जाऊँगी

वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के देता जिससे कि मैं झड़ने वाली थी जब मैं झड़ गई तो मैंने उसे अपने पैरों के बीच में दबोच लिया। वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था कुछ ही क्षण बाद वैभव का वीर्य गरने वाला था उसने मेरी योनि के अंदर ही अपने वीर्य को प्रवेश करवा दिया।

शराफत की देवी मेरी बहन- 11

बहन ने मेरे लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी और कहने लगी आज आप दूबाारा अपना खड़ा करिए और मा के चूत को अपने महान लंड द्वारा धन्य कर दो मेेे लन्ड इतना मां को चोदने के लिए बेताब था कि दोबारा खड़ा होने में देरी न किया

चाची को अपनी रंडी बना दिया

लंड को खडा करके चाची ने कहा की कहा डालेगा तो रंडी को कुतिया बना का गांड में लंड का सुपाडा डाल दिया और 1 घंटे बाद मै चाची की गांड मे के वहीं झड़ गया और हम दोनो साथ में नहाने चल गए।

धोके से खुद की चुत चुदवाई

उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और मैंने उसे बहुत चूसा, उसका लंड बड़ा टेस्टी था. फिर उसने अपने लंड और मेरी चूत पर थोड़ा तेल लगाया और इस बार उसने मेरी गांड पर भी तेल लगाया था.

गाव की लड़कीया लौड़े के लिए पागल

मैंने उसकी चुदाई करके उसके जिस्म के बहुत मज़े लिए और उसने भी मुझसे मेरी चुदाई से खुश होकर मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ दिया, लेकिन शादी के दो दिन बाद में अपने घर पर आ गया और उस समय मैंने उससे मिलकर कहा कि में दोबारा जरुर आऊंगा और हम दोबारा चुदाई के ऐसे ही मज़े लेंगे.

ससुर ने बहू की चुदाई की प्यास बुझाई

उसने मेरा लौड़ा पकड़ पर अपने दाने पर कई बार रगड़ा मारा और फिर मस्त हो उठती थी। वो मेरे लण्ड के पास मेरे टट्टों को भी सहला देती थी। टट्टों को वो धीरे धीरे सहलाती थी। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मै अब चूत में अपना लण्ड अन्दर दबाने लगा।

सेक्स के बिना हर प्यार अधूरा है

मैं उसकी बाहों में गई तो उसने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया और मेरे होठों को चूसना शुरू किया मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी, मैं अपने आप को काबू में ना रख सकी। उसने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया तो मेरे शरीर से गर्मी अधिक मात्रा में बढने लगी।

बस मे अजनबी के साथ संभोग और कामरस

मैंने उसकी चूत में अपने लंड का प्रवेश कराया तो वो चिंहुक उठी। उसकी चूत तो पूरी गीली पड़ी थी, लंड अपने आप अन्दर सरकता चला गया और उसकी जड़ तक जाकर बैठ गया।
उसने मेरी कमर को अपनी टांगों से जकड़ लिया। वह भी मेरे लंड उसके साथ ही अपने हिसाब से चूतड़ों को आगे पीछे करने लगी ।

दीदी हो तो ऐसी

मेने अपना लैंड का टोपा 3 इंच ही अंदर डाला था की दीदी ऊऊ माँ माँ हहहहह ईईईईई ईईई सिसिकिया निकल रही थी । उनकी चुत बहुत टाइट थी या मेरे लण्ड मोटा मुझे नही पता ,पता  तो ये था कि में बहनचोद बन चूका हूँ।