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मेरी क्लासमेट राधिका की जमकर चुदाई की

दोस्तो,मेरा नाम संकेत है। मैं जयपुर का रहने वाला हूँ। मैंने मस्ताराम डॉट नेट पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं और सच में उन्हें पढ़ कर मुझे बड़ा मजा आता है. कुछ कहानियाँ हालाँकि मुझे झूठी लगती हैं लेकिन कुछ तो मेरे दिल को छू जाती हैं। तो आपका ज्यादा वक़्त बर्बाद न करते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूँ, अगर कोई गलती हो जाये तो माफ़ कर दीजियेगा, यह मेरी जिंदगी की सच्ची घटना है।

शादीशुदा कॉलेज फ्रेंड की पहली गांड चुदाई

शादीशुदा कॉलेज फ्रेंड की पहली गांड चुदाई आह सुमित फक में आस। आह कम ओंन सुमित। जैसी आवाज निकलनी शुरू हो गयी। अब मैने चारू की गोरी गोरी गांड पर हथेली से जोरदार वाले चाटे मारने भी शूरु कर दिए जिससे उसकी गांड एकदम लाल हो गयी थी।

चुचो को पड़ोसी लड़के से चुसवाया

काफी देर तक मेरे चूचो को चूसा उसके बाद उसने मेरी सलवार को उतार दिया और श्रीराम ने जैसे ही मेरी नरम और मुलायम पर अपनी जीभ को लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने मचलने लगी थी। मेरी योनि से तरल पदार्थ निकल लगा कुछ देर तक श्रीराम ने मेरी योनि को चाटा। जब श्रीराम ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत पर टच किया तो मुझे एक अलग ही प्रकार की फीलिंग आने लगी

वीर्य की आखिरी बूंद भी नौकर ने मेरी बहन की बुर मे झाड़ दी -2

मेरी चुत अब उसके लंड के आकार की खुल गयी थी। मैं अब आराम से उसके लंड पर ऊपर नीचे हो रही थी। उसके बड़े लंड का मेरी चुत से हो रहा घर्षण मेरी उत्तेजना को और बढ़ा रहा था। वह भी अब जोश में आ गया था और नीचे से धक्के देने लगा था। मैं भी अपनी गांड हवा में रखकर उसको धक्के देने के लिए जगह बना के दे रही थी। वीर्य की आखिरी बूंद भी नौकर ने मेरी बहन की बुर मे झाड़ दी

दिल्ली की भाभी के साथ मजे किये

दोस्तों यह कहानी दिल्ली की रहने वाली एक भाभी के साथ मजे करने की है मैंने दिल्ली की भाभी के साथ मजे किये वो भी कैसे कैसे आप इस कहानी में पुरे विस्तार से पढेंगे |

और मस्ती मेरे बदन में

बात मनीष कर रहा था और मस्ती मेरे बदन में दौड़ रही थी लंड गुदगुदाने लगा था लूट ले मजा अकेले अकेले प्यारे इसपर मनीष कंधे पर हाथ रखता बोला माल तो तुम्हारा हमारे माल से चोखा हैं प्यारे हम होते तो अब तक बहुत कुछ कर चुके होते

दोस्त की माँ की चुत मे गरम वीर्य भर दिया

आंटी में आपके चुत के अंदर लण्ड नही डालूंगा, ऊपर ऊपर से ही करूँगा, वो बोली ओके, मेने अपना लण्ड उनके चुत पर लगाड़ने लग गया वो भी ऊऊऊऊ करने लगी, मेने कहा आंटी तोड़ा सा लण्ड को चुत में डालने दो, आंटी बोली अंदर मत डालना मेने अपना लण्ड का टोपा आंटी चूतड़ जैसे ही डाला आंटी ऊऊईईईईईई दददद की सिसकिया निकलने लगी, में धीरे धीरे धक्के मारने लगा, मुझसे अब रहा नही गया

चुत चोदन के साथ साथ चक्षु चोदन

चूत की गुदगुदी से खिलखिला कर हंस पड़ी। ये वासना भरी किलकारियाँ और हंसी मुझे और उत्तेजित कर रही थी। उसकी गुलाबी चूत पर लण्ड का घिसना उसे भी सुहा रहा था और मुझे भी सुहा रहा था। बीच-बीच में मैं अपना लण्ड धक्का दे कर जड़ तक चोद देता था। फिर वापस निकाल कर उसकी रस भरी चूत को लण्ड से घिसने लगता था। उसकी चूत से पानी टपकने लगा था। उसने मेरा लौड़ा पकड़ पर अपने दाने पर कई बार रगड़ा मारा और फिर मस्त हो उठती थी

नाक दबाकर भाई मुँह मे झड़ा

मैंने बारी-बारी से एक-एक को चूसा और उनके ऊपर काटा भी, उसे मज़ा भी आ रहा था और दर्द भी। मैंने उससे कहा कि जब झड़ने लगो तो तुम मुझे जरुर बता देना। फिर उसने कहा कि हाँ ठीक है। में अब उसके लंड पर बहुत ज़ोर-ज़ोर से अपना हाथ घुमा रही थी। उसका लंड खून जैसा पूरा लाल-लाल हो गया था, तभी उसने मुझसे कहा कि हाँ अब में झड़ने वाला हूँ

होने वाले पति के सामने गैर मर्द ने चोदा – 2

यह कहानी एक एक शब्द मम्मी की कसम सही है उसमें एक शब्द भी मैं झूठ नहीं बोली। इसके बाद मैं अपने जीवन की आज तक की हुई सभी तरह की मर्दों से मुलाकात की एक एक बात बिना छुपाये कहानी के माध्यम से लिखकर बताती रहूंगी।