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चूत की सुगंध ने मुझे मदहोश कर दिया

गतांग से आगे …..

अब मैं ६९ की पोजीशन बनाते हुए उसकी पैंटी से उसकी जवानी को आजाद करने लगा। मेरा लण्ड अब उसके होटों को छूने लगा। मेरे लण्ड पर एक बूंद प्री-कम की उभर आई, जो मोती की तरह चमक रही थी। उसने अपनी जीभ निकालकर उस मोती को अपने मुंह में ले लिया। उसका स्वाद शायद उसे बहुत पसंद आया क्योंकि अब वो मेरे ६.५ इंच का लण्ड अपने मुंह में लेने लगी। इस काम के लिए वो बार बार अपना सर ऊपर उठा कर मेरा लण्ड अपने हलक तक लेने लगी।

मैंने उसकी पैंटी उतार दी, अन्दर से पाव रोटी की तरह बाल-रहित एकदम गुलाबी सी उसकी चूत नजर आने लगी। उसकी चूत देखते ही मैं पागल हो गया। मैंने ६९ पोजीशन में ही अपने को नीचे और उसको अपने ऊपर कर लिया। यह पोजीशन हम दोनों के मुख -मैथुन करने में सहायक हो रही थी।

मैंने उसकी चूत की पलकों को अपनी अँगुलियों से अलग किया और अपनी जीभ उसमें घुसा दी। जीभ का खुरदरापन उसके योनि-कलिका पर महसूस करते ही वो जोश में आ गई, वो भी मेरे लण्ड को पूरा निगलने की कोशिश करने लगी।

लण्ड-चूत हमारे मुंह में होने के कारण मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी। थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए। उसने मेरा और मैंने उसका पानी पी लिया। क्या पानी था, क्या स्वाद था। उसकी चूत की सुगंध मुझे मदहोश बना रही थी। ऐसा लग रहा था मानो ३ पैग विस्की पी ली हो !

अब मैं घूम कर उसके मुंह के करीब आ गया और उसे बाँहों में भर लिया। उसका चेहरा चमकने लगा था। अब उसकी आँखों में देख कर मेरे साण्ड ने फिर हरकत करनी शुरू कर दी। मैं उसके स्तनों और गाण्ड को सहलाने लगा। मेरा तना हुआ लण्ड उसकी नंगी जांघों से टकराने लगा।

उसके अन्दर भी फिर से तूफ़ान तैयार होने लगा। अब मुझ से सहन नहीं हो रहा था। मैंने उसके कमर के नीचे अपना हाथ डाला और अपने लण्ड को उसकी चूत के दरवाजे पर लगा कर एक जोरदार झटका मारा।

लण्ड अन्दर जाते ही वो जोर से चिल्लाई- मर गई ! इ इ इ ई ईई ईई ! थोड़ा धीरे डालो।

लेकिन अब सुनाने का समय नहीं था, मैं पूरी गति से झटके लगाने लगा, वो नीचे से चूतड उठाने लगी। १० मिनट के घमासान के बाद मैंने उसे जोर से अपने बदन से चिपका लिया, वो अब तक तीन बार झड़ गई थी, मेरे चिपकाते ही वो ४ थी बार साथ में झड़ने लगी। हम दोनों बाँहों में बाहें डालकर अपनी साँसे दुरुस्त करने लगे।

उसकी आँखों में गज़ब की संतुष्टि नज़र आ रही थी।

उसने मुझे अब खुलकर बताना चालू किया कि वो भी मुझे बहुत पहले से चाहती है पर कभी बोल नहीं पाई। उसका पति उसे कभी कभी ही संतुष्ट कर पाता है।

हमें याद आया कि जल्दबाजी में हमने तो कंडोम लगाया ही नहीं। मैंने उसे तुंरत पेशाब करके आने को कहा। आते वक़्त वो दूध ले आई। उस रात मैंने उसे ४ बार चोदा। एक बार घोड़ी बनाकर, एक बार सोफे पर। एक बार कंधे पर लेकर और एक बार बाथरूम में !

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