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Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

इतनी गरम चूत चोदा है किसीने

मैंने मस्ताराम डॉट नेट की लगभग सभी कहानी पढ़ी है मेरी उम्र कम है पर जितनी भी है चुदाई के लिए काफी है मै १२ में पढ़ता हूँ | आज मै अपनी पहली कहानी लिख कर भेज रहा हूँ | ये जो कहानी है इसमें सब कुछ सही लिख रहा हूँ बस नाम और जगह बदल दिया हूँ | आज से लगभग तिन मंथ पहले की है। मै अपने कॉलेज से निकल कर कोचिंग करने जाता हूँ उस दिन भी गया था पर जैसे ही कोचिंग से निकला बहुत तेज बारिश होने लगी मेरे पास कोई बाइक या सायकिल नहीं थी और घर जाना भी जरुरी था |

सभी लोग निकल चुके थे तो कोचिंग वाले सर ने कगा चाहो तो हाई पर रुक जाओ घर में भी तो तुम अकेले हो , मैंने कहा सो तो है लेकिन पापा आज आने वाले है , बोले पूछ लो , मैंने क्या ओके , मैंने पापा से पूछा तो बोले कोई बात नही में भी आज नही आ रहा हु क्युकी यहा भी बहुत जोर की बारिश हो रही है , तो तुम भी आज मत आओ , बट खाना कहा खाओगे मैंने बोला देखता हु। सर ये सब सुन रहे थे बोलो कोई बात नही मेरे लिए खाना बनाने वाली आएगी तो में बोल दूंगा तो वो ज्यादा कर के बना देगी। मैंने सोचा में अकेले क्या करूँगा। सर से मै बात करने लगा वो अपने बारे में बताने लगे।

कहने लगे वो अकेले रहते है , उनकी वाइफ की डेथ हो चुकी है, तब से वो अकेले रहते है। मैंने कहा बोर नही हो जाते तो उन्होंने कहा इसलिए तो मै बच्चो को पढ़ता हु ताकि टाइम पास हो जाये। सर की उम्र करीब ४५ साल के लगभग है। मेरे मन में ख्याल आया , मैंने सर से से पूछा आपके कोई बच्चे नही है तो उन्होंने कहा हा है पर वो मेरे साथ नही रहती हो क्युकी वो मुझे पसंद नही करती है।

कभी कभी आती है और एक दो दिन रह के चली है। फिर में टीवी वाले रूम में चला आया।क्युकी 6 बजे से मेरा एक फेवरेट प्रोग्राम आने वाला था। बेल बजने की आवाज़ आया। सर ने कहा देखो कौन है।

मैंने देखा की एक लड़की थी जिसकी उम्र लगभग २७-२८ साल रही होगी , देखने में बहुत खूबसूरत तो नही थी पर सेक्सी दिख रही थी .उसके दो बड़े बड़े बूब्स जो कपड़े के ऊपर से साफ साफ समझ में आ रहे थे। मेरी नजर उसके बूब्स पर गयी तो उसने दुपटे से तुरंत ढक लिया। मैंने पूछा कौन तो बोली सर नही है क्या। मैंने बोला है आप कौन ?

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तब तक सर आ गए और बोले ये रेखा मेरे लिए खाना बनाती है। फिर में अपने टीवी वाले रूम में आ गया और टीवी देखने लगा। सर में आवाज दी में बहार जा रहा हु एक दोस्त के पास सामने वाले बिल्डिंग में गेट बंद कर लेना। आने में मुझे लेट हो सकता है। मै गेट बंद करने जाने लगा तो देखा रेखा अपने दुपते को कमर में बांध कर आटा लगा रही थी तो आटा लगते वक्त उसके चूची कूद रहे थे जो बहुत सेक्सी लग रहा था।

ये सब देख कर मेरे मन में गन्दे गन्दे ख्याल आने सुरु हो गए थे की कास रेखा एक बार मुझे चोदने देती। और में वापस टीवी देखने लगा। टीवी वाले रूम से किचेन साफ साफ दिखता था। तो मेरा धयान उस तरफ चला जाया करता था। मुझे नास्ता करने की आदत थी तो में सोचा रहा था की जा के उसे बोलू फिर सोचता दूसरे के घर में , में क्या बोलू। तो मैंने सोचा चलो बोल ही देता हु की मेरे लिए कुछ बना दो।

में गया और बोला सुनो मुझे कुछ खाने के लिए दे दो , तो बोली क्या चाहिए में बोला कुछ भी , वो बोली कुछ भी दे दू चलेगा सोच लो में बोला क्या क्या दे सकती हो मैंने भी मज़ाक में बोल दिया। वो बोली जो चाहे वो लेलो। दोस्तों आप यह हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | फिर वो बोली की मैंने सोचा तुम सीरियस टाइप के लड़के हो इसलिए मैंने तुम्हे कुछ नही बोला , सर तो रहते है तो में खाना बना के वापस चली जाती हु सर कुछ कभी बोलते भी नही है की ये बना या वो बना जो बना दिया खा लेते है। मैंने बोला वो सब छोड़ो वोलो क्या खिलाओगी नास्ते में बोली बोली तो जो बोलो सो। ठीक है मैंने डर डर के धीमी आवाज़ में बोला तुम्हारे दूध की चाय पीना है , वो बोली क्या ? फिर से बोलो क्या चाहिए , मैंने सुना नही। में बोला में दुवारा नहीं बोलता। ये बोल कर में चला आया।

कुछ देर बाद वो चाय ले के आ गयी मैंने बोला कौन सी चाय है वो बोली जो तुम्हे जैसी चाहिए थी मैंने बोला मज़ाक कर रही हो उसने बोला नहीं सच में , मैंने बोला तुम्हारी शादी हो गयी है तो उसने बोला हा मेरे 2 साल का लड़का है , मैंने बोला तुम तो बिलकुल नहीं लगाती शादी शुदा , फिर वो बोली में मुस्लिम हु , मैंने बोला नाम तो हिन्दू का है , बोली सब मुझे रेखा नाम से ही जानते है मेरे नाम रियल में रेशमा है। और मैंने एक हिन्दू से शादी कर ली है। वो रिक्शा चलता है तो में भी सर के यहाँ काम कर लेती हु। फिर मुस्कुरा कर बोली पियो पियो मैंने बोला सच में ये तुम्हारी दूध की चाय है बोली बिस्वास नहीं हो रहा है क्या मैंने बोला में कैसे बिस्वास करू।

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वो बिना किसी सर्म लाज के अपनी चूची निकली और उसमे से दूध निकलने लगी और बोली देखो ऐसे ही मैंने दूध निकाल कर चाय बनाया। में उसके मस्त मस्त चूची को देख के पागल हुआ जा रहा था। मेरा चेहरा वो देख कर समझ गयी और बोली फर्स्ट टाइम देखे हो क्या किसी का चूची मैंने बोला हाँ।देखा तो है लेकिन बंद में , कपड़े के अन्दर रहता है तो देखा है इस तरह से नहीं देखा आज तक। वो बोली इसका मतलब तुमने आज तक किसी को चोदा भी नहीं होगा। मैंने बोला अभी मेरी ऐज ही क्या हुआ है |

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