Mastaram.Net

100% Free Hindi Sex Stories - Sex Kahaniyan

कुवारी चुत की अचानक से हुई चुदाई

दोस्तो, आप सभी की तरह मै भी मस्ताराम डॉट नेट का फेन हूँ इस साईट की कहानिया पढ़ मैंने बहुत मुठ मारी हैं इस साईट की सभी कहानिया मैं लगभग पढ़ चूका हूँ और आज मैं आप सभी को अपनी भी कुछ ऐसी ही कहानी सुनने जा रहा हूँ. मेरा नाम नमन है और यह मस्ताराम.नेट साईट पर मेरी पहली सेक्स स्टोरी है. दोस्तो मैं आपको आज मेरी लाइफ की एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसने मेरी ज़िंदगी को बिल्कुल बदल कर रख दिया. लेकिन उससे पहले मैं आपको मेरे बारे में बता दूँ. मेरी लंबाई 5 फुट 8 इंच है, मेरे लंड का साइज़ 6.7 इंच है और इसकी मोटाई ढाई इंच है. मैं उत्तराखंड का हूँ लेकिन हमेशा से मुंबई जैसे शहर में रहा हूँ.

ये बात आज से कुछ महीने ही पहले की बात है, मैं बी.टेक के 3rd इयर में हूँ. मेरे साथ पल्लवी नाम की एक लड़की पढ़ती थी, जो बहुत ही सिंपल लेकिन सेक्सी थी. वो बहुत ही गोरी, आँखें एकदम काली, गोल और बड़ी आँखें, गालों पर टमाटर जैसी लाली दिखाई देती थी. वो भी बिना मेकअप के. उसका फिगर 38-30-36 का था और कॉलेज के सभी लड़के उसे पटाने के लिए दिन रात मेहनत करते थे लेकी वह किसी को भाव नहीं देती थी.

उस टाइम मैं बिल्कुल सिंपल दिखने वाला और बिल्कुल शरीफ लड़का था और लड़कियों के बारे में कोई गंदी सोच नहीं रखता था. वो लड़की भी बिल्कुल सिंपल रहती थी और हमेशा सूट के साथ चूड़ीदार पजामी या फिर पटियाला सलवार ही पहन कर आती थी.

 एक दिन वो स्कूटी से कॉलेज आ रही थी. अचानक रास्ते में उसकी स्कूटी स्लिप हो गई और वो गिर गई. जहाँ वो गिरी थी, वहीं पर मैं एक शॉप पर कुछ नोट्स की फोटो कॉपी करा रहा था. मैंने दौड़ कर बाहर आकर पल्लवी को संभाला, उसे उठाया तो मैंने देखा कि उसके सारे कपड़े मिट्टी और कीचड़ में खराब हो गए थे. उसको हाथ में कोहनी पे थोड़ी सी चोट लग गई थी, जिससे उसको अपना हाथ हिलाने में भी प्राब्लम हो रही थी.

मैंने उससे पूछा- तुम ठीक तो हो ना?
उसने कहा- ओह.. मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहा है और मेरे कपड़े भी खराब हो गए हैं.
मैंने बोला- पल्लवी तुम ऐसा करो, मेरा रूम पास में ही है, तुम वहाँ चलो. मैं तुम्हारे हाथ पर दवाई लगा दूँगा और तुम अपने कपड़े भी ठीक कर लेना.
पहले तो पल्लवी कुछ सोचने लगी, फिर उसने कहा- ओ के, चलो!

मैं उसे उसकी ही स्कूटी पर बैठा कर अपने रूम पर ले आया, रूम पर आते ही मैंने पल्लवी के हाथ पर दवाई लगा दी और उससे बोला कि तुम बाथरूम में जाकर अपने कपड़े साफ कर लो. पल्लवी ने उस टाइम ब्लैक शर्ट और रेड कलर की चूड़ीदार पजामी पहनी हुई थी और दुपट्टा था. उसके कपड़े सारे कीचड़ में सने हुए थे.

यह कहानी भी पढ़े : सरसों के तेल से चाची की गरम चूत की मालिश

 

मैंने पल्लवी को एक तौलिया दिया और वो बाथरूम में चली गई. थोड़ी देर बाद पल्लवी ने मुझे बाथरूम में से आवाज़ दी और बोली- नमन प्लीज़ यहाँ आओ.
मैंने दरवाजे के बाहर से बोला- हाँ पल्लवी बोलो.. क्या हुआ?
पल्लवी बोली- नमन, मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहा है, मुझ से मेरे कपड़े साफ नहीं हो पा रहे हैं.. तो क्या तुम मेरी हेल्प करोगे?
मैंने कहा कि तुम अपने कपड़े उतार कर बाथरूम में रख दो. मैं उनको वॉश कर दूँगा और तुम थोड़ी देर मेरा कुर्ता पजामा पहन लो, मैं लाकर देता हूँ.
पल्लवी बोली कि मैं अपने कपड़े नहीं उतार सकती क्योंकि मेरे हाथ में बहुत दर्द है, तुम प्लीज़ अन्दर आकर मेरे कपड़े पहने पहने ही साफ कर दो.

मैं उसकी रिक्वेस्ट पर बाथरूम में अन्दर चला गया. मैंने पल्लवी के हाथ को तौलिया से पोंछना शुरू किया और जब हाथ के बाजू को साफ करने लगा तो सूट की बाजू पर लगा कीचड़ तौलिया से साफ नहीं हो रहा था. तो मैंने कहा कि ये कपड़े पानी में भिगोने पड़ेंगे, तभी इसका कीचड़ साफ हो सकेगा.

मैंने शावर ऑन किया लेकिन शावर में पानी नहीं आया, शायद टंकी खाली हो गई थी. मेरे नहाने का बाथटब पानी से फुल भरा हुआ था तो मैंने कहा कि लो पल्लवी तुम ऐसा करो, इस टब में बैठ जाओ ताकि तुम पानी में भीग जाओ और तुम्हारे साथ ये कपड़े भी भीग जाएँगे. फिर बाद मैं तुम मेरा कुरता पजामा पहन लेना.

तो पल्लवी ने वैसा ही किया और वो टब में बैठ गई. मैंने पानी में ही अपना हाथ पल्लवी के कपड़ों पर फेरना शुरू किया. उसके कपड़ों की मिट्टी और कीचड़ को साफ करने के लिए मैं धीरे धीरे अपने हाथ उसकी पीठ पर रगड़ने लगा.

शायद पल्लवी को मजा आने लगा था क्योंकि उसकी आँखें बंद होने लगी थीं. धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी चूचियों पर गया और चूचियों पर जैसे ही मेरा हाथ टच हुआ, उसको ना जाने क्या हुआ वो अचानक तेज़ी से पलट गई और उसके पलटने की वजह से मैं अपना बैलेंस नहीं बना सका.. और मैं भी पानी से भरे टब में गिर गया.

पल्लवी ने देखा तो वो बोली- ओह आई एक सॉरी नमन.. वो क्या हुआ कि जैसे तुमने मेरे यहाँ हाथ लगाया तो मुझे गुदगुदी हुई और मैं घूम गई.
मैंने कहा- कोई बात नहीं.

मैं फिर से उस की बॉडी पर हाथ फेरने लगा. हाथ फेरते फेरते मेरे हाथ उस के पेट पर घूमने लगे, पल्लवी को अब और मजा आने लगा था और अब मुझे भी कुछ कुछ होने लगा था और ना जाने कब कब में मेरे हाथ पल्लवी के कूल्हों को सहलाने लगे, पता ही नहीं चला.

उस के बाद मेरे हाथ उस के शर्ट के नीचे उसकी जाँघ पर घूमने लगे, पल्लवी की आँखें बंद थीं और उसके मुँह से हल्की ‘इसस्स.. आहम्म..’ की सिसकारियां निकल रही थीं. इतनी देर में मैं अपने होश खो बैठा और अब मेरे हाथ पल्लवी के मम्मों को अच्छे से सहलाने लगे थे. उस के बाद मैं पल्लवी के नज़दीक आया और उस के ऊपर आकर उसकी गर्दन को चूमने लगा. उसके बाद मैंने अपने होंठ पल्लवी के होंठों पर रख दिए.

पल्लवी भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपना एक हाथ उसकी चूड़ीदार पाजामी के ऊपर से ही उसकी चुत पर रखा तो मैंने महसूस किया कि उसकी चुत में से कुछ निकला है और वो बहुत ही चिकना पदार्थ है. मैंने पल्लवी का शर्ट उतारा, उसने अन्दर ब्लैक ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें उसके मोटे मोटे 36 साइज़ के चूचे बड़े सेक्सी लग रहे थे. मैं उन मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा.

यह कहानी भी पढ़े : पति के जाने के बाद रंडी बन गयी

 

अब पल्लवी की सिसकारियां बहुत तेज़ हो चुकी थीं. मैंने पानी के अन्दर अपना मुँह डाल दिया और पल्लवी की चुत को उसकी पजामी के ऊपर से ही चूसने लगा. पल्लवी अचानक तेज़ी से तड़प उठी और मेरे सिर को अपनी चुत पर दबाने लगी. मैंने पल्लवी की पजामी का नाड़ा खोल दिया और उसकी पजामी को उतार दिया. इसके बाद मैंने पल्लवी को पानी में उल्टा किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसकी गर्दन से उसको चूमना शुरू कर दिया.

पल्लवी अब बहुत तेज़ ‘आआह.. उउम्म्म्म..’ की सिसकारियां भर रही थी. गर्दन को चूमते हुए मैं उसकी पीठ को चूमने लगा और उस की ब्रा का हुक खोल कर पीठ को चूमते हुए उसके मम्मों को हाथों से दबाने लगा. उस के बाद मैं पल्लवी की कमर को चूमते हुए उस की कमर को चूमने लगा और उस की ब्लैक पेंटी को उतार कर उस के कूल्हों को चूमने लगा.

इतना कुछ करने के बाद मैंने पल्लवी को सीधा किया और उस की टांगों को खोल कर मैं अपना 6.5 इंच लंबा लंड उसकी चुत पे सैट करके बैठ गया. अब मैं उसके मम्मों को चूसने लगा, पल्लवी की अभी भी आँखें बंद थीं और वो ज़ोरों से सिसकारियां भर रही थी.

मैंने अपना लंड उनकी चूत पर सैट करके धीरे से धक्का मारा. लेकिन पानी के अन्दर मेरा लंड उसकी चुत से फिसल गया. फिर मैंने अपने लंड को हाथ से पकड़ कर उस की चुत पर रखा और एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया. इस झटके से मेरा आधा लंड उसकी चुत में जा चुका था, जिससे पल्लवी दर्द के मारे कराह उठी. मैंने तुरंत उसके होंठों को अपने होंठों से दबा दिया और थोड़ी देर रुकने के बाद दुबारा मैंने एक और ज़ोरदार धक्का दिया.

पल्लवी और तेज़ चिल्लाई- उईई माँआआ.. आअहह.. मर गई..
मेरा पूरा लंड उसकी चुत में उतर चुका था. उसकी चुत बहुत ही टाइट थी, जिस वजह से मेरे भी लंड में दर्द होने लगा था.

पल्लवी का दर्द नॉर्मल होने के बाद मैंने अपने लंड को उस की चुत के अन्दर बाहर करना शुरू किया. अब पल्लवी को भी मज़ा आ रहा था. मैंने अब स्पीड बढ़ा ली थी. लंड को उस की चुत में अन्दर बाहर करने के दौरान पल्लवी 2 बार मुझसे तेज़ी से चिपक कर अकड़ गई थी. शायद वो झड़ गई थी, मैं पानी में उस की चुदाई किए जा रहा था.

करीब दस मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला ही था.. तो मैंने अपना लंड उस की चुत से बाहर निकाल लिया. मैं भी उसकी चुत से बाहर पानी में ही झड़ गया और मैं पल्लवी के ऊपर ही गिर गया.

हम दोनों पानी में ऐसे ही लेट गए, इसके बाद करीब 15-20 मिनट बाद पल्लवी को होश आया और मुझे अचानक धक्का देकर पानी के टब से बिल्कुल नंगी बाहर निकली और अपनी नंगे शरीर को तौलिया से ढक लिया.

यह कहानी भी पढ़े : अब तो तुम्हें मेरी चूत में ही रहना है

 

पल्लवी ने देखा कि पूरा टब का पानी उस की चुत के खून से लाल सा हो गया था. ये देख कर पल्लवी बहुत तेज़ रोने लगी और बोली- नमन, ये क्या कर दिया तुमने?
मैंने बोला- पल्लवी पता नहीं ये सब कब और कैसे हो गया, मुझे भी कुछ होश नहीं.
पल्लवी रोती हुई बोली- नमन अब क्या होगा जब किसी को पता चलेगा तो?
मैंने बोला- पल्लवी घबराओ नहीं.. किसी को हम कुछ नहीं बताएंगे और ये बात तुम्हारे और मेरे बीच में ही रखेंगे.

पल्लवी रोती हुई बाथरूम से बाहर निकली, उससे चला नहीं जा रहा था. वो जैसे तैसे चल कर वो सोफे पर जाकर उल्टी लेट गई.. और नीचे मुँह करके रोने लगी. मैंने बाथरूम से पल्लवी के सूट चूड़ीदार पजामी पेंटी ब्रा उठाई और वॉशिंग मशीन में सूखने को रख दिए. फिर सुखा कर पल्लवी को पहनने को दिए. पल्लवी ने मेरे सामने ही कपड़े पहनने शुरू किए, उसकी ब्रा का हुक मैंने लगाया उसको उसके कपड़े पहनने में हेल्प की.

जब पल्लवी वहाँ से जाने लगी तो मैंने कहा कि पल्लवी एक बार डॉक्टर को दिखा दें क्या?
तो उसने बोला- नमन तुमको कुछ करने की ज़रूरत नहीं है, मैं खुद संभाल लूँगी.. और हाँ आज के बाद तुम मुझ से मिलने की या बात करने की प्लीज़ कोशिश मत करना.

ये कह कर पल्लवी वहाँ से अपनी स्कूटी लेकर चली गई.

दोस्तो इस कहानी के कमेंट आने के बाद आपको मैं अपनी अगली कहानी बताऊंगा. इसमें मैं आपके साथ अपनी वो कहानी शेयर करूँगा, जिसमें आप सभी जानेंगे कि मैंने अपनी बहन की भी चुदाई की है.

 

आप इन सेक्स कहानियों को भी पसन्द करेंगे:

The Author

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control