मौका मिले तो जम के चोद लेता हूँ

हेल्लो मेरे दोस्तों आज तो मौसम बड़ा ही गरम है और मुझे लग रहा है जैसे ये गर्मी चारों तरफ फ़ैल चुकी है | क्यूंकि अगर फैली न होती तो तो लड़के और लडकियां चुदाई के लिए इतने पागल न होते | मुझे तो ये सोच कर ही मज़ा आ जाता है की चुत की गर्मी से लंड का आकर बढ़ जाता है और वो बिलकुल चुदाई के लिए तरसने लगता है | फिर हमे अपने कोमल कोमल हांथों से अपने प्यारे से लंड को हिलाना पड़ता है और उसके बाद वो अपना कमाल दिखाता है | लंड बिना कुछ कहे ही मुठ अपने मुह से थूक देता है और तब इतनी शान्ति मिलती है की क्या बताऊँ आप लोगों को | मेरा नाम है रविश और मेरा काम है लोगो को मुफ्त की सलाह देना और इसी चक्कर में मेरी कई बार गांड भी मारी गयी पर मैं तो ठहरा बेशरम मुझे क्या फर्क पड़ने लगा | ऐसा नहीं है दोस्तों की मेरी सलाह हर बार कुछ गलत असर लाये कभी कभी ये सही भी हो जाती है और तब तब लोब मेरी तारीफ के पुल बाँधने लगते है | साले हरामी लोग जब मतलब निकल गया तो दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकल के फेक दिया |

यही दुनिया है मेरे दोस्तों और मुझे पूरा यकीन है की आप लोग भी मेरी बात से सहमत होंगे | तो दोस्तों ये कहानी है एक लड़की की और मेरी जो की बहुत ही भोली थी पर उसे कोई भी बेवकूफ नहीं बना पाया था क्यूंकि उसके साथ में खड़ा हुआ था | उस लड़की का नाम था धृष्टि और वो मेरी ख़ास दोस्त बन गयी थी | मैं पेशे से एक इंजिनियर हूँ और आपको तो पता साला शिफ्ट में काम करो घर जाके आराम करो फिर सुबह निकल पड़ो अपनी गांड मरवाने | मेरी कंपनी इतनी मादरचोद है की अगर बन्दे के पास पैसे ज्यादा गए तो उसे निकलवाने के तरीके ढूँढने लगती है | तो हुआ ये की मैं हूँ अपनी टीम का लीडर और जब भी कभी कोई नया बन्दा या बंदी नौकरी के लिए आता है तो पहले मैं ही इंटरव्यू लेता हूँ | मुझे लोगो की उतारने में बड़ा मज़ा आता है | क्या करे इंजिनियर ने खुद इतनी मरवाई होती है कि वो किसी की भी उस हद् तक मारता है जब तक वो खुद न बोलदे “भाई तेल मैं लेके आता हूँ तू बोरा ले आ और आराम से मारले” |

ये तो कहानी है आजकल के लडको और लड़कियों की पर सब कुछ एक जैसा नहीं रहता क्यूंकि टाइम खुद को बदलता है और हो सकता आप भी बदल जाओ | ये बात करीबन एक साल पुरानी तो है ही क्यूंकि पिछले एक साल से हमारे यहाँ कोई नौकरी लेने नहीं आया और वजह थी हमारे कंपनी के रूल्स | ये बहनचोद लोग तब तक बन्दे को चूसते हैं जब तक वो बेचारा खुद नौकरी न छोड़ दे | मैंने एक दिन अपने मेनेजर से कह दिया था “सर गांड मारनी तो कह के मारो न बिना बताये मारते हो इंसान भी जाता है घाटा भी होता है तो इससे अच्छा लो ही मत उसको” | मैनेज की गांड से धुंआ निकलने लगा था मेरी ये बात सुनकर और उसने मेरी शिकायत कर दी पर हुआ कुछ नहीं | “गांडू साला” हाँ तो अब काम की बात जब पिछले साल इंटरव्यू चल रहे थे तब ये लड़की धृष्टि आई थी यहाँ और मैं इसके सामने बैठा था | २० लोगों को मैं छील चूका था अब इसकी बारी थी पर इसको जैसे ही देखा इसके हुस्न ने मुझपर जादू कर दिया | मैंने कहा मैडम “जितनी तुम खूबसूरत हो जाओ जेक भीख मांगो”| उसने कहा क्या !!!! ये क्या बोल रहे हैं सी आप ? मैंने कहा आत्महत्या करने का कीड़ा है तो ज्वाइन कार्लो इस कंपनी को |

वो उठ कर मेनेजर के पास गयी और उसने मेरी शिकायत कर दी | मैं उसके पास गया और कहा क्या यार तुमने भी बस मेरी बात सुनी समझा नहीं | फिर मेनेजर उसे बॉस के पास लेके गया और उसने कहा सर इससे पूछ लीजिये उस लड़के रविश ने क्या कहा | उस लड़की ने पता नहीं क्या सोचा और उसने कहा सर वो कह रहे थे कंपनी बड़ी अच्छी है और आप कल से ही ज्वाइन करलो | मैंने उसकी बात सुनी और अजब वो नीचे चली गयी तो मैंने उसे वहीँ जेक थैंक्स कहा और उसने कहा मैंने आपकी और खुद की दोनों की मदद करदी | फिर उसने अपना हाथ आगे बढाया और कहा दोस्त !!!!! तो मैंने भी कह दिया तुमसे दोस्ती करके मज़ा आएगा | वो अपने घर चली गयी और मैं वापस गांड मरवाने आ गया | जब मैं पहुंचा तो मैनेज का मुंह देखने लायक था साला सब के सामने पोपट बन गया था | धृष्टि की इस हरकत से लगा कि वो बड़ी ही चालाक लड़की है इससे बचके रहना होगा|

वो अगले दिन से ऑफिस आने लगी और हर पल बस मुझसे ही बात करती थी | मेनेजर उससे नाराज़ था इसलिए वो उसे मुश्किल कम देता था और जब उससे नहीं होता था तो वो उसपे चिल्लाता और कहता कैसा टीम लीडर है आपका |  दो तीन बार मैंने ये सुना और उसके बाद मेरे सब्र का बाँध टूट गया और मैंने मेनेजर से कहा सर आपको मुझसे दिक्कत है तो मुझसे बात करिए उसे धृष्टिना मत बनाओ | क्या बताऊँ यार जिस तरह से धृष्टि ने मुझे देखा न मैं बता नहीं सकता | जब सारा तमाशा ख़त्म हो गया तब मुझे बॉस ने कहा देखो आप काम करो और पर्सनल चीज़ें बहार रखो | मैंने कहा सर आज मुझे बहुत बुरा लगा मेरी वजह से धृष्टि को बोला गया | तो बॉस ने कहा कम से कम तुमने हिम्मत दिखाके उसका साथ तो दिया वरना मेनेजर की वजह से हमारे कितने अच्छे अच्छे लोग यहाँ से निकल गए और मेरी पीठ थपथपाने लगे |

धृष्टि भी काफी हल्का फील कर रही थी और उसने कहा चलो नीचे कैफ़े में कॉफ़ी पीते हैं | मैं गया तो वहां कोई नहीं था और धृष्टि ने मुझे तुरंत गले से लगा लिया और कहा कौन हो तुम यार और कौन लगते हो मेरे जो इतना बड़ा काम कर गए मेरे लिए | मैंने कहा अरे पागल रो क्यों रही है | उसने कहा मेरी अच्छे का सभी फायदा उठाते हैं पर तुम सबसे अलग हो | मैंने भी उसे हँसाने के लिए कहा हाँ चलो मैं तुमाहरा फायदा उठा लेता हूँ कोई भी नहीं है यहाँ | उसने मुझे एक हल्का सा थप्पड़ मारा और कहा पागल इंसान मुझे बहुत पसंद हो तुम |

मुझे पहली बार अपनी जिंदगी रंगीन लग रही थी और इसे और भी रंगीन बना दिया था धृष्टि ने | वो एक परी की तरह आई थी मेरी जिंदगी में क्यूंकि उसने सब कुछ मेरे नाम कर दिया था | चाहे वो उसकी खुसी हो या जिंदगी मतलब अब हम दोनों एक दुसरे के बिना रह नहीं पाते थे | मुझे बहुत अच्छा लगता था उसका साथ और वो मुझसे शादी करना चाहती थी | मैंने भी तैयारी कर ली क्यूंकि अब मेरे पास नौकरी भी थी और छोकरी भी | फिर उसने खुद मुझसे कहा सुनो मेरा फायदा नहीं उठाओगे क्या | मैंने कहा क्या अरे यू रेडी ?

उसने कहा पहले शादी करले और मुझे अपने घर ले चल यार यहाँ मन नहीं लगता अब बस सास ससुर की सेवा करनी है और पति से सेवा करवानी है | हमने नौकरी छोड़ दी और घर चले गए वहां नया काम शुरू किया और एक महीने बाद शादी हो गयी हमारी | जिस दिन मेरी पहली रात थी उस दिन मैंने धृष्टि को कहा मैं तुम्हे अपनी निशानी देना चाहता हूँ और इतना बोलते ही उसे इस कदर चूमने लगा जैसे बारिश की बूंदे सूखी ज़मीन को | हम दोनों एक दुसरे में डूब गए थे |

आधे घंटे तक किस करने के बाद मैंने उसके कपडे पूरे उतार दिए थे और वो दुबली थी पर एक चुदाई के बाद उसका फिगर अच्छा हो जाएगा ये मुझे पता था | मैंने अपना लंड उसे दिया और कहा इसे मुह में लो और इससे माल निकालो | उसने वही किया पर ये उसका पहली बार था तो उसने बस मेरा सुपाडा ही अन्दर किया | वो मुझे चूस चूस के बेहाल कर रही थी और १० मिनट बाद मैंने अपना माल उसके मुह के अन्दर ही गिरा दिया | वो मदमस्त हो चुकी थी और मैंने उससे कहा चलो अब मैं तुम्हे कुछ अच्छा सा महसूस करता हूँ | मैंने उसकी चूत चाटी और वो उम्म आआह आआह ऊऊइमा ऊऊमम ऊऊह करने लगी |

फिर मैंने अपना लंड उसके अन्दर डाला तो उसकी चूत से खून निकल आया और वो आआह्ह आआअह आआहह्ह आआह्ह की आवाज़ करने लगी | मैंने उसका मुह दबाया और जब तक उसने चिल्लाना बंद नहीं किया उसे जोर जोर से चोदता गया | उसने फिर मुझसे कहा मेरा माल आने वाला है और इतना कहते ही वो झड़ गयी और जैसे ही उसका माल मेरे लंड पे लगा मैं भी झड़ गया | उसने मुझे गले लगाया और कहा मेरे साथ जो करना है क्र लेना पर कभी छोड़ के मत जाना | मैंने भी उसे कास के गले लगाया और सो गया |