Mastaram.Net

New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

मेरा अब्बा बड़ी बेरहमी से चूत चोदता है

गतांग से आगे …..

अब मेरे हाथ में जिअजा का लौडा फनफनाने लगा। मुझे दोनों लंड बड़ा मज़ा दे रहे थे । अब मैं भी समझ गयी थी की लंड देखने में कैसा होता है । इसके बाद नसीब ने मुझे चित लिटा दिया और मेरी टाँगें फैला दीं । मेरी चूत साफ दिखायी देने लगी । नशीबा ने जीजा का लौडा मेरी बुर के मुह पर रखा और जीजा ने धक्का मारा । लंड चिपक कर घुस गया पहले तो थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फ़िर मज़ा आने लगा ।

मैंने कहा अच्छा नशीबा इसी को चुदवाना कहते है न ? उसने कहा हां लेकिन कई तरीकों से होता है । तुम बस इसी तरह चुदवाती जाओ बाकी सब जल्दी ही सीख जाओगी। मैंने भाई जान और जीजा दोनों से चुदवाया । उनके झड़ते हुए लंड चाते । सच चुदवाने में मज़ा तो बहुत आता है ।

एक घंटे के बाद मेरी चूत में फ़िर कुलबुलाहट होने लगी और चुदासी हो गयी। इतने में ऊपर से आवाज़ आयी अरी नशीबा मैंने तेरे खालू की झांटे बना दी है अब उनका लंड बड़ा दिखाने लगा है। नशीबा ने कहा अच्छा अम्मी । नशीबा ने पूंछा और अब्बा कहाँ है । उसकी माँ ने जबाब दिया वह तुम्हारे अब्बा के लंड की झांटे बना रही है ।

अब मैं समझ गयी की नशीबा अपने अब्बा का लंड पकड़ चुकी है और अपने खालू का भी और शायद चुदवाती भी होगी क्योकि जब खड़ा लंड हाथ में हो तो कौन औरत बगैर चुदवाये रह सकती है? थोड़ी देर में नशीबा मुझे ऊपर ले गयी । मैंने देखा की दो आदमी एकदम नंगे लेते हुए है उनके लंड टन टना रहे है।

ये दोनों लंड उनदोनो लंड से ज्यादा बड़े लग रहे थे। मैंने कहा नशीबा ये कौन है । उसने मेरा हाथ पकड़ कर एक आदमी के लंड पर रखा और कहा ये है मेरे अब्बा अब तुम इनके लंड का मज़ा लो । और बगल के आदमी का लंड पकड़ कर मुझे दिखाते हुए बोली है और यह है मेरे खालू । मेरे पकड़ते ही उसके अब्बा का लौडा लंबा चौड़ा हो गया।

इतना बड़ा हो गया की मेरे हाथ में नही आया मुझे दोनों हाथ से लंड पकड़ना पड़ा । मैंने नाप कर देखा तो पाया की ९’ लंबा लंड और ५१/२’ मोटा लंड साला कैसे फुफकार मर रहा था। तब मुझे नशीबा ने बताया की यह मेरे घर में मेरे मुहल्ले और गांववालों में सबसे बड़ा लौडा है । यहाँ की कोई ऐसी बीवी , लड़की , और औरत नही है जिसने इसका लंड न पकड़ा हो , और जिसने इस लंड से न चुदवाया हो । मेरे अब्बा का लंड बड़ा मशहूर है। औरतें तो जान देती है इस लंड पर।

जब बीवियों की अदला बदली की सामूहिक चुदाई होती है तो सबे ज्यादा नंगी बीवियाँ इनके लौड़े पर ही टूट पड़ती है। मुझे पहले पहेल ही ऐसे लंड को पकड़ने का मौका मिल रहा था । मैं मन ही मन बहुत खुश हो रही थी । उसका अब्बा मेरी चूंचियों को अहिस्ता अहिस्ता दबा रहा था । थोड़ी देर में नशीबा ने कहा नाजिया अब तुम मेरे खालू का लंड पकड़ो और मैं अपने अब्बा पकडती हूँ । मैंने खालू का लंड पकड़ा उसका भी मस्त लौडा था।

मैं पकड़ते पकड़ते चूसने लगी फ़िर मेरी टंगेंगे अपने आप फ़ैल गयी। मेरी चूत एकदम सामने आ गयी। मैंने ख़ुद लंड चूत के मुह पर रखा और कहा अबे खालू भोसड़ी के पेल दे जल्दी से लंड मेरी बुर में । मेरे मुह से गाली सुनकर उन दोनों के लंड और सख्त हो गए । तब मुझे मालूम हुआ की औरतों के मुह से मर्द क्यों गालिया सुनना चाहते है । उसने धक्का मारा लैंड मेरी बुर के अन्दर । मैं तो बिंदास चुदवाने लगी। खालू मादर चोद थोड़ी देर में ही मेरी चूंचियों पर ही झड़ गया मैं चुदासी रह गयी।

मैंने कहा नशीबा बुर चोदी , अपने अब्बा का लौडा मेरी चूत में जल्दी पेल। मेरी बुर अभी चुदासी है। नशीबा ने लैंड पकड़ कर घुसेड दिया मेरी बुर में । मेरी मुह से चीख निकली अब्बे भोसड़ी के अब्बा तेरी माँ की चूत साले इतना बड़ा लौडा एक दम से पेल दिया मेरी छोटी सी बुर में । तेरी बहन की बुर मादर चोद तू जनता नही की छोटी चूत को धीरे धीरे चोदा जाता है ? अनाड़ी है क्या बेटी चोद ? उसने कहा तू साली इतनी देर से बड़े बड़े लौड़े पेलवा रही है और कहती है तेरी चूत छोटी है । दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

अरे तेरी बुर तो घोड़े का लंड ले सकती है । मैंने कहा तेरा लौडा घोड़े से कम नही है । लगता है तेरी माँ ने घोड़े से चुदवाया था तब तू पैदा हुआ । नशीबा बोली अरी नाजिया इसकी माँ ने तो गधे से भी चुदवाया होगा क्यों की यह साला भोसड़ी का मेरा अब्बा बड़ी बेरहमी से चूत चोदता है । मुझे जब चोदता है तो इसी तरह लंड पेल देता है । ऐसी बातें करते करते मैंने खूब जम कर चुदवाया।

दूसरे दिन नशीबा ने कहा नाजिया चल आज तुमको अपनी सहेली जन्नत से मिलवाती हूँ । हम दोनों शाम को उसके घर पहुँच गए । मेरी पहली मुलाकात जन्नत से हुई । बड़ी खूबसूरत लड़की थी जन्नत । बात करते करते नशीबा ने पूंछ लिया आज तुम सवेरे से कितने लंड पकड़ चुकी हो ? जन्नत ने जबाब दिया यार तीन लंड तो हो चुके है एक मामा का लंड , दूसरा मेरी भाभी के भाई जान का लंड और तीसरा मेरे अब्बा का लंड ।

मैंने कहा की क्या तुम अपने अब्बा का लंड पकडती हो ? उसने कहा हां बिल्कुल इसमे बुरा क्या है ? मैंने कहा यार जिस लंड ने तुमको पैदा किया उसी लंड को? उसने कहा यार मेरी माँ को भी नही पता की मुझे किस लंड ने पैदा किया । मेरे अब्बा मेरे असली अब्बा है इसकी क्या गारंटी है । देख मैं सुबह से तीन मर्दों से चुदवा चुकी हूँ अब कोई मर्द मेरे से पैदा हो जाए तो मैं कैसे बता पाऊंगी की बाप कौन है इसलिए हमारे समाज में माँ का पता होता है बाप का नही ।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

loading...

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control