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अगल अलग मर्दों के साथ चुदाई का खेल-2

गतांग से आगे..

दरअसल मैं आपको बताना चाहती हूँ की मेरी शादी ५ साल पहले हुई थी । मैं तो शादी के पहले से ही लन्ड पकड़ना शुरू कर दिया था । शादी के बाद जब इनका लौडा पकड़ा तो मुझे मज़ा आ गया । धीरे धीरे मुझे मालूम हुआ की मेरा हसबैंड परायी बीवियों को चोदने का शौक़ीन है । उसे जिसकी बीवी पसंद आ जाती उसके घर मुझे लेकर चला जाता है और मुझे उसकी गोद में बैठा देता है । फिर उससे कहता है लो यह मेरी बीवी अब तुम्हारी है चाहे इसकी चूंचियां नोचो, चूत चोदो, बुर मारो, गांड मारो, लौडा मुह में पेलो जो चाहो करो लेकिन मैं उसके बदले में तुम्हारी बीवी चोदूंगा । बस इस तरह मैं कई मियां बीवियों के साथ चोदा चोदी कर चुकी हूँ । लेकिन जब मुझे कल मालूम हुआ की आपके हसबैंड लन्ड सबसे बड़ा है मैं अपने आप को रोक नहीं पाई और आज मैं उनसे चुदवाने आयी हूँ । मेरी गुज़ारिश है आप अपने मियां से कहो की वह मुझे चोदें और आप मेरे हसबैंड से चुदवा लें । मेरी चूत चुदासी हो गयी है और मेरे मियां का लौडा अन्दर ही अन्दर खड़ा हो गया है ।

मैंने सोनम के हसबैंड को अपने पास बुलाया और कहा लो पीछे से मेरी ब्रा का हुक खोलो उसने खोल दिया मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां एकदम से उछल कर सामने आ गयी । मैंने चन्दन से कहा लो यार तुम इन चूंचियों को मसलो, चूमो, चाटो, चूसो, और मजे से खेलो । मैंने अपने मियां नरेन्द्रन को बुलाया । उन्होंने मुझे देखा तो सोनम के पास जाकर उसके कपडे खोल कर उसको नंगी कर दिया । उसकी चूंचियां जब बाहर आयीं तो मुझे भी देखने में मज़ा आया । मेरा मियां बोला अरे उर्मिला देखो इसकी चूंचियां भी तुम्हारी चूंचियों जैसी बड़ी बड़ी है ।

अब हमने चन्दन के कपडे उतारने शुरू किये । जब केवल नेकर रह गयी तो मैंने देखा की लौडा इसका भी बड़ा मस्त लगता है । बस, मैंने नेकर उतार दी और खड़े लन्ड को हाथ में लिया । लन्ड और तन कर खड़ा हो गया । मैंने कहा अरे नरेन्द्रन देखो ये तो तुम्हारे लन्ड के बराबर है । यार मज़ा आजायेगा चुदवाने में । मैंने उसको और हिलाया, चूमा, चाटा और मुह में घुसेड कर चूसा जब लन्ड एकदम टन टना गया तो उसकी नाप ली । अरे ये तो ८-१/२ ” का लम्बा और 3″ का चौड़ा निकला । मैं अपने मियां के टक्कर का लन्ड पाकर बड़ी खुश हुई । अब मैं इस लन्ड से खेलने लगी । उधर सोनम ने मेरे मियां का लन्ड दोनों हाथ से पकड़ कर रगड़ रही थी लौडा बढ़ता ही जा रहा था । उसने लन्ड को कई बार चूमा, चाटा, चूसा और मुह में लेकर चूसने लगी । सोनम ने भी मेरे मियां के लन्ड की नाप ली । वह ९”लम्बा और 3-१/२” चौड़ा निकला । जब लौडा मस्त हो गया तो

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सोनम बोली :- उर्मिला, आज मुझे अपने हसबैंड के लन्ड से तगड़ा लन्ड मिला है । अभी तक जितने लन्ड पकडे है वे सब मेरे मियां के लन्ड से थोडा छोटे ही थे । आज मेरी चूत की प्यास बुझेगी ।

अब मैंने चन्दन का लौडा बुर में पेल लिया और चुदवाने लगी । उधर सोनम भी अपनी चूत फैलाकर चुदवाने में जुट गयी । हम दोनों एक दूसरे को चुदवाती हुई देख रहीं थीं । ऐसे ही चन्दन और नरेन्द्रन दोनों एक दूसरे की बीवी चोदते हुए एक दूसरे को देखकर मुस्करा रहे थे । दोनों के लन्ड में जोश था और दोनों की चूत में आग । फिर हमदोनो ने सभी तरीकों से चुदवाया । चूंचियां भी चुदवायीं । और आखिर में हम दोनों ने एक दूसरे के मियां का लन्ड पकड़ कर मुठ्ठ मारी । मुठ्ठ मारने से दोनों लन्ड एक दूसरे की चूंचियों पर झड़ गये । और हम दोनों एक दूसरे के लन्ड चाटने लगे । चुदाई के बाद सोनम बोली हां उर्मिला भाभी, मैंने सही सुना था की आपके मियां का ” लन्ड ” सबसे बड़ा है

“में नरेन्द्रन हूँ । मैंने नये साल में कुछ नया करने के लिए अपना प्रयास शुरू किया और पहुँच गया एक अत्यंत गोपनीय होटल में । मुझे यह जानकर बड़ी ख़ुशी हुई कि वहां की मेनेजर मिसेस कविता चौधरी है । इनकी उम्र लगभग २८ साल की है । मैंने ऐसे ही पूंछ लिया कि आपके होटल में क्या क्या सुविधाएँ है ? उसने कहा आप अपनी च्वाईस बताईये में आपको सब कुछ उपलब्ध करा सकती हूँ । मैंने कहा हम लोग बीवियों कि अदला बदली करनेवाले लोग है कुछ नया करना चाहते है ।

उसने कहा :- ठीक है यदि आप एक ही हाल में एक दूसरे कि बीवियाँ चोदना चाहते है तो इंतजाम हो जायेगा । यदि आप नयी नयी बीवियां चोदना चाहते है और अपनी बीवियों को नये नये लंड से चुदवाना चाहते है तो मैं इंतजाम कर दूँगी । यदि आप कॉलेज की लड़कियां को चोदना चाहते है और अपनी बीवियाँ कॉलेज के लड़कों से चुदवाना चाहते है तो भी व्यवस्था हो जाएगी ।

मैंने कहा :- मुझे कुछ अलग अलग तरीके के लोग चाहिए ।

उसने कहा :- ठीक है यदि आप कहे तो जितनी आपकी बीवियाँ ही उतने किस्म के लंड की व्यवस्था कर दूं और उतनी ही तरह की चूतें दिलवा दूं । यदि आपकी बीवियाँ दोदो लंड से एक साथ चुदवाना चाहें तो उसका भी इंतजाम हो जायेगा । आपको चोदने के लिए घरेलू औरतें मिल जायेंगीं । पढ़ी लिखी बड़े समाज की औरतें या बीवियाँ मिल जाएँगी । काले, गोरे, लम्बे, मोटे, देशी, विदेशी, कटे, अन कटे सभी प्रकार के लंड मिल जायेंगे ।

मैंने कहा :-बुरा न मानो तो में एक बात पूंछूं ?

उसने कहा :- हां बिलकुल पूंछो

मैंने कहा :- मेरा दिल तो तुम पर आ गया है मैडम । तुम्हारी बातें सुनकर मेरा बड़ी देर से खड़ा है ।

उसने कहा :- क्या बड़ी देर से खड़ा है ‘लंड ‘ फिर तो आप सही आदमी है और में इतना कह सकती हूँ तुम्हारा लौडा बड़ा तगड़ा और सख्त होगा ।

मैंने कहा :- आपको कैसे मालूम ?

उसने कहा :- आपकी पैंट का उभार देखकर । अब तो मेरा भी मन तुम्हारे इस लंड पर आ गया है

मैंने कहा :- कविता जी आपके हसबैंड कहाँ ही ?

कविता :- देखिये मुझे जी न कहे में केवल कविता हूँ । मेरे हसबैंड यही ही । वे बीवियों कि अदला बदली में खूब एन्जॉय करते है । तभी तो हमने यह होटल खोला है ।

मैंने कहा :- सुनो , मेरी भी बीवी उर्मिला इसमें बड़ा इंटेरेस्ट लेती है । दरअसल में किसी न किसी कि बीवी कि चूत की खोज में रहता हूँ ओर जब मिल जाती है तो उसके मियां का लंड मेरी बीवी को मिल जाता है । इसी तरह मेरी बीवी किसी न किसी के मियां के लंड की खोज में रहती है ओर जब कोई मिल जाता है तो मुझे उसकी बीवी की चूत मिल जाती है । आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  हम दोनों इस तरह खूब मजा करतें है । मेरी बीवी जितनी सुन्दर है उतनी ही चुदक्कड भी । में यह दावा करता हूँ कि तुम्हारे हसबैंड को प्यार से देगी मेरी बीवी अपनी बुर ।

कविता :- तो फिर मेरा एक सुझाव है कि हम तीन या चार कपल हों ओर सब नये हों तो तब फिर जम कर मजा लिया जाये । मैं दो बिलकुल नये कपल का इंतजाम करती हूँ । दोनों कि बीवियाँ बड़ी बड़ी चूंचियों वाली है कम से कम तीन तीन किलो की तो है ही । उनकी शादी के अभी २ साल हुए है । मुझे मालूम हुआ है कि वे दोनों बहन चोद बड़े बड़े लंड की शौक़ीन है । उनके मियां अपनी बीवियाँ अपने सामने चुदवा चुदवाकर मज़ा लेते है । उनके लौड़े भी मस्त है । मेरे लिए दोनों नये कपल है और तुम्हारे लिए भी ।

मैंने कहा :- ठीक है तो कल शाम का प्रोग्राम रख लीजिये ।

दूसरे दिन शाम को मैं अपनी बीवी उर्मिला के साथ उस होटल में पहुँच गया । एक वातानुकूलित कमरे में हम चारों लोग इकठ्ठा हो गये । गर्मी के दिन थे इसलिए बदन पर कपडे केवल नाम मात्र के लिए ही थे । चार कपल मैं और मेरी बीवी उर्मिला , कविता ओर उसका हसबैंड निगम , फ़िरोज़ ओर उसकी बीवी शबाना तथा विशाल ओर उसकी बीवी वाणी । हम लोग सबसे पहले दारू लेकर बाथ गये । मैंने देखा की चारों बीवियाँ बढचढ कर दारू पी रहीं थी ओर सिगरेट भी । सभी बड़ी बिंदास लग रहीं थी। थोडा थोडा नशा चढ़ने लगा था । चारों हम उम्र , चारों जवान , चारों चोदा चोदी के लिए उत्साहित और चारों बेशरम । पहले इनकी बेशर्मी की बातें सुनिए :-

उर्मिला:- हाय रे ,मैं क्या करूँ इन बहन चोद अपनी चूंचियों को ? ये बुर चोदी जहाँ मौका देखती है उछलने लगती है । अब देखो इनको मालूम हो गया है कि आज इन्हें तीन तीन नये मरद नोचने वाले है तो अभी से भोसड़ी वाली हल्ला मचा रही है कि मुझे बाहर निकालो ।

कविता :- यार, मैं तो वैसे दर्ज़नों लंड पकड़ चुकी हूँ लेकिन जाने क्यों मेरी चूत इस समय कुछ ज्यादा ही चुलबुला रही है । तीन लंड आज इसे चोदेंगें इस ख्याल से बुर चोदी अभी से मचलने लगी है ।

शबाना :- मैं जैसे सिगरेट पीती हूँ वैसे ही लंड भी पीती हूँ । मुझे शराब के साथ लंड पीने में बड़ा मज़ा आता है । आज तीन नये लंड एक साथ मिलेंगें यह सोचकर मेरी चूत क्या मेरी गांड भी फडफड़ाने लगी है ।

वीना :- तेरी माँ की चूत भोसड़ी की मेरी चूंचियों , अभी ये मादर चोद तीन तीन लंड तुम दोनों के बीच घुसेंगे । इनको सालों को बंद करके छिपा लेना । और मेरी बुर चोदी बुर तुम तो इन तीनो लंड को एक एक करके बैगन की तरह भून कर बाहर निकालना ।

निगम :- वाह रे लंड , थोडा सब्र कर , रुक जा , तू तो अभी से पैंट फाड़कर बाहर आना चाहता है । अभी देखो ये गोरी गोरी बुर चोदी गैर मर्दों की बीवियाँ तुमको पकड़ कर बाहर निकलेंगी तब तो तुम्हे मज़ा आ जायेगा न ?

फ़िरोज़ :- अबे मेरे लौड़े मियां बस थोड़ी देर की ओर बात है । मैं जानता हूँ की तू आज बुर चोदने के अलावा इन सबकी गांड भी मारना चाहता है । अरे यार ये परायी बीवियाँ तेरे से खूब मजे से गांड मरवायेंगी । इनके चूतड देखो कितने प्यारे प्यारे हैं

विशाल :-हां मेरे लौड़े दोस्त मैं जानता हूँ की तू विशाल है । आज तूने इन तीनो की चूत फाड़ने की प्रतिज्ञा की है । तू तो फाड़ भी सकता है लेकिन थोडा रुक जा भोसड़ी के इतना उत्पात क्यों मचा रहा है । तू मेरी पैंटमत फाड़ । मैं अभी तुझे चूत दिलवाता हूँ । अरे ये खूबसूरत बीवियाँ तुमको अपनी गोद में, मुह में, चूंचियों के बीच लेने को तैयार है ।

नरेन्द्रन :- आज तो तेरे सभी अरमान पूरे हो जायेंगें मेरे दोस्त मेरे लंड । ये परायी बीवियाँ इतनी चुदक्कड है तुझको अपनी चूत का ऑर चूंचियों का मज़ा भर पूर देंगीं । तू चिंता मत कर मैं जानता हूँ की तू अन्दर ही अन्दर फुफकार मार रहा है पर मैं नहीं ये प्यारी प्यारी बीवियाँ तुमको अपने गोरे गोरे हाथों से पकड़ कर पैंट से बाहर निकालेंगीं ।

इसके बाद किसी को भी अपने ऊपर काबू नहीं रहा । सब एक दूसरे के कपडे खोलने में जुट गये । मैंने सबसे पहले कविता के कपडे उतार फेंकें । उसको एकदम नंगी देख्कर मेरा लौड़ा खूब मजे से टन टना उठा । मैंने उसकी चूंचियां दबोच लीं । चूंचियां इतनी बड़ी बड़ी ओर खूबसूरत थीं कि मेरी आँख उन्हें देखे जा रही थी । मैंने चूंचियों को २०/२१ बार चूमा , खूब दबाया और मसलने का मज़ा लिया । कविता बड़े मजे से चूंचियां मसलवा रही थी । तब एकाएक मेरी नज़र अपनी बीवी उर्मिला के ऊपर पड़ी । मेरी बीवी बड़े प्यार से निगम से अपनी चूंचियां चुसवा रही थी । मैंने शबाना कि और देखा तो मेरा लंड और टन गया । उसकी चूंचियां साली कम न थी । बड़ी और सख्त थीं ।

मैंने मन में सोचा कि अभी आता हूँ बुर चोदो शबाना तेरी चूंची नोचने । उधर वीना भोसड़ी की चूंचियां ऐसे चुसवा रही थी जैसे गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती है । उसकी चूंचियां विशाल चूसने में लगा था । इतने में कविता ने मेरे लंड को अच्छी तरह से पकड़ लिया । लौड़ा फूलता गया और इतना फूल गया की कविता को दूसरा हाथ लगाना पड़ा । उसके हसबैंड का लौड़ा मेरी बीवी उर्मिला सहलाने में जुटी थी । मैंने देखा की निगम का लौड़ा भी शानदार है । उर्मिला ने जब लौड़ा पूरा खड़ा कर लिया तो स्केल से नापने लगी ।

बोली अरे सुनो सब लोग निगम का लौड़ा ८-१/२” लम्बा और 2.5” मोटा है । उधर शबाना बोली देख इधर विशाल का लौड़ा ८” लम्बा और 3”मोटा है । इस मोटे लंड से चुदवाने में मज़ा आएगा यार । वीना बोल पड़ी अरी मेरी बुर चोदी बीवियाँ देखो तो यह कटा लंड कितना सख्त है साला । लम्बा ओ ८” है और चौड़ा 3” है लेकिन खूब कड़क कड़क है । चूत में जाकर तहलका मचा देगा । बाद में कविता बोली कुछ भी हो यार ये नरेन्द्रन का लौड़ा साला सबका सरदार है । लम्बा ९” है मोटा 3.5” का है और खम्भा ऐसा सख्त है । पहले में इससे चुदवाती हूँ फिर तुम सब इससे मजे से चुदवाना । अब चारों बीवियाँ एक दूसरे के मियां का लंड चूसने लगी ।

अब मैंने कविता को बेड पर चित लिटा दिया उसकी टाँगें फैला दी और उनको अपने कधों पर रख लिया अपना लंड चूत के मुह पर अड़ा दिया फिर एक जोर का धक्का मारा लौडा साल गप्प से अन्दर घुस गया । कविता के मुह से चीख निकल पड़ी बोली हाय रे इतना मुस्टंडा लौडा तुमने एक ही बार में पेल दिया । वैसे मेरी चूत बड़े बड़े लंड खा चुकी ही लेकिन आज मालूम पड रहा है कि किसी मरद का लौडा चोद रहा है । कविता को चोदते हुए मुझे बड़ा मज़ा आरहा था । आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  मैंने जब दूसरे की बीवी को चोदते हुए और अपनी बीवी को उसके हसबैंड से चुदवाते हुए देखा तो मेरा लौडा और जोर से टनटना उठा । इसी प्रकार सबके लंड खूब टनटना उठे ।

निगम बोला यार नरेन्द्रन तुम मेरी बीवी को खूब जम कर चोदो । मैंने कहा यार निगम तुम भी मेरी बीवी को खूब जम कर चोदो । उधर विशाल और फ़िरोज़ दोनों ने एक दूसरे से कहा यार पेलो अपना पूरा लंड मेरी बीवी की चूत में और खूब जम कर चोदो । मैंने कविता को पीछे से चोदा, करवट लेलेकर चोदा, लंड पर बैठा कर चोदा, चूंची चोदा और फिर मुठ्ठ मरवाया । उसने लंड का सारा रस पी लिया । ईस तरह पहला दौर ख़तम हुआ ।

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दूसरे दौर में मैं और उर्मिला फ़िरोज़ और शबाना के साथ जुट गये । शबाना चुदवाने में मस्त थी और फ़िरोज़ का लौडा मेरी बीवी को खूब पसंद आया । उधर कविता ने विशाल से चुदवाया और वीना ने निगम से । अंतिम दौर में मैंने वीना को खूब चोदा और उसके मियां ने मेरी बीवी को खूब चोदा । उधर निगम ने शबाना की चुदाई की और फ़िरोज़ ने कविता की । ईस तरह हमने वर्ष २०१६ मनाया । नये साल में मुझे तीन तीन नयी परायी बीवियाँ चोदने को मिली और मेरी बीवी को तीन तीन गैर मर्दों के नये लंड | अब मै जहा रहती हूँ उसी बिल्डिंग में सभी लोगो ने घर खरीद लिया है |

रात को सभी लोग किसी एक के घर में जाकर २ घंटे एक दुसरे से अदल बदल कर चुदाई का खेल खेलते है फिर अपने अपने घर आकर सो जाते है और सुबह सभी के पति अपने अपने ड्यूटी पर चले जाते है और शाम को फिर से चुदाई का खेल खेलते है |

अब आगे फिर कभी बताउंगी कुछ चुदाई की नयी बाते तब तक के लिए विदा चाहती हूँ और एक बात बता दूँ ये कहानी लिखते लिखते मै जब गर्म हो जाती हूँ तो वीणा मेरी चूत रगडती रहती है बोलती है जब गर्म रहोगी तो और मजेदार कहानी लिखोगी और जो पढ़ेगा उसका हाल बुरा हो जाएगा अब हम सभी ग्रुप के औरत और मर्द मस्ताराम.नेट के फैन हो गये है हो भी क्यों ना चुदाई की जो मजेदार कहानियां पढने को मिल जाति है |

तो अब मुझे सोना है क्योकि घर के कुछ काम भी है बाय और थैंक्स फॉर रीडिंग माय स्टोरी प्लीज शेयर करें और पढ़ते रहे मस्ताराम.नेट |

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